सीएम मोहन यादव ने गेहूं खरीदी की व्यवस्था को लेकर कंट्रोल रूम की स्थापना की
सारांश
Key Takeaways
- 9 अप्रैल से मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी शुरू होगी।
- कंट्रोल रूम से खरीदी प्रक्रिया पर निगरानी रखी जाएगी।
- 2585 रुपए प्रति क्विंटल का समर्थन मूल्य तय किया गया है।
- किसानों को 40 रुपए प्रति क्विंटल का बोनस मिलेगा।
- स्वयंसेवी संगठनों से सहयोग की अपील की गई है।
भोपाल, 8 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किसान संगठनों और स्वयंसेवी संगठनों के साथ वर्चुअल संवाद किया। इस चर्चा का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में 9 अप्रैल से आरंभ होने वाली गेहूं खरीद प्रक्रिया को सुचारू बनाना था। मुख्यमंत्री ने गेहूं खरीदी की सुसंगठित व्यवस्था का आश्वासन दिया और कहा कि इस पूरी प्रक्रिया पर नज़र रखने के लिए मुख्यमंत्री आवास पर कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुधवार को किसान और स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों से वर्चुअली जुड़कर गेहूं उपार्जन प्रक्रिया पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिलाने के लिए दृढ़ संकल्पित है।
इस अवसर पर, सीएम ने बताया कि उपार्जन केंद्रों पर हेल्प डेस्क स्थापित किए जा रहे हैं। जिला स्तर पर भी कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय में स्थापित कंट्रोल रूम से सभी व्यवस्थाओं पर निरंतर निगरानी रखी जाएगी। इस दौरान उन्होंने स्वयंसेवी संगठनों से सहयोग की अपील की। सभी कलेक्टर्स और एसडीएम को किसानों के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। केंद्रों पर पम्पलेट और होर्डिंग्स के माध्यम से उपार्जन की जानकारी साझा की जा रही है।
राज्य में गुरुवार से गेहूं खरीद प्रक्रिया शुरू हो रही है। सरकार ने पहले छोटे और सीमांत किसानों की उपज खरीदने का निर्णय लिया है, उसके बाद बड़े किसानों की फसल का उपार्जन किया जाएगा। इस बार गेहूं का समर्थन मूल्य 2585 रुपए प्रति क्विंटल तय किया गया है।
राज्य सरकार ने प्रति क्विंटल 40 रुपए का बोनस देने की घोषणा की है। इस प्रकार, राज्य में गेहूं की खरीद 2625 रुपए प्रति क्विंटल की दर से की जाएगी। गेहूं खरीद की तारीखों में कई बार परिवर्तन किया गया है, जिसके चलते कांग्रेस ने आरोप लगाए हैं। यह भी ध्यान देने योग्य है कि कुछ क्षेत्रों में बारिश और ओले गिरने के कारण किसानों की फसल को नुकसान हुआ है।