मध्य प्रदेश में गेहूं खरीद की समय सीमा 28 मई तक बढ़ी, 23 मई तक स्लॉट बुक किसानों को राहत

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मध्य प्रदेश में गेहूं खरीद की समय सीमा 28 मई तक बढ़ी, 23 मई तक स्लॉट बुक किसानों को राहत

सारांश

मध्य प्रदेश सरकार ने गेहूं खरीदी की अंतिम तारीख 23 मई से बढ़ाकर 28 मई कर दी है। खरीदी केंद्रों पर भीड़ और परिचालन अड़चनों के बीच मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किसानों को आश्वस्त किया कि स्लॉट बुक करने वाले हर किसान का गेहूं खरीदा जाएगा। राज्य 100 लाख मीट्रिक टन के रिकॉर्ड लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है।

मुख्य बातें

मध्य प्रदेश सरकार ने गेहूं खरीदी की समय सीमा 23 मई से बढ़ाकर 28 मई 2025 कर दी।
जिन किसानों ने 23 मई तक स्लॉट बुक किया है, उनका गेहूं हर हाल में खरीदा जाएगा।
राज्य सरकार ₹2,625 प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीद रही है।
इस सीज़न का लक्ष्य 100 लाख मीट्रिक टन ; अब तक 91 लाख मीट्रिक टन की खरीदी हो चुकी है।
पिछले वर्ष 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया था — इस बार लक्ष्य उससे 30% अधिक।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस वर्ष को 'किसान कल्याण वर्ष' घोषित किया है।

मध्य प्रदेश सरकार ने 20 मई 2025 को गेहूं खरीदी की अंतिम तारीख बढ़ाने का बड़ा फैसला किया। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुधवार को घोषणा की कि जिन किसानों ने 23 मई तक स्लॉट बुक किया है, उनसे 28 मई 2025 तक गेहूं खरीदा जाएगा। खरीदी केंद्रों पर लंबी कतारों और परिचालन संबंधी दिक्कतों के मद्देनज़र यह निर्णय लिया गया है।

फैसले की वजह

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि कई किसानों को स्लॉट बुकिंग के बावजूद खरीदी केंद्रों पर लंबी प्रतीक्षा और अन्य व्यावहारिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। उन्होंने स्पष्ट किया, 'जिस भी किसान ने सफलतापूर्वक स्लॉट बुक किया है, उसका गेहूं हर हाल में खरीदा जाएगा, इसलिए अंतिम तारीख 23 मई से बढ़ाकर 28 मई की जा रही है।'

यादव ने यह भी माना कि इस सीज़न में वैश्विक परिस्थितियों, भंडारण की कमी, बारदाने की उपलब्धता, खराब मौसम और परिवहन जैसी कई चुनौतियाँ एक साथ सामने आईं। सरकार ने भंडारण क्षमता बढ़ाकर इन बाधाओं से निपटने का दावा किया है।

रिकॉर्ड खरीदी का लक्ष्य

राज्य सरकार ने इस वर्ष को 'किसान कल्याण वर्ष' घोषित किया है। इसी के तहत इस सीज़न में 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदी का रिकॉर्ड लक्ष्य रखा गया है, जो पिछले वर्ष के 77 लाख मीट्रिक टन के आँकड़े से काफी अधिक है। मुख्यमंत्री के अनुसार अब तक 91 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी हो चुकी है, जो यह संकेत देता है कि मध्य प्रदेश अपना ही पुराना रिकॉर्ड तोड़ने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

यादव ने दावा किया कि देश में सर्वाधिक किसानों से गेहूं खरीदने वाला राज्य मध्य प्रदेश बन गया है। गौरतलब है कि राज्य पिछले कई वर्षों से गेहूं खरीदी में अग्रणी भूमिका निभाता आ रहा है।

समर्थन मूल्य और भुगतान

राज्य सरकार फिलहाल किसानों से ₹2,625 प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीद रही है। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि स्लॉट बुकिंग व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित किया जा रहा है ताकि किसानों को खरीदी प्रक्रिया में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

सरकार की प्राथमिकता

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उनकी सरकार किसान, गरीब, महिला और युवा — इन चार वर्गों के कल्याण के लिए निरंतर काम कर रही है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे चिंता न करें और समय पर खरीदी केंद्रों पर पहुँचें। आने वाले दिनों में स्लॉट बुकिंग प्रक्रिया को और अधिक सहज बनाने की दिशा में प्रयास जारी रहेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उस बड़े सवाल को भी उठाता है कि स्लॉट बुकिंग प्रणाली — जो प्रतीक्षा को कम करने के लिए लागू की गई थी — खरीदी केंद्रों पर भीड़ रोकने में क्यों नाकाफी साबित हुई। 91 लाख मीट्रिक टन की खरीदी प्रभावशाली है, लेकिन 100 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य को पूरा करने के लिए अगले कुछ दिनों में भंडारण और परिवहन की चुनौतियाँ और गहरा सकती हैं। असली परीक्षा यह है कि क्या राज्य बिना गुणवत्ता या भुगतान में देरी के इस रिकॉर्ड को पूरा कर पाएगा।
RashtraPress
20 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी की नई अंतिम तारीख क्या है?
मध्य प्रदेश सरकार ने गेहूं खरीदी की समय सीमा बढ़ाकर 28 मई 2025 कर दी है। यह विस्तार केवल उन किसानों के लिए लागू है जिन्होंने 23 मई तक स्लॉट बुक किया है।
किन किसानों को समय सीमा विस्तार का फायदा मिलेगा?
जिन किसानों ने 23 मई 2025 तक सफलतापूर्वक स्लॉट बुक किया है, वे 28 मई तक खरीदी केंद्रों पर अपना गेहूं बेच सकते हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि ऐसे हर किसान का गेहूं हर हाल में खरीदा जाएगा।
मध्य प्रदेश में गेहूं का समर्थन मूल्य कितना है?
राज्य सरकार इस सीज़न में किसानों से ₹2,625 प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीद रही है। यह केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के अनुरूप है।
मध्य प्रदेश का इस सीज़न गेहूं खरीदी का लक्ष्य क्या है?
राज्य सरकार ने इस वर्ष 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदी का रिकॉर्ड लक्ष्य रखा है। अब तक 91 लाख मीट्रिक टन की खरीदी हो चुकी है, जबकि पिछले वर्ष कुल 77 लाख मीट्रिक टन खरीदा गया था।
गेहूं खरीदी की समय सीमा क्यों बढ़ाई गई?
मुख्यमंत्री मोहन यादव के अनुसार खरीदी केंद्रों पर लंबी कतारें, बारदाने की उपलब्धता, खराब मौसम और परिवहन जैसी व्यावहारिक चुनौतियों के कारण कई स्लॉट-बुक किसान समय पर गेहूं नहीं बेच पाए। इन्हीं कठिनाइयों को देखते हुए सरकार ने समय सीमा 28 मई तक बढ़ाने का निर्णय लिया।
राष्ट्र प्रेस
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