जॉन टर्नस के नेतृत्व में एप्पल की भारत में वृद्धि की गति में तेजी की उम्मीद
सारांश
Key Takeaways
- जॉन टर्नस के नेतृत्व में एप्पल की भारत में ग्रोथ तेज होगी।
- भारत एक महत्वपूर्ण उपभोक्ता बाजार बन चुका है।
- टिम कुक ने भारत में एप्पल की पहचान को मजबूत किया।
- भारत में एप्पल का उत्पादन बढ़ रहा है।
- कुक के कार्यकाल में एप्पल का मार्केट कैप बढ़ा।
नई दिल्ली, 21 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। एप्पल के वर्तमान सीईओ टिम कुक, जो सितंबर में अपने पद से इस्तीफा देने वाले हैं, ने एक 4 ट्रिलियन डॉलर की कंपनी के साथ-साथ भारत में एप्पल की एक नई और मज़बूत पहचान भी स्थापित की है। अब उनके उत्तराधिकारी जॉन टर्नस से अपेक्षा की जा रही है कि वे इस दिशा में और प्रगति करेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि टर्नस के नेतृत्व में भारत में एप्पल की रणनीति और भी तेज हो जाएगी। भारत अब सिर्फ एक बड़ा उत्पादन केंद्र नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण उपभोक्ता बाजार भी बन चुका है।
विशेषज्ञों के अनुसार, टिम कुक के कार्यकाल में भारत एप्पल के लिए दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण बाजारों में से एक बना। इसमें उत्पादन, रिटेल विस्तार और तेजी से बढ़ता उपयोगकर्ता आधार शामिल हैं।
उनका कहना है कि भारत एप्पल के लिए एक बड़ा उत्पादन केंद्र और तेजी से बढ़ते बाजार के रूप में अपनी भूमिका निभाता रहेगा, जो कंपनी के वैश्विक विस्तार की अगली कड़ी को निर्धारित करेगा।
काउंटरपॉइंट रिसर्च के रिसर्च डायरेक्टर तरुण पाठक ने कहा कि कुक ने भारत की क्षमता को पहचानने और उसे एप्पल की दीर्घकालिक रणनीति के केंद्र में लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने बताया कि कुक ने न केवल भारत में उत्पादन और रिटेल को बढ़ावा दिया, बल्कि डेवलपर्स और उपयोगकर्ताओं के साथ मजबूत संबंध भी बनाए, जिससे स्थानीय बाजार में एप्पल की पकड़ मजबूत हुई।
पाठक ने यह भी कहा कि टर्नस को इस मजबूत नींव पर आगे बढ़ना होगा, विशेषकर भारत की दीर्घकालिक विकास संभावनाओं को देखते हुए। उनका इंजीनियरिंग बैकग्राउंड और नेतृत्व शैली भारत के युवा और महत्वाकांक्षी उपयोगकर्ताओं को आकर्षित कर सकती है।
साइबरमीडिया रिसर्च (सीएमआर) के वाइस प्रेसिडेंट प्रभु राम ने कहा कि भारत अब एप्पल की वैश्विक सप्लाई चेन रणनीति में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने बताया कि एप्पल अब अपने लगभग एक चौथाई आईफोन भारत में असेंबल करता है, जिससे भविष्य में कंपनी की ग्रोथ में भारत की भूमिका और भी बढ़ेगी, जैसे पहले चीन की थी।
राम ने यह भी कहा कि कुक के कार्यकाल की विशेषता उनके मजबूत कार्यशैली और बदलते हालात के अनुसार खुद को ढालने की क्षमता रही। उन्होंने खासतौर पर चीन पर निर्भरता कम करने और भारत एवं वियतनाम जैसे देशों में उत्पादन बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया।
पद छोड़ने की घोषणा करते हुए कुक, जो 2011 से एप्पल का नेतृत्व कर रहे हैं, ने कहा, "एप्पल का सीईओ होना मेरे जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा है।"
कंपनी के अनुसार, कुक के कार्यकाल में एप्पल का मार्केट कैप लगभग 350 अरब डॉलर से बढ़कर करीब 4 ट्रिलियन डॉलर हो गया है, जबकि कंपनी की वार्षिक आय लगभग चार गुना बढ़कर 416 अरब डॉलर से अधिक हो गई है।
हालांकि, मार्च में कुक ने पद छोड़ने की खबरों को 'अफवाह' बताया और कंपनी का नेतृत्व जारी रखने की बात कही थी।