क्या गौरव गोगोई मानसिक रूप से पाकिस्तान से जुड़े हैं? : हिमंता बिस्वा सरमा
सारांश
Key Takeaways
- हिमंता बिस्वा सरमा ने गौरव गोगोई पर आरोप लगाया है कि वे पाकिस्तान से जुड़े हैं।
- कांग्रेस की राजनीति में ध्रुवीकरण का आरोप लगाया गया है।
- सरमा ने विकास और कानून व्यवस्था पर ध्यान देने की बात कही है।
- राजनीतिक पर्यवेक्षक इस बहस को महत्वपूर्ण मानते हैं।
गुवाहाटी, 26 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोमवार को राज्य कांग्रेस नेतृत्व पर कड़ी चोट की। उन्होंने कांग्रेस नेता गौरव गोगोई पर आरोप लगाया कि वे मानसिक रूप से पाकिस्तान से प्रभावित हैं।
असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई की हाल की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने यहां पत्रकारों से कहा कि विपक्षी नेता उन्हें कट्टर हिंदू कहने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन कोई ठोस आलोचना पेश करने में असफल रहे।
सरमा ने कहा कि असम कांग्रेस अध्यक्ष मुझे कट्टर हिंदू कहने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन मेरी आलोचना करते समय भी वे केवल पाकिस्तान और उसके नेताओं का उदाहरण दे सकते हैं। उनकी मानसिकता वहीं केंद्रित है।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि ऐसी तुलनाएं असम में कांग्रेस के वैचारिक दिवालियापन और शासन, विकास और जन कल्याण से संबंधित मुद्दों से निपटने में उनकी अक्षमता को उजागर करती हैं।
सरमा की ये टिप्पणियां गोगोई के हालिया बयान के जवाब में आईं, जिसमें कांग्रेस नेता ने मुख्यमंत्री पर समाज को धार्मिक आधार पर बांटने का आरोप लगाया था।
गोगोई ने आरोप लगाया था कि सरमा की राजनीति बेरोजगारी, महंगाई और किसानों की चिंताओं को दूर करने के बजाय ध्रुवीकरण और भय फैलाने पर आधारित है।
सरमा ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व लगातार बाहरी मुद्दों को स्थानीय राजनीति में खींचकर अपनी नाकामियों से ध्यान हटाने का प्रयास करता रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि जब असम की प्रगति के बारे में उनके पास कहने के लिए कुछ नहीं होता, तो वे पाकिस्तान का जिक्र करने लगते हैं। इससे साफ पता चलता है कि उनकी सोच कहां से शुरू होती है।
मुख्यमंत्री ने यह भी दोहराया कि उनकी सरकार का ध्यान विकास, कानून व्यवस्था और असम की सांस्कृतिक पहचान की रक्षा पर केंद्रित है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य की जनता ने बार-बार कांग्रेस की भ्रमित और दिशाहीन राजनीति को खारिज किया है।
राजनीतिक पर्यवेक्षक इस तीखी बहस को राज्य में महत्वपूर्ण राजनीतिक मुकाबलों से पहले सत्ताधारी भाजपा और विपक्षी कांग्रेस के बीच बढ़ते जुबानी जंग के हिस्से के रूप में देखते हैं, जिसमें पाकिस्तान के संदर्भ असम के राजनीतिक विमर्श में बार-बार विवाद का मुद्दा बनते रहते हैं।