सीबीआई ने जीएसटी विभाग के सुपरिटेंडेंट और इंस्पेक्टर को रिश्वत लेते किया गिरफ्तार
सारांश
Key Takeaways
- सीबीआई ने जीएसटी विभाग के अधिकारियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
- रिश्वत की मांग और लेन-देन का मामला सामने आया।
- सीबीआई की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति की पुष्टि हुई।
- आम नागरिकों को भ्रष्टाचार की सूचना देने के लिए प्रेरित किया गया।
- यह गिरफ्तारी जीएसटी विभाग में भ्रष्टाचार के मामलों पर नकेल कसने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
नई दिल्ली, 8 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने एक बड़े भ्रष्टाचार मामले में गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) विभाग के एक सुपरिटेंडेंट और एक इंस्पेक्टर को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इन दोनों पर जीएसटी रजिस्ट्रेशन की मंजूरी के लिए रिश्वत मांगने और लेने का आरोप है।
सीबीआई ने 7 अप्रैल 2026 को जीएसटी, रानीपेट रेंज (तमिलनाडु) के सुपरिटेंडेंट के खिलाफ मामला दर्ज किया था। शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपी सुपरिटेंडेंट ने जीएसटी रजिस्ट्रेशन की स्वीकृति के लिए उनसे 30,000 रुपए की रिश्वत मांगी। अंततः, मोलभाव के बाद यह रकम 15,000 रुपए पर तय हुई। आरोपी ने शिकायतकर्ता को 7 अप्रैल को ही 15,000 रुपए देने का निर्देश दिया था।
सीबीआई ने तुरंत जाल बिछाया और आरोपी सुपरिटेंडेंट को 15,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। जाल बिछाने के दौरान यह भी सामने आया कि जीएसटी रानीपेट रेंज के इंस्पेक्टर भी इस मामले में शामिल थे। जब सीबीआई टीम पहुंची, तो आरोपी इंस्पेक्टर ने रिश्वत के नोटों को टॉयलेट के कमोड में छिपा दिया और टीम को देखकर उन्हें फ्लश कर दिया। हालांकि, सीबीआई टीम ने तुरंत टॉयलेट से 15,000 रुपए की रकम बरामद कर ली।
दोनों आरोपियों, सुपरिटेंडेंट और इंस्पेक्टर, को गिरफ्तार कर लिया गया है। सीबीआई अब इस मामले की गहन जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इनके द्वारा और किन-किन मामलों में भ्रष्टाचार किया गया है।
सीबीआई के सूचना अनुभाग ने एक प्रेस रिलीज में बताया कि यह कार्रवाई भ्रष्ट सरकारी अधिकारियों के खिलाफ सीबीआई की जीरो टॉलरेंस नीति को दर्शाती है। सीबीआई भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए लगातार सक्रिय है।
सीबीआई ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें किसी सरकारी अधिकारी द्वारा रिश्वत मांगी जाती है या यदि वे किसी भ्रष्टाचार के मामले का सामना करते हैं, तो वे तुरंत सूचना दें।
यह गिरफ्तारी जीएसटी विभाग में बढ़ते भ्रष्टाचार के मामलों पर नकेल कसने की दिशा में सीबीआई की एक और बड़ी सफलता मानी जा रही है।