दुबारे हाथी कैंप में हाथियों की लड़ाई: तमिलनाडु की 33 वर्षीय महिला पर्यटक की मौत, पति घायल
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के मडिकेरी जिले स्थित प्रसिद्ध दुबारे हाथी कैंप में सोमवार, 18 मई को एक दर्दनाक हादसे में तमिलनाडु की 33 वर्षीय महिला पर्यटक जिनमू की मौत हो गई, जब दो बंदी हाथी अचानक आपस में भिड़ गए और उनमें से एक हाथी उनके ऊपर गिर पड़ा। इस घटना में उनके पति जोयल गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तत्काल कुशालनगर सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
घटनाक्रम: कैसे हुआ हादसा
पुलिस के अनुसार, यह दंपती सोमवार सुबह दुबारे हाथी कैंप पहुँचा था। शुरुआत में दोनों ने प्रशिक्षित हाथियों के साथ तस्वीरें खिंचवाईं। इसके बाद जब महावत हाथियों को नहलाने के लिए नदी में ले जा रहे थे, तो यह दंपती भी अन्य पर्यटकों के साथ पानी में उतर गया और हाथियों को नहलाने में मदद करने लगा।
तभी दो बंदी हाथी — मार्तंडा और कंजन — अचानक आपस में लड़ने लगे। महावतों ने उन्हें काबू करने की बार-बार कोशिश की, लेकिन हाथी नहीं रुके। अफरा-तफरी के दौरान मार्तंडा जिनमू के ऊपर गिर गया, जिससे उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई।
कंजन का पुराना रिकॉर्ड
सूत्रों के अनुसार, इस घटना में शामिल हाथी कंजन का व्यवहार पहले भी चिंताजनक रहा है। कथित तौर पर उसने मैसूर दशहरा समारोह के दौरान दहशत मचाई थी, जब वह दूसरे हाथी से लड़ाई के बाद मैसूर पैलेस परिसर से बाहर भाग गया था। बताया जाता है कि उसने पहले भी कैंप में अन्य हाथियों पर हमला किया था।
दुबारे कैंप: इको-टूरिज्म का केंद्र
दुबारे हाथी कैंप वह स्थान है जहाँ मैसूर दशहरा के लिए हाथियों को प्रशिक्षित किया जाता है। यह एक लोकप्रिय इको-टूरिज्म गंतव्य है जहाँ सैकड़ों पर्यटक हाथियों के साथ सीधे संपर्क का अनुभव लेते हैं। यह कैंप हाथियों के व्यवहार के अध्ययन का भी एक महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है।
जाँच और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने घटना की जाँच शुरू कर दी है। साथी पर्यटकों और कैंप अधिकारियों ने इस दंपती को पानी से बाहर निकालकर अस्पताल पहुँचाया। विशेषज्ञों का मानना है कि बंदी हाथियों के साथ पर्यटकों की निकटता और सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा अब अनिवार्य हो गई है। यह घटना इको-टूरिज्म स्थलों पर वन्यजीव सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े करती है।