काठमांडू में नेपाल अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में शीत्सांग पर आधारित छह फिल्में प्रदर्शित
सारांश
Key Takeaways
- नेपाल अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में शीत्सांग की फिल्में प्रदर्शित की गईं।
- 'स्नो लेपर्ड' ने पुरस्कार जीता।
- 'आई सॉ शीत्सांग' युवाओं की कहानी दर्शाती है।
- महाप्रदर्शन में ४० देशों की फिल्में शामिल थीं।
- दर्शकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
बीजिंग, ८ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। हाल ही में काठमांडू में २०२६ नेपाल अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का आयोजन किया गया, जिसमें महोत्सव के 'बियॉंड शीत्सांग' खंड में चीन के शीत्सांग पर आधारित छह फिल्मों का प्रदर्शन हुआ।
इन फिल्मों में 'स्नो लेपर्ड', 'द पोटाला पैलेस', 'द प्लेटो स्कूल बस', 'पठार पर सूर्योदय', 'राजा गेसर: संघर्ष और कठिनाइयां', और लघु फिल्म 'आई सॉ शीत्सांग' शामिल हैं, जो सैकड़ों नेपाली दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित करने में सफल रही।
फिल्म 'स्नो लेपर्ड', जो दिवंगत निर्देशक पेमा त्सेदेन की एक उत्कृष्ट कृति है, ने टोक्यो के ३६वें अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार जीता था। यह फिल्म पठारी पारिस्थितिकी के संरक्षण और मानव-प्रकृति के सामंजस्यपूर्ण सह-अस्तित्व की कहानी बयां करती है। जब इसकी स्क्रीनिंग हुई, तो १०० से अधिक लोगों की क्षमता वाला सिनेमाघर पूरी तरह से भरा हुआ था।
लघु वृत्तचित्र 'आई सॉ शीत्सांग' नौ युवाओं की शीत्सांग यात्रा के माध्यम से आधुनिक शीत्सांग की खुलापन और जीवंतता, हरित प्रौद्योगिकी, और युवाओं की सक्रियता को दर्शाता है। इस फिल्म की स्क्रीनिंग में २५० से अधिक नेपाली दर्शक शामिल हुए।
अंततः, 'स्नो लेपर्ड' ने 'बियॉंड शीत्सांग' के गैर-प्रतिस्पर्धी खंड में सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार जीता, जबकि 'आई सॉ शीत्सांग' ने दर्शकों के पसंदीदा पुरस्कार को अपने नाम किया। खबरों के अनुसार, इस साल के फिल्म महोत्सव में ४० देशों और क्षेत्रों से लगभग १०० कृतियों का प्रदर्शन किया गया।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)