मध्य प्रदेश में छोटे किसानों की उपज की होगी प्राथमिकता, गेहूं खरीदी की शुरुआत 9 अप्रैल से
सारांश
Key Takeaways
- गेहूं की खरीदी 9 अप्रैल से शुरू होगी।
- छोटे और सीमांत किसानों की उपज को प्राथमिकता दी जाएगी।
- 19 लाख 4000 किसानों ने पंजीकरण कराया है।
- 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदी जाएगी।
- अंबेडकर जयंती के कार्यक्रम 8 से 14 अप्रैल तक होंगे।
भोपाल, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस) मध्य प्रदेश में गेहूं की खरीदी 9 अप्रैल से आरंभ होगी, जिसमें सबसे पहले छोटे और सीमांत किसानों की उपज का अधिग्रहण किया जाएगा। यह महत्वपूर्ण निर्णय कैबिनेट की बैठक में लिया गया है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की बैठक में गेहूं खरीदी को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मंत्री चैतन्य काश्यप ने जानकारी दी कि राज्य में अंबेडकर जयंती के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित होंगे, जो 8 अप्रैल से 14 अप्रैल तक हर जिले में होंगे।
अंबेडकर जयंती का समारोह हर जिले में होगा, जबकि राज्य स्तरीय समारोह भिंड में आयोजित किया जाएगा। इसके साथ ही, संत रविदास जयंती पर 27 मार्च से 31 मार्च तक सामाजिक समरसता के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मंत्री चैतन्य काश्यप ने कहा कि गेहूं की खरीदी जो पहले 10 अप्रैल से तय थी, अब 9 अप्रैल से शुरू होगी; इसमें छोटे और सीमांत किसानों की उपज को प्राथमिकता दी जाएगी। बड़े किसानों के लिए अलग तारीख दी जाएगी।
उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र सरकार से खरीदी सीमा बढ़ाने का अनुरोध किया गया है। इस वर्ष 19 लाख 4000 किसानों ने पंजीकरण कराया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3.5 लाख अधिक है। राज्य में 3627 उपार्जन केंद्र स्थापित किए गए हैं, और गेहूं की खरीदी 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जाएगी, जिसमें 40 रुपये बोनस राशि शामिल है। सभी जिलों में 9 अप्रैल से गेहूं की खरीदी शुरू हो जाएगी।
मंत्री काश्यप ने बताया कि हाल ही में राज्य को नए फोरलेन की स्वीकृति मिली है, जिसमें सबसे महत्वपूर्ण इटारसी-बैतूल क्षेत्र शामिल है, जहाँ 22 किलोमीटर की सड़क स्वीकृत की गई है। निवाड़ी और झांसी को जोड़ने वाले बाईपास को भी मंजूरी मिली है। हाल ही में 3 अप्रैल को उज्जैन में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें आईआईटी और इसरो के वैज्ञानिकों ने भाग लिया। इस अवसर पर उज्जैन को कई महत्वपूर्ण सौगातें मिली हैं।