मध्य प्रदेश में गेहूं की रिकॉर्ड खरीदारी, 2 करोड़ क्विंटल के विक्रय के लिए स्लॉट बुकिंग: गोविंद सिंह राजपूत
सारांश
मुख्य बातें
भोपाल, 18 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी की प्रक्रिया जारी है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि अब तक 4,61,271 किसानों ने 1,96,92,550 क्विंटल गेहूं बेचने के लिए स्लॉट बुक कराए हैं।
मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के अनुसार, न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 1,36,237 किसानों से 59,48,980 क्विंटल गेहूं की खरीद की जा चुकी है। किसानों को 575 करोड़ 86 लाख रुपए का भुगतान उनके बैंक खातों में किया जा चुका है। किसानों के लिए गेहूं विक्रय के लिए स्लॉट बुक करने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल है।
उन्होंने बताया कि खरीदारी के लिए 3171 उपार्जन केन्द्र स्थापित किए गए हैं। गेहूं की खरीद कार्यालयीन दिनों में होती है। जिन किसानों के सेटेलाइट ई-मेल में मिलान नहीं हो पाए हैं, उन्हें उनके शेष खसरा पर गेहूं की फसल बेचने के लिए स्लॉट बुकिंग की सुविधा दी गई है। उपार्जन केन्द्रों की क्षमता के अनुसार उपज की तौल की जा सके इसके लिए प्रति उपार्जन केन्द्र पर गेहूं विक्रय के लिए स्लॉट बुकिंग की क्षमता 1000 क्विंटल से बढ़ाकर 1500 क्विंटल की गई है।
मंत्री राजपूत ने कहा कि जिन जिलों में गेहूं उपार्जन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, वहां सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। उपार्जन केन्द्रों में छायादार स्थान, पेयजल की समुचित व्यवस्था और अन्य सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं।
उन्होंने बताया कि रबी विपणन वर्ष 2026-27 में किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा घोषित 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित कुल 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का उपार्जन किया जा रहा है। उपार्जित गेहूं का सुरक्षित भंडारण करने की पर्याप्त व्यवस्था की गई है।
मंत्री ने कहा कि प्रदेश में गेहूं उपार्जन के लिए इस वर्ष 19 लाख 4 हजार किसानों ने पंजीकरण कराया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3 लाख 60 हजार अधिक है। पिछले वर्ष लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया गया था, जबकि इस वर्ष 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं के उपार्जन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।