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डीएमके का फडणवीस को जवाब, कहा- पार्टी सामाजिक न्याय पर आधारित है, हिंदू-विरोधी नहीं

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डीएमके का फडणवीस को जवाब, कहा- पार्टी सामाजिक न्याय पर आधारित है, हिंदू-विरोधी नहीं

सारांश

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा तमिलनाडु सरकार पर लगाए गए आरोपों के बाद, डीएमके ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि यह पार्टी सामाजिक न्याय के सिद्धांतों पर आधारित है, और हिंदू-विरोधी नहीं है।

मुख्य बातें

डीएमके का उद्देश्य हाशिए पर पड़े हिंदू वर्गों का उत्थान है।
फडणवीस के आरोपों का डीएमके ने खंडन किया है।
द्रविड़ आंदोलन का लक्ष्य सामाजिक न्याय और समानता है।
हिंदुओं का एक बड़ा बहुमत भेदभाव का सामना करता आया है।
डीएमके का कहना है कि वे हिंदू-विरोधी नहीं हैं।

चेन्नई, 6 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा तमिलनाडु सरकार पर 'सनातन-विरोधी' और 'हिंदू-विरोधी' होने का आरोप लगाने के बाद द्रविड़ मुन्नेत्र कजगम (डीएमके) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच राजनीतिक विवाद और बढ़ गया।

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए, डीएमके प्रवक्ता टीकेएस एलंगोवन ने कहा कि डीएमके भारत की एकमात्र पार्टी है जो उन हिंदुओं के लिए बनाई गई थी, जिन्हें उच्च जातियों द्वारा हाशिए पर धकेल दिया गया।

उन्होंने कहा कि डीएमके का उद्देश्य हिंदू समाज के भीतर हाशिए पर पड़े वर्गों को ऊपर उठाना है, खासकर उन लोगों के लिए जो पारंपरिक जाति व्यवस्था के तहत शूद्र और पंचम के रूप में वर्गीकृत किए गए हैं।

एलंगोवन ने बताया कि पार्टी की वैचारिक जड़ें द्रविड़ आंदोलन में निहित हैं, जिसका उद्देश्य दमित समुदायों के लिए शिक्षा, रोजगार और गरिमा सुनिश्चित करना था।

उन्होंने आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि डीएमके की स्थापना उच्च जातियों द्वारा हाशिए पर धकेले गए हिंदुओं के हित में की गई थी। यह हिंदुओं के खिलाफ नहीं है, बल्कि उनके कल्याण के लिए है।

एलंगोवन ने कहा कि हिंदुओं का एक बड़ा बहुमत, जिसे उन्होंने पारंपरिक जाति व्यवस्था के दायरे में 90 प्रतिशत बताया, ऐतिहासिक रूप से भेदभाव का सामना करता आया है। उनके अनुसार, डीएमके की नीतियों का उद्देश्य इन असमानताओं को समाप्त करना है।

उन्होंने बताया कि लगभग एक सदी पहले तमिलनाडु में अस्पृश्यता और सामाजिक बहिष्कार की प्रथाएं आम थीं। दलितों को बसों में यात्रा करने या शिक्षा प्राप्त करने की अनुमति नहीं थी। इस स्थिति को बदलने के लिए द्रविड़ आंदोलन की शुरुआत हुई।

एलंगोवन ने हिंदू-विरोधी होने के आरोप को भी खारिज किया और कहा कि असल में जो लोग हिंदुओं के बहुमत को अछूत मानते हैं, वही हिंदू-विरोधी हैं।

इससे पहले, सीएम फडणवीस ने डीएमके के नेतृत्व वाली तमिलनाडु सरकार की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि यह 'सनातन-विरोधी' और 'हिंदू-विरोधी' है, और हिंदू परंपराओं की अनदेखी कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फडणवीस का आरोप है कि तमिलनाडु सरकार हिंदू विरोधी है, जबकि डीएमके का कहना है कि वे सामाजिक न्याय के सिद्धांतों पर आधारित हैं। यह राजनीतिक संघर्ष दोनों पार्टियों के विचारधाराओं को स्पष्ट करता है।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फडणवीस ने डीएमके पर क्या आरोप लगाया?
फडणवीस ने डीएमके पर 'सनातन-विरोधी' और 'हिंदू-विरोधी' होने का आरोप लगाया है।
डीएमके का मुख्य उद्देश्य क्या है?
डीएमके का मुख्य उद्देश्य हाशिए पर पड़े समुदायों के लिए शिक्षा और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।
क्या डीएमके हिंदू-विरोधी है?
डीएमके ने इस आरोप को खारिज किया है और कहा है कि वे हिंदू कल्याण के लिए काम कर रहे हैं।
द्रविड़ आंदोलन का क्या महत्व है?
द्रविड़ आंदोलन का उद्देश्य तमिल समाज में जातिवाद और भेदभाव का अंत करना है।
राष्ट्र प्रेस
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