एचडीएफसी बैंक में क्रेडिट-डिपॉजिट अंतर बढ़ा, लोन वृद्धि ने जमा को पीछे छोड़ा; १८ अप्रैल को बोर्ड बैठक

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एचडीएफसी बैंक में क्रेडिट-डिपॉजिट अंतर बढ़ा, लोन वृद्धि ने जमा को पीछे छोड़ा; १८ अप्रैल को बोर्ड बैठक

सारांश

एचडीएफसी बैंक ने मार्च तिमाही में कर्ज और जमा के बीच बढ़ते अंतर की सूचना दी है। लोन की वृद्धि डिपॉजिट से तेज है, जिससे बैंक का क्रेडिट-डिपॉजिट रेशियो ऊंचा बना हुआ है। जानें इस वित्तीय स्थिति के बारे में और क्या कदम उठाने की योजना है।

Key Takeaways

  • कर्ज और जमा के बीच अंतर बढ़ रहा है।
  • बैंक की क्रेडिट-डिपॉजिट रेशियो ऊंचा बना हुआ है।
  • बोर्ड बैठक में ऑडिटेड नतीजों की मंजूरी पर चर्चा होगी।
  • बैंक ने गवर्नेंस मामलों को संभालने की योजना बनाई है।
  • आंतरिक सिस्टम को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।

मुंबई, ४ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। एचडीएफसी बैंक ने शनिवार को जानकारी दी है कि मार्च तिमाही में उसके कर्ज (लोन) और जमा (डिपॉजिट) की वृद्धि के बीच का अंतर और बढ़ गया है। लोन की तेज गति के मुकाबले डिपॉजिट की वृद्धि धीमी रही, जिसके परिणामस्वरूप बैंक का क्रेडिट-डिपॉजिट रेशियो ऊंचा बना हुआ है।

एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, ३१ मार्च तक बैंक के कुल कर्ज (ग्रॉस एडवांस) सालाना आधार पर लगभग १७ प्रतिशत बढ़कर लगभग २५ लाख करोड़ रुपए हो गए, जो एक साल पहले लगभग २१.४ लाख करोड़ रुपए थे।

तिमाही आधार पर लोन ग्रोथ मध्यम रही, जिसमें मुख्य रूप से रिटेल और एसएमई सेगमेंट का योगदान रहा, जबकि कॉरपोरेट लोनिंग संतुलित तरीके से जारी रही। इस दौरान रिटेल लोन ने बढ़त में सबसे अधिक योगदान दिया।

दूसरी ओर, बैंक के कुल जमा राशि यानी डिपॉजिट लगभग २३.५ लाख करोड़ रुपए रहे, जो एक साल पहले लगभग २०.५ लाख करोड़ रुपए थे।

हालांकि, डिपॉजिट की वृद्धि लोन के मुकाबले धीमी रही, जिससे क्रेडिट-डिपॉजिट रेशियो करीब १०६-१०८ प्रतिशत के ऊंचे स्तर पर बना रहा।

बैंक को कम लागत वाले डिपॉजिट (सीएएसए) पर भी कुछ दबाव का सामना करना पड़ा। सीएएसए डिपॉजिट की वृद्धि धीमी रही, जिससे सीएएसए रेशियो घटकर लगभग ३७-३८ प्रतिशत रह गया, जो पिछले तिमाही में ३८-३९ प्रतिशत था।

यह दर्शाता है कि कड़े लिक्विडिटी माहौल में सस्ते फंड जुटाना अभी भी चुनौती बना हुआ है।

२४ मार्च की एक अलग फाइलिंग में बैंक ने बताया कि उसका बोर्ड १८ अप्रैल को बैठक करेगा, जिसमें मार्च तिमाही और पूरे वित्त वर्ष के ऑडिटेड नतीजों को मंजूरी दी जाएगी।

इस बैठक में वित्त वर्ष २०२६ के लिए डिविडेंड पर भी विचार किया जाएगा और इसके लिए रिकॉर्ड डेट तय की जाएगी।

विश्लेषकों का मानना है कि आगे के लिए बैंक के लिए सबसे महत्वपूर्ण होगा डिपॉजिट ग्रोथ को तेज करना, सीएएसए बढ़ाना और मार्जिन को स्थिर बनाए रखना।

इस बीच, बैंक कुछ गवर्नेंस से जुड़े मामलों को भी संभाल रहा है। सूत्रों के अनुसार, बैंक ने मार्च में इस्तीफा देने वाले पूर्व नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन अतानु चक्रवर्ती के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने की योजना नहीं बनाई है।

इसके बजाय, बैंक अपने आंतरिक सिस्टम को मजबूत करने पर ध्यान दे रहा है, खासकर थर्ड-पार्टी उत्पादों की बिक्री प्रक्रिया में।

बैंक ने २०१८-१९ में एटी-१ बॉंड की गलत बिक्री (मिस-सेलिंग) के मामले में पहले ही कार्रवाई करते हुए तीन वरिष्ठ अधिकारियों को निलंबित किया है और १२ अन्य कर्मचारियों पर जुर्माना लगाया है।

Point of View

बैंक अपने आंतरिक सिस्टम को मजबूत करने की दिशा में भी कार्यरत है। यह स्थिति बाजार में सकारात्मक संकेत नहीं देती, लेकिन बैंक के प्रबंधन की नीतियाँ महत्वपूर्ण होंगी।
NationPress
07/04/2026

Frequently Asked Questions

एचडीएफसी बैंक के क्रेडिट-डिपॉजिट रेशियो का क्या महत्व है?
क्रेडिट-डिपॉजिट रेशियो बैंक की कर्ज देने की क्षमता और जमा की स्थिति को दर्शाता है। यह बैंक की वित्तीय स्वास्थ्य का एक महत्वपूर्ण संकेतक है।
बोर्ड बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा होगी?
बोर्ड बैठक में मार्च तिमाही के ऑडिटेड नतीजों और वित्त वर्ष २०२६ के डिविडेंड पर चर्चा की जाएगी।
बैंक में जमा की वृद्धि धीमी क्यों है?
बैंक को कम लागत वाले डिपॉजिट पर दबाव का सामना करना पड़ रहा है, जिससे जमा की वृद्धि धीमी हो रही है।
एचडीएफसी बैंक के विकास के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
बैंक डिपॉजिट ग्रोथ को तेज करने, सीएएसए बढ़ाने और मार्जिन को स्थिर रखने के लिए कदम उठा रहा है।
क्या बैंक ने गवर्नेंस से जुड़े मामलों को संभाला है?
हाँ, बैंक गवर्नेंस से जुड़े मामलों को संभाल रहा है और आंतरिक सिस्टम को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
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