क्या पीएम मोदी ने यूएई राष्ट्रपति अल नाहयान और उनके परिवार के भारत दौरे पर खुशी जताई?

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क्या पीएम मोदी ने यूएई राष्ट्रपति अल नाहयान और उनके परिवार के भारत दौरे पर खुशी जताई?

सारांश

प्रधानमंत्री मोदी ने यूएई राष्ट्रपति का गर्मजोशी से स्वागत किया। उनकी यात्रा भारत-यूएई संबंधों को दर्शाती है। जानिए इस यात्रा के महत्व और दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों के बारे में।

Key Takeaways

  • प्रधानमंत्री मोदी ने यूएई राष्ट्रपति का स्वागत किया।
  • भारत और यूएई के बीच संबंधों को मजबूत किया गया।
  • व्यापार को बढ़ाने के लिए नए लक्ष्य निर्धारित किए गए।
  • प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों के बीच महत्वपूर्ण चर्चा हुई।
  • द्विपक्षीय व्यापार 100 बिलियन डॉलर में पहुँच गया है।

नई दिल्ली, 19 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को अपने लोक कल्याण मार्ग स्थित आवास पर संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और उनके परिवार का स्वागत किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि दुबई के क्राउन प्रिंस, संयुक्त अरब अमीरात के उप प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री शेख हमदान बिन मोहम्मद अल मकतूम, शेख हमेद बिन जायद अल नाहयान, संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान, शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, और शेख मोहम्मद बिन हमद बिन तहनून अल नाहयान का स्वागत करते हुए हमें अत्यंत प्रसन्नता हुई।

उन्होंने कहा कि संयुक्त अरब अमीरात के शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के परिवार के सदस्यों की उपस्थिति इस यात्रा को विशेष महत्व देती है। यह भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच अटूट विश्वास और आपसी संबंधों को दर्शाती है और हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी के उज्ज्वल भविष्य में विश्वास को मजबूत करती है।

संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की यात्रा पर विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा कि यूएई के राष्ट्रपति ने अभी-अभी नई दिल्ली की अपनी आधिकारिक यात्रा पूरी की है। यह एक छोटी, लेकिन बहुत महत्वपूर्ण यात्रा थी। एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद उनका स्वागत किया, जो एक खास इशारा है और दोनों नेताओं के बीच बहुत गर्मजोशी भरे और करीबी रिश्तों को दिखाता है। इसके बाद वे एयरपोर्ट से प्रधानमंत्री आवास तक साथ गए, जहां सीमित और फिर बड़े फॉर्मेट में बातचीत हुई, जिसमें प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने एक-दूसरे से बात की। नेताओं की मौजूदगी में कई डॉक्यूमेंट्स का भी आदान-प्रदान हुआ। इस यात्रा का महत्व यूएई के राष्ट्रपति के साथ आए प्रतिनिधिमंडल की बनावट से समझा जा सकता है। इसमें अबू धाबी और दुबई दोनों के शाही परिवारों के सदस्य, और कई वरिष्ठ मंत्री और अधिकारी शामिल थे।

उन्होंने कहा कि व्यापार के मोर्चे पर, 2022 में दोनों देशों के बीच कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट पर साइन होने के बाद से, द्विपक्षीय व्यापार 100 बिलियन डॉलर को पार कर गया है। इसे देखते हुए, दोनों नेताओं ने लक्ष्य को बढ़ाने और 2032 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करके 200 बिलियन डॉलर करने का फैसला किया। यह भी तय किया गया कि एमएसएमई उद्योगों के निर्यात को पश्चिम एशियाई, अफ्रीकी और यूरेशियाई क्षेत्रों में आसान बनाया जाएगा।

Point of View

NationPress
19/01/2026

Frequently Asked Questions

यूएई राष्ट्रपति की यात्रा का मुख्य उद्देश्य क्या था?
यूएई राष्ट्रपति की यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत-यूएई संबंधों को मजबूत करना और व्यापारिक सहयोग को बढ़ावा देना था।
क्या इस यात्रा में कोई महत्वपूर्ण समझौते हुए?
हां, इस यात्रा में दोनों देशों के बीच व्यापार को 2032 तक दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया।
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