बाजार की पाठशाला: क्या आपका सिबिल स्कोर खराब है? जानें इसे सुधारने के सरल तरीके
सारांश
Key Takeaways
- अपने सिबिल स्कोर की नियमित जांच करें।
- ईएमआई और क्रेडिट कार्ड का समय पर भुगतान करें।
- क्रेडिट उपयोग अनुपात को 30 प्रतिशत से कम रखें।
- बार-बार लोन के लिए आवेदन करने से बचें।
- पुराने क्रेडिट खातों को सक्रिय रखें।
नई दिल्ली, 10 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। वर्तमान समय में यदि आप लोन, क्रेडिट कार्ड या किसी अन्य वित्तीय सेवा की आवश्यकता रखते हैं, तो सबसे पहले बैंक आपका सिबिल (सीआईबीआईएल) स्कोर देखता है। यह एक तीन अंकों का मान होता है, जो 300 से 900 के बीच होता है। यह स्कोर दर्शाता है कि आपने पूर्व में लिए गए लोन या क्रेडिट कार्ड के बिलों का भुगतान कितनी जिम्मेदारी से किया है।
आमतौर पर, 750 या उससे अधिक का सिबिल स्कोर अच्छा माना जाता है, जबकि इससे कम स्कोर होने पर बैंक आपको जोखिम भरा ग्राहक मान सकते हैं। ऐसे में लोन प्राप्त करने में कठिनाई या अधिक ब्याज दर चुकाने की संभावना होती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आपका सिबिल स्कोर खराब है, तो इसका सीधा प्रभाव आपकी वित्तीय साख पर पड़ता है। बैंक और अन्य वित्तीय संस्थान लोन या क्रेडिट कार्ड देने से मना कर सकते हैं, विशेषकर जब स्कोर 650 से नीचे हो। यदि लोन मिल भी जाए, तो बैंक आमतौर पर उच्च ब्याज दर वसूलते हैं।
इसके अतिरिक्त, यदि आपको क्रेडिट कार्ड प्राप्त होता है, तो उसमें क्रेडिट लिमिट कम दी जाती है, जिससे आपकी खर्च करने की क्षमता सीमित हो जाती है। खराब स्कोर के कारण होम लोन या कार लोन लेना भी कठिन हो सकता है, जो आपके बड़े वित्तीय लक्ष्यों को प्रभावित कर सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ मामलों में बीमा कंपनियां भी खराब क्रेडिट स्कोर वाले व्यक्तियों से अधिक प्रीमियम मांग सकती हैं। इसके साथ ही, आपको प्रीमियम क्रेडिट कार्ड, अच्छे रिवॉर्ड्स या विशेष ऑफर भी नहीं मिल पाते। कई बड़ी कंपनियां नौकरी के लिए उम्मीदवारों की क्रेडिट रिपोर्ट भी देखती हैं, इसलिए खराब स्कोर कभी-कभी रोजगार के अवसरों को भी प्रभावित कर सकता है।
यदि आप चाहते हैं कि आने वाले समय में आपको आसानी से लोन और बेहतर वित्तीय सेवाएं मिलें, तो आपका सिबिल स्कोर 700 से ऊपर होना चाहिए। इसके लिए सबसे जरूरी है कि आप लोन की ईएमआई और क्रेडिट कार्ड बिल का भुगतान सदैव समय पर करें।
विशेषज्ञों का कहना है कि सिबिल स्कोर को तुरंत सुधारना संभव नहीं है, लेकिन कुछ सरल आदतों को अपनाकर इसे धीरे-धीरे बेहतर बनाया जा सकता है।
सर्वप्रथम, ईएमआई और क्रेडिट कार्ड बिल का समय पर भुगतान करना आवश्यक है। भुगतान में एक दिन की देरी भी स्कोर को नुकसान पहुंचा सकती है। इसलिए बिल भूलने से बचने के लिए ऑटो-पे की सुविधा का उपयोग करना बेहतर हो सकता है।
दूसरा, आपको अपने क्रेडिट उपयोग अनुपात (सीयूआर) को नियंत्रित रखना चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार, अपनी कुल क्रेडिट सीमा का 30 प्रतिशत से अधिक उपयोग नहीं करना चाहिए। उदाहरण के लिए, अगर आपकी क्रेडिट लिमिट 1 लाख रुपए है, तो प्रयास करें कि 30 हजार रुपए से अधिक खर्च न करें।
तीसरा, बार-बार लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करने से बचें। हर बार आवेदन करने पर बैंक आपकी क्रेडिट रिपोर्ट चेक करता है, जिसे 'हार्ड इन्क्वायरी' कहते हैं, और इससे आपका स्कोर कम हो सकता है।
चौथा, पुराने क्रेडिट खातों को बंद करने से बचें। आपका क्रेडिट इतिहास जितना पुराना होगा, उतना ही आपका स्कोर बेहतर माना जाता है। इसलिए पुराने क्रेडिट कार्ड या लोन अकाउंट को सक्रिय रखना फायदेमंद हो सकता है।
इसके अलावा, समय-समय पर अपनी सिबिल रिपोर्ट की जांच करें। यदि उसमें कोई गलत जानकारी दिखाई देती है, जैसे भुगतान करने के बावजूद बकाया दिखना, तो आप सिबिल की डिस्प्यूट रिजॉल्यूशन प्रक्रिया के माध्यम से उसे ठीक करवा सकते हैं।
सिबिल स्कोर को आमतौर पर तीन श्रेणियों में विभाजित किया जाता है। 750 से 900 के बीच का स्कोर उत्कृष्ट माना जाता है और इस पर लोन मिलना आसान होता है। 650 से 750 के बीच का स्कोर अच्छा माना जाता है, जबकि 300 से 600 के बीच का स्कोर खराब माना जाता है और इस स्थिति में लोन मिलना कठिन हो सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि आपका सिबिल स्कोर बहुत कम है और कोई बैंक आपको क्रेडिट कार्ड नहीं दे रहा है, तो आप फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) के बदले सिक्योर्ड क्रेडिट कार्ड प्राप्त कर सकते हैं। इस कार्ड का जिम्मेदारी से उपयोग करके और समय पर भुगतान करके आप धीरे-धीरे अपना क्रेडिट स्कोर सुधार सकते हैं।