क्या सपा नेता अबू आजमी ने सीएम देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर यह मांग की?

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क्या सपा नेता अबू आजमी ने सीएम देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर यह मांग की?

सारांश

सपा नेता अबू आजमी ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर महाराष्ट्र राज्य हज कमेटी में मुख्य कार्यकारी अधिकारी की अवैध नियुक्ति के खिलाफ आवाज उठाई है। जानें उन्होंने क्या कहा।

Key Takeaways

  • अबू आजमी ने सीएम फडणवीस को पत्र लिखा है।
  • पत्र में मुख्य कार्यकारी अधिकारी की अवैध नियुक्ति की शिकायत है।
  • अल्पसंख्यक अधिकारों की रक्षा की आवश्यकता पर जोर।
  • कानूनी दृष्टिकोण से मामला महत्वपूर्ण है।

मुंबई, 20 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता अबू आजमी ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को महाराष्ट्र राज्य हज कमेटी में मुख्य कार्यकारी अधिकारी की कथित अवैध नियुक्ति के संबंध में एक पत्र भेजा है।

पत्र की कॉपी एक्स पर शेयर करते हुए आजमी ने कहा कि उनकी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मांग है कि महाराष्ट्र राज्य हज कमेटी में मुख्य कार्यकारी अधिकारी की अवैध नियुक्ति पर तुरंत ध्यान दिया जाए। यह मुद्दा कानून, संविधान और अल्पसंख्यक संस्थाओं के अधिकारों से संबंधित है। उचित कार्रवाई कर सही व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

पत्र में आजमी ने महाराष्ट्र स्टेट हज कमेटी के कार्यकारी अधिकारी के रूप में मनोज जाधव की नियुक्ति की ओर इशारा करते हुए कहा कि यह गैर-कानूनी है, और इसे हज कमेटी के कानूनी ढांचे का उल्लंघन माना जा सकता है। महाराष्ट्र स्टेट हज कमेटी एक मुस्लिम-केंद्रित कानूनी योजना के तहत बनाई गई है, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि इसका प्रशासन, नीति निर्माण और कार्य इस्लामिक कानून, धार्मिक रीति-रिवाजों और हज यात्रा की आवश्यकताओं के अनुसार हो।

इस अधिनियम में स्पष्ट रूप से यह कहा गया है कि नेतृत्व और आवश्यक प्रशासनिक नियंत्रण उस समिति के सदस्यों में से चुने गए मुस्लिम प्रतिनिधियों के पास होना चाहिए, जो इस्लामिक धार्मिक जिम्मेदारियों और समुदाय की विशेष आवश्यकताओं से अवगत हों। एक गैर-मुस्लिम अधिकारी की नियुक्ति कार्यकारी अधिकारी के रूप में अधिनियम के इरादे, भावना और शब्द का खुला उल्लंघन है, और यह अधिकार का गलत उपयोग है। इस तरह की नियुक्तियां गंभीर संवैधानिक चिंताएं भी पैदा करती हैं और यह भारत के संविधान के आर्टिकल 14, 15(1), 25(1), और 26(ए)-(बी) के तहत मिलने वाली सुरक्षा का उल्लंघन करती हैं, जो समानता, धर्म की स्वतंत्रता और धार्मिक समूहों को अपने मामलों का प्रबंधन करने का अधिकार देती हैं।

इसके अतिरिक्त, कानूनी रूप से आवश्यक मिसालें लगातार इस बात पर जोर देती हैं कि धार्मिक और अल्पसंख्यक संस्थाओं को उनकी कानूनी और संवैधानिक सुरक्षा के अनुसार चलाया जाना चाहिए। इसमें सरकारी हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए। सपा नेता ने पत्र के माध्यम से मांग की है कि महाराष्ट्र स्टेट हज कमेटी के कार्यकारी अधिकारी के रूप में मनोज जाधव की नियुक्ति को रद्द किया जाए और अधिनियम और उसके कानूनी अधिकार के अनुसार, चुने हुए समिति सदस्यों में से एक उचित मुस्लिम प्रतिनिधि को नियुक्त किया जाए।

आजमी ने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि आपके सक्षम नेतृत्व में कानून, संवैधानिक मूल्यों और अल्पसंख्यक अधिकारों के अनुसार न्याय होगा।

Point of View

बल्कि यह अल्पसंख्यक अधिकारों और संविधान की रक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण है। सपा नेता के पत्र से यह स्पष्ट होता है कि कानून और व्यवस्था को बनाए रखने की आवश्यकता है।
NationPress
20/01/2026

Frequently Asked Questions

अबू आजमी ने कौन सा पत्र लिखा है?
अबू आजमी ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को महाराष्ट्र राज्य हज कमेटी में मुख्य कार्यकारी अधिकारी की अवैध नियुक्ति के संबंध में पत्र लिखा है।
पत्र में क्या मांग की गई है?
पत्र में मांग की गई है कि मनोज जाधव की नियुक्ति रद्द की जाए और समिति के चुने हुए मुस्लिम प्रतिनिधि को नियुक्त किया जाए।
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