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मध्य प्रदेश ने तोड़े सभी रिकॉर्ड: 1.04 करोड़ मीट्रिक टन गेहूं खरीदी, सीएम मोहन यादव बोले — किसान कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकता

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मध्य प्रदेश ने तोड़े सभी रिकॉर्ड: 1.04 करोड़ मीट्रिक टन गेहूं खरीदी, सीएम मोहन यादव बोले — किसान कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकता

सारांश

मध्य प्रदेश ने इस सीजन में 1 करोड़ 4 लाख 31 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीदकर अपने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए और देश में पंजाब के बाद दूसरा स्थान हासिल किया। पहली बार लघु किसानों को भी ₹2,625/क्विंटल की दर से सरकारी खरीदी का लाभ मिला।

मुख्य बातें

मध्य प्रदेश ने 1 करोड़ 4 लाख 31 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीदी कर राज्य का नया कीर्तिमान स्थापित किया।
देशभर में सर्वाधिक किसानों से गेहूं खरीदी; मात्रा में पंजाब के बाद दूसरा स्थान ।
पहली बार लघु और मध्यम श्रेणी के किसानों से लगभग 32.72 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया।
किसानों को ₹2,585 MSP + ₹40 बोनस = कुल ₹2,625 प्रति क्विंटल का भुगतान।
सीएम मोहन यादव ने आने वाले समय में MSP में और बढ़ोतरी का संकेत दिया।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 29 मई 2026 को घोषणा की कि राज्य ने इस सीजन में 1 करोड़ 4 लाख 31 हजार मीट्रिक टन गेहूं की सरकारी खरीदी कर अपने सभी पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। देशभर में सर्वाधिक किसानों से गेहूं खरीदने का श्रेय पाने वाले मध्य प्रदेश ने गेहूं खरीदी की मात्रा में भी पंजाब के बाद दूसरा स्थान हासिल किया है। यादव ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार की किसान कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता अटल है और आने वाले वर्षों में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में और बढ़ोतरी की जाएगी।

खरीदी का नया कीर्तिमान

इस बार मध्य प्रदेश ने राज्य के इतिहास में पहली बार 1 करोड़ 4 लाख 31 हजार मीट्रिक टन गेहूं की सरकारी खरीदी की, जो राज्य के सभी पूर्ववर्ती आँकड़ों से अधिक है। मुख्यमंत्री यादव ने इसे राज्य की कृषि नीति की बड़ी सफलता बताया। गौरतलब है कि देश में गेहूं उत्पादन के परंपरागत गढ़ रहे पंजाब के बाद मध्य प्रदेश का दूसरे स्थान पर आना राज्य की कृषि क्षमता का प्रमाण माना जा रहा है।

लघु और मध्यम किसानों को विशेष लाभ

यादव ने बताया कि इस सीजन में पहली बार राज्य सरकार ने लघु और मध्यम श्रेणी के किसानों से गेहूं खरीदने का निर्णय लिया, जिसके तहत छोटे किसानों से लगभग 32.72 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया। किसानों को ₹2,585 प्रति क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य के साथ ₹40 प्रति क्विंटल बोनस दिया गया, यानी कुल ₹2,625 प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया गया। यह पहल छोटे किसानों को सरकारी खरीदी प्रक्रिया की मुख्यधारा में लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

सरकार की प्रतिक्रिया और भविष्य की योजना

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, 'किसान कल्याण हमारी प्रतिबद्धता है। आने वाले समय में एमएसपी बढ़ती जाएगी और किसान कल्याण के काम तेज होंगे।' उन्होंने यह भी कहा कि गेहूं का इतना उत्पादन होना राज्य के लिए सौभाग्य की बात है। सरकार का संकेत है कि अगले सीजन में खरीदी का दायरा और विस्तृत किया जाएगा।

आम किसान पर असर

इस रिकॉर्ड खरीदी से राज्य के लाखों किसानों को सीधा आर्थिक लाभ मिला है। विशेष रूप से लघु और सीमांत किसान, जो अब तक बड़े पैमाने पर सरकारी खरीदी से वंचित रहते थे, इस बार लाभान्वित हुए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में किसानों की आय दोगुनी करने की चर्चा जोर पकड़ रही है।

आगे क्या

मुख्यमंत्री यादव के बयान से संकेत मिलता है कि आगामी रबी सीजन में भी MSP में बढ़ोतरी और खरीदी का दायरा बढ़ाने की तैयारी है। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि हर वर्ग के किसान को न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ मिले और सरकारी खरीदी प्रक्रिया और पारदर्शी बने।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि क्या खरीदी का यह विस्तार भंडारण क्षमता और समय पर भुगतान की व्यवस्था से मेल खाता है — जो अतीत में कई राज्यों में अड़चन बनी है। लघु किसानों को पहली बार शामिल करना सही दिशा में कदम है, परंतु 32.72 मीट्रिक टन की मात्रा कुल खरीदी के मुकाबले बेहद कम है, जो दर्शाती है कि छोटे किसानों तक पहुँच अभी भी सीमित है। MSP बढ़ाने के वादे तब तक अधूरे हैं जब तक खरीदी केंद्रों की संख्या और पहुँच का विस्तार नहीं होता।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मध्य प्रदेश ने इस सीजन में कितना गेहूं खरीदा?
मध्य प्रदेश ने इस सीजन में 1 करोड़ 4 लाख 31 हजार मीट्रिक टन गेहूं की सरकारी खरीदी की, जो राज्य का अब तक का सबसे बड़ा आँकड़ा है। देश में यह पंजाब के बाद दूसरी सबसे बड़ी खरीदी मात्रा है।
मध्य प्रदेश में गेहूं का MSP और बोनस कितना है?
इस सीजन में किसानों को ₹2,585 प्रति क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य के अतिरिक्त ₹40 प्रति क्विंटल बोनस दिया गया, यानी कुल ₹2,625 प्रति क्विंटल की दर से भुगतान हुआ।
क्या लघु किसानों को भी इस बार सरकारी खरीदी का लाभ मिला?
हाँ, इस सीजन में पहली बार मध्य प्रदेश सरकार ने लघु और मध्यम श्रेणी के किसानों से गेहूं खरीदने का निर्णय लिया। इस पहल के तहत छोटे किसानों से लगभग 32.72 मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की गई।
सीएम मोहन यादव ने MSP को लेकर क्या कहा?
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि आने वाले समय में MSP बढ़ती जाएगी और किसान कल्याण के काम और तेज होंगे। उन्होंने किसान कल्याण को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।
देशभर में सर्वाधिक किसानों से गेहूं खरीदने वाला राज्य कौन सा है?
मुख्यमंत्री मोहन यादव के अनुसार, पूरे देश में सर्वाधिक किसानों से गेहूं खरीदने का रिकॉर्ड मध्य प्रदेश के नाम है। खरीदी की कुल मात्रा के मामले में मध्य प्रदेश पंजाब के बाद दूसरे स्थान पर है।
राष्ट्र प्रेस
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