हिमंत बिस्वा सरमा का राहुल गांधी पर हमला: 'चुनावी हार के बाद मानसिक संतुलन बिगड़ा'
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शुक्रवार, 14 अगस्त को कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि लगातार चुनावी पराजयों के बाद उनका मानसिक संतुलन डगमगा गया है। गुवाहाटी में पत्रकारों से बातचीत के दौरान सरमा ने कहा कि गांधी के हालिया राजनीतिक बयानों में निराशा और असंतुलन साफ झलकता है।
सरमा का सीधा आरोप
सरमा ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'मुझे लगता है कि उनका मानसिक संतुलन बिगड़ गया है। पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में चुनावी हार के बाद विपक्ष के नेता राहुल गांधी का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्व ने 'शालीनता की सारी हदें पार' कर दी हैं।
मेलोनी विवाद और विदेश नीति का सवाल
सरमा की यह टिप्पणी 'रचनात्मक कांग्रेस राष्ट्रीय सम्मेलन' में हुई बातचीत के संदर्भ में आई, जिसमें इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी भी शामिल थीं। सरमा ने कहा कि एक मित्र देश की महिला नेता के बारे में की गई टिप्पणी राजनीतिक रूप से अशोभनीय थी और इससे भारत के विदेशी संबंधों पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के प्रति अनादर को मजाक का विषय बनाना, पार्टी की राजनीतिक संस्कृति की खराब तस्वीर पेश करता है।
अरुणाचल सीमा विवाद की पृष्ठभूमि
यह टकराव ऐसे समय में सामने आया है जब राहुल गांधी ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि चीनी सेना ने भारतीय सैनिकों को अरुणाचल प्रदेश के कुछ इलाकों में गश्त करने से रोका था। केंद्र सरकार ने इस आरोप को निराधार बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया। गौरतलब है कि गांधी हाल के महीनों में लोकतंत्र, चुनाव और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर केंद्र और भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकारों को लगातार निशाना बना रहे हैं।
सरमा-गांधी टकराव का इतिहास
यह पहली बार नहीं है जब सरमा ने गांधी पर इस तरह के तीखे बयान दिए हों। 2026 के असम विधानसभा चुनाव अभियान के दौरान गांधी ने सरमा पर भ्रष्टाचार और नफरत फैलाने के आरोप लगाए थे, जिन्हें सरमा ने खारिज करते हुए पलटवार किया था। अप्रैल में, जब असम सरकार पर राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ शक्तियों के दुरुपयोग का आरोप लगा, तो सरमा ने गांधी को 'सनकी व्यक्ति' करार दिया था।
आगे क्या
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन ताजा बयानों से BJP और कांग्रेस के बीच राजनीतिक खींचतान और तेज होगी, क्योंकि दोनों दल अगले चुनावी चक्र से पहले एक-दूसरे पर हमले तेज कर रहे हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कांग्रेस इन आरोपों का किस रणनीति से जवाब देती है।