वैश्विक अनिश्चितता के कारण सोने और चांदी में कमी

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वैश्विक अनिश्चितता के कारण सोने और चांदी में कमी

सारांश

भारत में सोने और चांदी के दाम में गिरावट आई है। इस लेख में जानें इसके पीछे के कारण और वैश्विक बाजार का प्रभाव।

Key Takeaways

  • सोने और चांदी में गिरावट का कारण वैश्विक अनिश्चितता है।
  • डॉलर इंडेक्स में मजबूती का असर कीमतों पर पड़ता है।
  • अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति का ध्यान रखना आवश्यक है।
  • निवेशकों को बाजार की चाल पर नज़र रखनी चाहिए।
  • भविष्य में कीमतें कई कारकों पर निर्भर करेंगी।

मुंबई, 21 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मंगलवार को भारत में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट आई। शुरुआती व्यापार में, दोनों कीमती धातुओं में 0.68 प्रतिशत तक की कमी देखी गई।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सुबह 10:27 बजे, सोने के 5 जून 2026 के कॉन्ट्रैक्ट की कीमत 0.16 प्रतिशत या 243 रुपए की गिरावट के साथ 1,53,700 रुपए पर थी। कारोबार के दौरान, सोने ने 1,53,675 रुपए का न्यूनतम और 1,53,922 रुपए का उच्चतम स्तर देखा।

चांदी के 5 मई 2026 का कॉन्ट्रैक्ट 0.70 प्रतिशत या 1,776 रुपए की कमी के साथ 2,50,769 रुपए पर था। इस दौरान, चांदी ने 2,50,210 रुपए का न्यूनतम और 2,51,222 रुपए का उच्चतम स्तर प्राप्त किया।

अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। सोना 0.43 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 4,807 डॉलर प्रति औंस पर और चांदी 1.44 प्रतिशत की गिरावट के साथ 78.885 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के कमोडिटी एनालिस्ट मानव मोदी ने बताया कि अमेरिका-ईरान संघर्षविराम और आगामी मैक्रो इवेंट्स के प्रति अनिश्चितता के कारण बाजार में सतर्कता का माहौल बना हुआ है, जिसके कारण सोने की कीमतों में हल्की कमी आई है।

उन्होंने कहा कि इस सप्ताह संघर्षविराम समाप्त होने से पहले नई शांति वार्ता संभव होगी या नहीं, इस पर बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। दोनों पक्षों से मिल रहे विरोधाभासी संकेतों ने अस्थिरता को बढ़ा दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने पुष्टि की है कि उपराष्ट्रपति जेडी वैंस के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल वार्ता के लिए पाकिस्तान जाएगा, जबकि ईरानी अधिकारियों ने संकेत दिया है कि जब तक अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी जारी रहेगी, वार्ता की संभावना कम है।

हालांकि, कुछ रिपोर्टों का कहना है कि तेहरान क्षेत्रीय मध्यस्थों के माध्यम से वार्ता में भाग ले सकता है। हाल में हुई सैन्य कार्रवाइयों, जिनमें अमेरिका द्वारा ईरान के झंडे वाले एक जहाज को जब्त करना शामिल है, ने भू-राजनीतिक जोखिमों को बढ़ा दिया है।

सोने और चांदी में गिरावट का एक कारण डॉलर इंडेक्स को माना जा रहा है, जो मजबूत होकर 97.94 पर पहुंच गया है। सामान्यत: जब डॉलर इंडेक्स मजबूत होता है, तो सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट आती है।

Point of View

ताकि निवेशक सही निर्णय ले सकें।
NationPress
22/04/2026

Frequently Asked Questions

सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट का मुख्य कारण क्या है?
सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट का मुख्य कारण वैश्विक अनिश्चितता और मजबूत डॉलर इंडेक्स है।
क्या सोने और चांदी की कीमतें फिर से बढ़ सकती हैं?
हां, यदि बाजार में स्थिरता लौटती है और डॉलर इंडेक्स कमजोर होता है, तो कीमतें बढ़ सकती हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतें कैसे प्रभावित होती हैं?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में राजनीतिक घटनाक्रम और अर्थव्यवस्था के संकेत सोने और चांदी की कीमतों को प्रभावित करते हैं।
क्या भारत में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट का असर होगा?
हां, यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें गिरती हैं, तो इसका असर भारत में भी देखने को मिलेगा।
सोने का भाव भविष्य में कैसा रहेगा?
भविष्य में सोने का भाव कई कारकों पर निर्भर करेगा, जैसे कि वैश्विक अर्थव्यवस्था, राजनीतिक स्थिरता और डॉलर इंडेक्स।
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