5 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

हिमंत बिस्वा सरमा का राहुल गांधी पर हमला: कांग्रेस लोकतंत्र नहीं, अराजकता फैला रही है

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
हिमंत बिस्वा सरमा का राहुल गांधी पर हमला: कांग्रेस लोकतंत्र नहीं, अराजकता फैला रही है

सारांश

असम CM सरमा का कांग्रेस पर सीधा हमला — 'संसद में बहस की हिम्मत नहीं, लोकतंत्र धूमिल करने का ठेका लिया है।' मतदाता सूची SIR विवाद के बीच BJP का 'लोकतंत्र बचाओ' अभियान और विपक्ष का 'वोट बचाओ' आंदोलन — दोनों पक्ष लोकतंत्र की दुहाई दे रहे हैं, लेकिन लड़ाई असल में चुनावी ज़मीन की है।

मुख्य बातें

असम CM हिमंत बिस्वा सरमा ने 5 नवंबर को एक्स पोस्ट में राहुल गांधी और कांग्रेस पर 'राजनीतिक अराजकता' से लोकतंत्र धूमिल करने का आरोप लगाया।
धेमाजी में BJP के 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान को हजारों लोगों ने समर्थन दिया।
कांग्रेस और 'इंडिया' ब्लॉक ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग करते हुए 1 नवंबर को रामलीला मैदान में 'वोट बचाओ, देश बचाओ' रैली की।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष को संसद में SIR पर बहस की खुली चुनौती दी।
सरमा ने बुधवार को बिहार में भी इसी अभियान के मार्च में हिस्सा लिया।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुरुवार, 5 नवंबर 2026 को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और उनकी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस 'राजनीतिक अराजकता' के ज़रिए देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं को जानबूझकर कमज़ोर कर रही है। सरमा ने गुवाहाटी में कहा कि कांग्रेस नेता संसद में बहस करने के बजाय सड़कों पर उतरकर 'लोकतंत्र को धूमिल करने का ठेका' ले रहे हैं।

धेमाजी रैली और 'लोकतंत्र बचाओ' अभियान

मुख्यमंत्री सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि धेमाजी के लोगों ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान का 'खुले दिल' से स्वागत किया। उन्होंने कहा कि हजारों लोगों की भागीदारी यह सिद्ध करती है कि जनता उस रुख का समर्थन करती है जिसके अनुसार असम की शांति और सद्भाव से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा।

सरमा ने अपनी एक्स पोस्ट में सीधे शब्दों में कहा, 'वे संसद में बहस करने से डरते हैं, लेकिन लोकतंत्र को धूमिल करने का ठेका लेकर घूम रहे हैं।' उनके अनुसार, कांग्रेस 'झूठे नैरेटिव' के सहारे राजनीतिक माहौल को बिगाड़ने की कोशिश कर रही है।

विवाद की पृष्ठभूमि: मतदाता सूची पुनरीक्षण विवाद

यह बयान ऐसे समय में आया है जब चुनावी अनियमितताओं और मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) को लेकर BJP और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव चरम पर है। कांग्रेस और 'इंडिया' ब्लॉक के अन्य दलों ने चुनाव आयोग पर 'वोट चोरी' में सहायता करने का आरोप लगाया है और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग की है।

विपक्ष का तर्क है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया से पात्र नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित हो सकते हैं। BJP ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए विपक्ष पर 'गलत जानकारी फैलाने' का पलटवार किया है।

रामलीला मैदान रैली और विपक्ष का प्रदर्शन

1 नवंबर को कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत 'इंडिया' ब्लॉक के कई नेताओं ने दिल्ली के रामलीला मैदान में 'वोट बचाओ, देश बचाओ' रैली में हिस्सा लिया। इस रैली में बड़ी संख्या में समर्थक जुटे और विपक्ष ने चुनाव आयोग पर दबाव बनाने की रणनीति को और तेज़ किया।

गौरतलब है कि सरमा ने बुधवार को बिहार में भी इसी 'लोकतंत्र बचाओ' अभियान के तहत एक मार्च में भाग लिया, जहाँ उन्होंने राहुल गांधी के बार-बार 'वोट चोरी' के आरोपों को 'निराधार' बताया।

अमित शाह की चुनौती

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी गुरुवार को राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने कांग्रेस की 'संस्कृति में व्यवधान डालना और बहिष्कार करना' शामिल कर लिया है। शाह ने विपक्ष को खुली चुनौती दी कि वे सड़क छोड़कर संसद के भीतर मतदाता सूची के SIR पर बहस करें।

यह विवाद अब सत्ताधारी दल और विपक्ष के बीच देशव्यापी राजनीतिक संघर्ष का रूप ले चुका है, जिसमें दोनों पक्ष 'लोकतंत्र की रक्षा' का दावा कर रहे हैं — लेकिन परस्पर विपरीत दिशाओं से। आने वाले दिनों में यह विवाद संसद सत्र में और तीखा होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

आक्रामक तरीके से लड़ना चाहती है। लेकिन विडंबना यह है कि 'संसद में बहस करो' की माँग वही दल कर रहा है जिस पर विपक्ष अतीत में सदन की कार्यवाही बाधित करने के आरोप लगाता रहा है। असली सवाल यह है कि क्या SIR की प्रक्रिया पारदर्शी है — यह बहस जब तक संसद में नहीं होती, तब तक दोनों पक्षों के 'लोकतंत्र बचाओ' के नारे महज़ चुनावी स्थिति-निर्माण बने रहेंगे।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस पर क्या आरोप लगाए?
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 5 नवंबर को एक्स पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस 'राजनीतिक अराजकता और झूठे नैरेटिव' के ज़रिए लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमज़ोर कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता संसद में बहस से डरते हैं लेकिन सड़कों पर 'लोकतंत्र धूमिल करने का ठेका' लेकर चल रहे हैं।
BJP का 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान क्या है?
यह भारतीय जनता पार्टी का जवाबी राजनीतिक अभियान है, जो विपक्ष के 'वोट बचाओ, देश बचाओ' आंदोलन के विरोध में शुरू किया गया है। इस अभियान के तहत BJP नेता देशभर में मार्च और रैलियाँ कर रहे हैं — सरमा ने धेमाजी (असम) और बिहार में इसमें भाग लिया।
मतदाता सूची SIR विवाद क्या है और इस पर दोनों पक्षों का रुख क्या है?
'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) चुनाव आयोग की एक प्रक्रिया है जिसके तहत मतदाता सूचियों को अद्यतन किया जाता है। कांग्रेस और 'इंडिया' ब्लॉक का आरोप है कि इससे पात्र नागरिक मतदान से वंचित हो सकते हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग की है; BJP ने इन आरोपों को निराधार बताया है।
राहुल गांधी की रामलीला मैदान रैली कब हुई और इसकी माँग क्या थी?
1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में 'वोट बचाओ, देश बचाओ' बैनर तले विपक्षी रैली हुई जिसमें राहुल गांधी समेत 'इंडिया' ब्लॉक के कई नेता शामिल हुए। रैली में चुनाव आयोग पर दबाव बनाने और मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया रद्द करने की माँग की गई।
अमित शाह ने विपक्ष को क्या चुनौती दी?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 5 नवंबर को विपक्ष को चुनौती दी कि वे सड़क छोड़कर संसद के भीतर मतदाता सूची के SIR पर चर्चा करें। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने कांग्रेस की 'संस्कृति में व्यवधान डालना और बहिष्कार करना' शामिल कर लिया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 23 घंटे पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले