ट्रंप का ईरान संघर्ष पर 'युद्ध अपराध' के सवाल पर चौंकाने वाला उत्तर

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ट्रंप का ईरान संघर्ष पर 'युद्ध अपराध' के सवाल पर चौंकाने वाला उत्तर

सारांश

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान संघर्ष में अपने कदमों को लेकर सवाल का जवाब देते हुए केवल 'और क्या?' कहा। यह बयान उनके द्वारा दिए गए अन्य महत्वपूर्ण विचारों के बीच में आया है। जानें इस विवादास्पद विषय पर उनकी और क्या राय है।

Key Takeaways

  • ट्रंप का 'युद्ध अपराध' पर संक्षिप्त उत्तर चौंकाने वाला था।
  • ईरान की सैन्य क्षमताएं कमजोर हो गई हैं।
  • संघर्ष का मुख्य कारण ईरान के परमाणु हथियार हैं।
  • ट्रंप ने ओबामा के समझौते को तोड़ने का महत्व बताया।
  • ईरानी लोग संघर्ष के माध्यम से बदलाव की इच्छा रखते हैं।

वॉशिंगटन, 6 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को व्हाइट हाउस में एक सख्त और चौंकाने वाला बयान दिया। जब उनसे सीधे यह पूछा गया कि क्या ईरान संघर्ष में उनके निर्णय युद्ध अपराध के रूप में माने जा सकते हैं, तो ट्रंप ने बिना किसी संकोच के केवल “और क्या?” कहकर सवाल को टाल दिया।

यह संक्षिप्त उत्तर उस महत्वपूर्ण मुद्दे के बीच आया, जहां ट्रंप ने अमेरिका की जंग का बचाव किया और बार-बार बताया कि अमेरिका इस लड़ाई को क्यों लड़ रहा है।

ट्रंप ने कहा कि यह संघर्ष मुख्य रूप से इसलिए है ताकि ईरान के पास परमाणु हथियार न हों। उन्होंने कहा कि अमेरिका की सैन्य कार्रवाई व्यापक है।

उन्होंने यह भी कहा कि हम एक देश को नष्ट कर रहे हैं, और यह मुझे अच्छा नहीं लगता, लेकिन फिर भी हम इसे कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान नहीं झुकता है, तो युद्ध और बढ़ सकता है। उन्होंने आगे कहा कि ईरान की सैन्य क्षमताएं अब काफी कमजोर हो गई हैं। उनके पास लड़ने की शक्ति नहीं है। कुछ मिसाइलें और ड्रोन बची हैं, लेकिन वास्तव में उनके पास कोई क्षमता नहीं है।

ट्रंप ने यह स्पष्ट किया कि अगर ईरान अमेरिका की मांगों का पालन करता है, तो यह संघर्ष जल्दी समाप्त हो सकता है। उन्हें कुछ आवश्यक कदम उठाने होंगे।

ट्रंप ने मौजूदा संघर्ष को ओबामा-युग की न्यूक्लियर डील से अपने पूर्व निर्णय से जोड़ा। उन्होंने कहा कि यदि हम बराक ओबामा के समझौते को नहीं तोड़ते, तो इजरायल खत्म हो गया होता।

बातचीत के दौरान, ट्रंप से नागरिकों पर प्रभाव और ईरान के अंदर की स्थिति के बारे में भी सवाल किए गए।

उन्होंने दावा किया कि ईरानी लोग चाहते हैं कि संघर्ष जारी रहे, ताकि वहां बदलाव आ सके। जब ईरानी बम धमाकों की आवाज़ें नहीं सुनते, तो वे बेचैन हो जाते हैं। वे बमों की गूंज सुनना चाहते हैं, क्योंकि वे स्वतंत्रता चाहते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि ईरान में विरोध प्रदर्शनों को अत्यंत क्रूरता से दबाया जाता है, और अगर लोग सड़कों पर प्रदर्शन करते हैं, तो उन्हें गोली मारी जाती है।

ये टिप्पणियां एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान आईं, जहां राष्ट्रपति ने युद्ध और अमेरिका की रणनीति के बारे में कई सवालों का जवाब दिया।

Point of View

जहाँ ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका का लक्ष्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम को खत्म करना है। उनके बयान ने वैश्विक सुरक्षा के मुद्दे पर ध्यान आकर्षित किया है।
NationPress
08/04/2026

Frequently Asked Questions

ट्रंप ने ईरान संघर्ष पर क्या टिप्पणी की?
ट्रंप ने कहा कि ईरान के पास परमाणु हथियार न हों, और उन्होंने युद्ध अपराध के सवाल को टाल दिया।
क्या ईरान की सैन्य क्षमताएं कमजोर हुई हैं?
हाँ, ट्रंप ने कहा कि ईरान की सैन्य क्षमताएं काफी कमजोर हो गई हैं और उनके पास लड़ने की शक्ति नहीं है।
ट्रंप ने ओबामा के समझौते के बारे में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि अगर वे ओबामा के समझौते को नहीं तोड़ते, तो इजरायल खत्म हो गया होता।
क्या ईरानी लोग संघर्ष में रुचि रखते हैं?
ट्रंप ने कहा कि ईरानी लोग चाहते हैं कि संघर्ष जारी रहे ताकि वहां बदलाव आ सके।
ईरान में विरोध प्रदर्शनों का क्या हाल है?
ट्रंप ने कहा कि ईरान में विरोध प्रदर्शनों को क्रूरता से दबाया जाता है।
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