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क्या 81 प्रतिशत नियोक्ता पीएम-वीबीआरवाई योजना से परिचित हैं?

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क्या 81 प्रतिशत नियोक्ता पीएम-वीबीआरवाई योजना से परिचित हैं?

सारांश

भारत में 81 प्रतिशत नियोक्ता पीएम-वीबीआरवाई योजना के बारे में जानते हैं, लेकिन छोटे व्यवसायों में जागरूकता बहुत कम है। यह योजना रोजगार बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है। जानिए किस प्रकार से यह योजना नियोक्ताओं को लाभ पहुँचा सकती है।

मुख्य बातें

81 प्रतिशत नियोक्ता पीएम-वीबीआरवाई योजना से परिचित हैं।
बड़े संगठनों में जागरूकता 83 प्रतिशत है।
छोटे व्यवसायों में जागरूकता केवल 5.4 प्रतिशत है।
सरकार 15,000 रुपए तक का प्रोत्साहन देती है।
काम के दौरान कर्मचारियों को बनाए रखने के लिए 3,000 रुपए प्रति माह का प्रोत्साहन।

नई दिल्ली, 20 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत में लगभग 81 प्रतिशत नियोक्ता या कंपनियां प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (पीएम-वीबीआरवाई) से वाकिफ हैं। बड़े संगठनों में इस योजना के प्रति जागरूकता सबसे उच्च है, जहां 83 प्रतिशत नियोक्ता इसे जानते हैं। यह जानकारी मंगलवार को स्टाफिंग ग्रुप टीमलीज सर्विसेज द्वारा जारी रिपोर्ट में सामने आई।

हालांकि, रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि स्टार्ट-अप और छोटे व्यवसाय इस योजना से सबसे अधिक लाभ उठा सकते हैं, लेकिन इनमें से केवल 5.4 प्रतिशत नियोक्ता ही इसके बारे में जानते हैं। यह योजना सरकार द्वारा रोजगार सृजन के उद्देश्य से शुरू की गई है।

पीएम-वीबीआरवाई योजना के तहत, सरकार औपचारिक कार्यबल में पहली बार नौकरी पाने वाले और ईपीएफओ में नए रजिस्टर कर्मचारियों को सीधे 15,000 रुपए तक का प्रोत्साहन देती है। यह राशि दो हिस्सों में वितरित की जाती है।

इसके अतिरिक्त, यदि कोई कंपनी नया कर्मचारी रखती है और वह कर्मचारी कम से कम छह महीने तक बना रहता है, तो कंपनी को हर कर्मचारी पर 3,000 रुपए प्रति माह तक का प्रोत्साहन मिलता है।

रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 के दूसरे हिस्से में 56 प्रतिशत कंपनियां अपनी कार्यबल बढ़ाने की योजना बना रही हैं, लेकिन इनमें से केवल 60.4 प्रतिशत ही इस योजना से परिचित हैं।

कुछ सेक्टरों में इस योजना की जानकारी अधिक देखने को मिली है। एफएमसीजी क्षेत्र में 72.2 प्रतिशत और ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में 64.3 प्रतिशत नियोक्ता इस योजना के बारे में जानते हैं।

वहीं, शिक्षा सेवाओं जैसे सेवा क्षेत्र में इसकी जानकारी काफी कम, केवल 33.3 प्रतिशत पाई गई है। इससे यह स्पष्ट है कि सरकार को विभिन्न सेक्टरों में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है।

टीमलीज सर्विसेज के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट बालासुब्रमणियन ए. ने कहा कि लगभग 19 प्रतिशत नियोक्ता अब भी इस योजना से पूरी तरह अनजान हैं। यदि इस जानकारी के अंतर को समाप्त किया जाए, तो कंपनियां अपनी क्षमता बढ़ा सकती हैं, कर्मचारियों को लंबे समय तक बनाए रख सकती हैं, और भविष्य के लिए मजबूत कार्यबल तैयार कर सकती हैं।

इस सर्वे में 23 उद्योगों के 1,200 से अधिक नियोक्ताओं से बातचीत की गई। रिपोर्ट में कहा गया है कि केवल योजना की जानकारी होना ही पर्याप्त नहीं है, क्योंकि कई नियोक्ता जानते हुए भी इसमें भाग लेने के लिए पूरी तरह तैयार नहीं हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, जो नियोक्ता इस योजना से परिचित हैं, वे इसमें शामिल होने का निर्णय तत्काल मिलने वाले पैसे के बजाय दीर्घकालिक कार्यबल योजना को देखकर करते हैं। सबसे बड़ा कारण स्किल डेवलपमेंट को माना गया, जिसे 51.8 प्रतिशत नियोक्ताओं ने प्राथमिकता दी। वहीं, सीधे नौकरी पर मिलने वाले प्रोत्साहन को केवल 18.6 प्रतिशत नियोक्ताओं ने प्राथमिकता दी।

इसके अलावा, 39.7 प्रतिशत नियोक्ताओं ने कहा कि कर्मचारियों को लंबे समय तक बनाए रखने वाले प्रोत्साहन बेहतर कार्यक्षमता के लिए आवश्यक हैं। वहीं, 29.9 प्रतिशत नियोक्ताओं ने कार्यबल को व्यवस्थित करने, नियमों का पालन करने और औपचारिक वित्तीय सुविधाओं तक बेहतर पहुंच को महत्वपूर्ण माना।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि कंपनियों के कंपनसेशन और बेनिफिट्स टीम में इस योजना के बारे में जानकारी सबसे अधिक 71.7 प्रतिशत है। इसके बाद टैलेंट एक्विजिशन पेशेवरों में 68.4 प्रतिशत जागरूकता देखी गई। वहीं, एचआर विशेषज्ञों में यह जानकारी कम, केवल 44.4 प्रतिशत पाई गई।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि सरकार को उद्योगों में पीएम-वीबीआरवाई योजना के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में कदम उठाने चाहिए। यह योजना न केवल रोजगार सृजन में सहायक है, बल्कि विभिन्न उद्योगों की कार्यक्षमता को भी बढ़ा सकती है। यह आवश्यक है कि छोटे और मध्यम व्यवसायों को भी इस योजना का लाभ मिले।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएम-वीबीआरवाई योजना क्या है?
यह योजना नए कर्मचारियों को रोजगार देने और उन्हें बनाए रखने के लिए प्रोत्साहन देने के लिए बनाई गई है।
कौन इस योजना से लाभ उठा सकता है?
बड़े संगठनों के साथ-साथ छोटे व्यवसाय और स्टार्ट-अप भी इस योजना से लाभ उठा सकते हैं।
क्या इस योजना का लाभ सभी नियोक्ताओं के लिए उपलब्ध है?
हाँ, लेकिन जागरूकता की कमी के कारण कई छोटे व्यवसाय इसका लाभ नहीं उठा पा रहे हैं।
इस योजना के तहत कर्मचारियों को कितना प्रोत्साहन दिया जाता है?
सरकार 15,000 रुपए तक का प्रोत्साहन देती है, जो दो हिस्सों में वितरित किया जाता है।
क्या योजना का लाभ उठाने के लिए कोई विशेष शर्तें हैं?
हाँ, नए कर्मचारियों को कम से कम छह महीने तक बनाए रखना अनिवार्य है।
राष्ट्र प्रेस
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