सरकारी बैंकों ने ऑनलाइन क्रेडिट कार्ड लेनदेन में निजी बैंकों को पीछे छोड़ा: विस्तृत रिपोर्ट

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सरकारी बैंकों ने ऑनलाइन क्रेडिट कार्ड लेनदेन में निजी बैंकों को पीछे छोड़ा: विस्तृत रिपोर्ट

सारांश

ऑनलाइन क्रेडिट कार्ड लेनदेन में सरकारी बैंकों ने एक नई ऊँचाई पर पहुँचते हुए निजी बैंकों को पछाड़ दिया है। रिपोर्ट में वृद्धि के विभिन्न पहलुओं को विस्तार से उजागर किया गया है। जानिए इस महत्वपूर्ण बदलाव की पृष्ठभूमि में क्या कारण हैं।

Key Takeaways

  • सरकारी बैंकों की ऑनलाइन क्रेडिट कार्ड लेनदेन में 31.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
  • निजी बैंकों की वृद्धि दर केवल 2.7 प्रतिशत रही।
  • डिजिटल भुगतान की हिस्सेदारी 61 प्रतिशत से अधिक है।
  • बकाया क्रेडिट कार्डों की संख्या 11.7 करोड़ तक पहुँच गई।
  • क्रेडिट कार्ड पर खर्च में 13 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि हुई।

नई दिल्ली, 6 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। जनवरी में ऑनलाइन क्रेडिट कार्ड लेनदेन में सरकारी बैंकों ने निजी बैंकों को पीछे छोड़ने में सफल रहे हैं। इस अवधि में क्रेडिट कार्ड से कुल ऑनलाइन लेनदेन में सालाना आधार पर 7.3 प्रतिशत की वृद्धि देखने को मिली, जबकि सरकारी बैंकों के लिए यह दर 31.5 प्रतिशत और निजी बैंकों के लिए 2.7 प्रतिशत रही। यह जानकारी शुक्रवार को जारी एक रिपोर्ट में दी गई है।

केयरएज की रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि जनवरी 2026 में क्रेडिट कार्ड खर्च में 8.1 प्रतिशत की सालाना वृद्धि के साथ यह 2.05 लाख करोड़ रुपए तक पहुँच गया है।

रिपोर्ट के अनुसार, सरकारी बैंकों ने बकाया कार्डों में 7.1 प्रतिशत की साल-दर-साल वृद्धि दर्ज की है, जो कि निजी बैंकों की तुलना में एक महत्वपूर्ण उछाल है।

कुल क्रेडिट कार्ड लेनदेन में डिजिटल भुगतान की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ रही है, जिसमें ई-कॉमर्स का योगदान 61 प्रतिशत से अधिक है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि समीक्षा अवधि में एसबीआई ग्रुप का कार्ड बेस 7 प्रतिशत बढ़कर 2.19 करोड़ पर पहुँच गया है।

वहीं, विदेशी बैंकों द्वारा जारी किए गए क्रेडिट कार्ड में सालाना आधार पर 6 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है, क्योंकि उनकी रणनीतियाँ प्रीमियम ग्राहकों पर केंद्रित हैं।

हालांकि, रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि विवेकाधीन खरीदारी में साल के अंत में हुई वृद्धि के बाद समग्र वृद्धि में कुछ नरमी के संकेत मिले हैं।

महीने-दर-महीने आधार पर, खर्च में 2.3 प्रतिशत की गिरावट आई है।

रिपोर्ट में कहा गया है, "कुल बकाया क्रेडिट कार्डों की संख्या जनवरी 2025 में 10.9 करोड़ से बढ़कर जनवरी 2026 में 11.7 करोड़ हो गई," जो कि सालाना आधार पर 7.1 प्रतिशत की वृद्धि और पिछले महीने की तुलना में 0.8 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाती है।

इस बीच, जनवरी 2026 में कुल बकाया क्रेडिट कार्ड बैलेंस 2.95 लाख करोड़ रुपए रहा।

निजी क्षेत्र के बैंकों ने 7.6 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि के साथ कार्ड जारी करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाना जारी रखा है, जिसे मजबूत वितरण नेटवर्क और ई-कॉमर्स और फिनटेक प्लेटफॉर्म के साथ सह-ब्रांडेड साझेदारी का समर्थन प्राप्त है।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि वित्त वर्ष 2026 में अब तक क्रेडिट कार्ड पर खर्च में लगभग 13 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि हुई है और यह 19.7 लाख करोड़ रुपए तक पहुँच गया है।

Point of View

NationPress
06/03/2026

Frequently Asked Questions

सरकारी बैंकों की वृद्धि दर क्या है?
जनवरी में सरकारी बैंकों की वृद्धि दर 31.5 प्रतिशत रही है।
निजी बैंकों की तुलना में सरकारी बैंकों की स्थिति कैसी है?
सरकारी बैंकों ने निजी बैंकों को पीछे छोड़ते हुए ज्यादा वृद्धि दर्ज की है।
क्रेडिट कार्ड पर खर्च में क्या वृद्धि हुई है?
क्रेडिट कार्ड पर खर्च में 13 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि हुई है।
डिजिटल भुगतान की हिस्सेदारी कितनी है?
कुल क्रेडिट कार्ड लेनदेन में डिजिटल भुगतान की हिस्सेदारी 61 प्रतिशत से अधिक है।
बकाया क्रेडिट कार्डों की संख्या क्या है?
जनवरी 2026 में बकाया क्रेडिट कार्डों की संख्या 11.7 करोड़ हो गई।
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