मध्य प्रदेश में 87.71 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद, 12.10 लाख किसानों को ₹2,625 प्रति क्विंटल का लाभ

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मध्य प्रदेश में 87.71 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद, 12.10 लाख किसानों को ₹2,625 प्रति क्विंटल का लाभ

सारांश

मध्य प्रदेश ने चालू रबी सीजन में 12.10 लाख से अधिक किसानों से 87.71 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदकर किसानों को ₹2,625 प्रति क्विंटल की दर से ₹10,19,138 करोड़ का भुगतान किया है। खरीद 23 मई तक जारी रहेगी।

मुख्य बातें

मध्य प्रदेश सरकार ने 12,10,785 पंजीकृत किसानों से 87,71,485 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की।
खरीद दर ₹2,625 प्रति क्विंटल — MSP ₹2,585 + राज्य बोनस ₹40 प्रति क्विंटल।
किसानों को अब तक ₹10,19,138 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है।
75,95,792 मीट्रिक टन गेहूं का खरीद केंद्रों से परिवहन पूरा।
वजन पर्ची का समय रात 10 बजे तक और बिल जारी करने की समय-सीमा आधी रात तक बढ़ाई गई।
खरीद अभियान 23 मई 2026 तक जारी रहेगा।

मध्य प्रदेश सरकार ने चालू रबी खरीद सीजन में 12,10,785 पंजीकृत किसानों से 87,71,485 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद पूरी कर ली है। राज्य के उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने सोमवार, 18 मई को यह जानकारी देते हुए बताया कि खरीद अभियान 23 मई 2026 तक जारी रहेगा और विभाग घंटेवार निगरानी के ज़रिये प्रक्रिया की सुचारुता सुनिश्चित कर रहा है।

खरीद का दायरा और भुगतान

खाद्य विभाग के आँकड़ों के अनुसार, अब तक खरीदे गए 87.71 लाख मीट्रिक टन में से 75,95,792 मीट्रिक टन गेहूं का परिवहन खरीद केंद्रों से किया जा चुका है। किसानों को अब तक ₹10,19,138 करोड़ का भुगतान किया गया है। राज्य सरकार केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹2,585 प्रति क्विंटल के अतिरिक्त ₹40 प्रति क्विंटल राज्य बोनस देकर कुल ₹2,625 प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीद रही है।

किसानों की सुविधा के लिए उठाए गए कदम

मंत्री राजपूत ने बताया कि खरीद केंद्रों पर किसानों की प्रतीक्षा अवधि कम करने के लिए कई व्यावहारिक बदलाव किए गए हैं। वजन पर्ची जारी करने का समय शाम 6 बजे से बढ़ाकर रात 10 बजे कर दिया गया है, जबकि बिल जारी करने की समय-सीमा आधी रात तक विस्तारित की गई है। प्रत्येक केंद्र पर तराजू की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 कर दी गई है और ज़िला प्रशासन को आवश्यकतानुसार इसे और बढ़ाने का अधिकार दिया गया है।

संचालन व्यवस्था

खरीद कार्य सोमवार से शनिवार, सप्ताह में छह दिन संचालित होता है। विभाग द्वारा घंटेवार निगरानी की व्यवस्था यह सुनिश्चित करती है कि केंद्रों पर अनावश्यक भीड़ न जमे और किसानों को समय पर भुगतान मिले। गौरतलब है कि यह खरीद अभियान ऐसे समय में चल रहा है जब देशभर में MSP आधारित खरीद की पारदर्शिता और समयबद्धता पर ध्यान बढ़ा है।

आगे क्या

खरीद की अंतिम तिथि 23 मई 2026 निर्धारित है। शेष पंजीकृत किसानों को इस अवधि में अपनी उपज केंद्रों पर पहुँचाने की सलाह दी गई है। राज्य सरकार का लक्ष्य खरीद समाप्त होने के बाद शीघ्र भुगतान निपटान सुनिश्चित करना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि क्या भुगतान समयबद्ध और पारदर्शी रहा। ₹10,19,138 करोड़ के भुगतान के दावे के साथ यह स्पष्ट नहीं है कि कितने किसानों को 48 घंटे के भीतर सीधे बैंक हस्तांतरण मिला — जो केंद्र सरकार की मानक प्रतिबद्धता है। तराजू बढ़ाना और समय विस्तार जैसे कदम स्वागतयोग्य हैं, परंतु ये प्रतिक्रियात्मक सुधार हैं, न कि संरचनात्मक। जब तक खरीद केंद्रों की भौगोलिक पहुँच और डिजिटल भुगतान की वास्तविक स्थिति सार्वजनिक नहीं होती, ये घोषणाएँ अधूरी तस्वीर पेश करती हैं।
RashtraPress
18 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मध्य प्रदेश में इस रबी सीजन में कितने गेहूं की खरीद हुई?
खाद्य विभाग के अनुसार, मध्य प्रदेश सरकार ने अब तक 12,10,785 पंजीकृत किसानों से 87,71,485 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की है। खरीद अभियान 23 मई 2026 तक जारी रहेगा।
मध्य प्रदेश में गेहूं की खरीद दर क्या है?
राज्य सरकार ₹2,625 प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीद रही है, जिसमें केंद्र सरकार का MSP ₹2,585 प्रति क्विंटल और राज्य बोनस ₹40 प्रति क्विंटल शामिल है।
MP में गेहूं खरीद की अंतिम तिथि क्या है?
उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के अनुसार, गेहूं खरीद की अंतिम तिथि 23 मई 2026 है। इस दौरान खरीद सोमवार से शनिवार, सप्ताह में छह दिन होती है।
किसानों की सुविधा के लिए क्या बदलाव किए गए हैं?
वजन पर्ची जारी करने का समय रात 10 बजे तक और बिल जारी करने की समय-सीमा आधी रात तक बढ़ाई गई है। प्रत्येक केंद्र पर तराजू की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 की गई है और ज़िला प्रशासन को आवश्यकतानुसार और बढ़ाने का अधिकार दिया गया है।
किसानों को अब तक कितना भुगतान किया गया है?
मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के अनुसार, इस खरीद अभियान के तहत अब तक किसानों को ₹10,19,138 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है।
राष्ट्र प्रेस
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