क्या झारखंड ने दावोस में वैश्विक कंपनियों के सामने निवेश की संभावनाएं रखीं?
सारांश
Key Takeaways
- झारखंड ने दावोस में निवेश के अवसरों को प्रस्तुत किया।
- मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने वैश्विक कंपनियों से बातचीत की।
- औद्योगिक सहयोग और तकनीकी साझेदारी पर चर्चा हुई।
- महिला नेतृत्व और समावेशिता पर जोर दिया गया।
- राज्य की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में कदम।
दावोस/रांची, 19 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की वार्षिक बैठक के पहले दिन, झारखंड ने निवेश के अवसरों और संभावनाओं को वैश्विक कंपनियों के समक्ष प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य का प्रतिनिधिमंडल ने विभिन्न वैश्विक कंपनियों और संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ निवेश, औद्योगिक सहयोग, और तकनीकी साझेदारी से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की।
पहले दिन की अधिकांश गतिविधियाँ इंडिया पवेलियन और झारखंड लाउंज में सम्पन्न हुईं। टाटा स्टील के उच्च अधिकारियों के साथ बैठक में झारखंड में औद्योगिक निवेश और पर्यावरण-अनुकूल उत्पादन पर विचार विमर्श किया गया। हिताची इंडिया के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा और तकनीकी परियोजनाओं में संभावनाओं पर चर्चा हुई।
साथ ही, टेक महिंद्रा के अधिकारियों के साथ बैठक में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, आईटी क्षेत्र और युवाओं के लिए कौशल विकास पर विमर्श हुआ। इसके अलावा, ब्लूमबर्ग एपीएसी, स्वीडन इंडिया बिजनेस काउंसिल और यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम के प्रतिनिधियों से भी झारखंड के प्रतिनिधिमंडल की बैठक हुई। इन बैठकों में झारखंड में निवेश बढ़ाने, वैश्विक बाजारों से जुड़ाव और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर चर्चा की गई।
विश्व आर्थिक मंच के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में झारखंड की वैश्विक मंचों पर सक्रिय भागीदारी पर चर्चा हुई। महिला राजनीतिक नेताओं के नेटवर्क के साथ बातचीत में समावेशी नेतृत्व और महिलाओं की भागीदारी को विकास से जोड़ने पर जोर दिया गया। पहले दिन प्रतिनिधिमंडल ने विभिन्न वैश्विक तकनीकी पवेलियनों का दौरा किया और नई तकनीकों तथा नवाचारों की जानकारी ली।
राज्य के 25 साल पूरे होने के अवसर पर दावोस में झारखंड की यह भागीदारी सरकार की उस कोशिश के रूप में देखी जा रही है, जिसके तहत राज्य निवेश आकर्षित करना चाहता है और खुद को भविष्य की जरूरतों के लिए एक मजबूत अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करना चाहता है।
सरकार ने बताया कि वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दूसरे दिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री द्वारा आयोजित राउंड टेबल बैठक में भाग लेंगे। इस बैठक में कई कंपनियों के सीईओ और संस्थागत निवेशक भी शामिल होंगे।