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कोडरमा में जंगली हाथियों के हमले से युवक की हुई हत्या, ग्रामीणों ने किया सड़क जाम

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कोडरमा में जंगली हाथियों के हमले से युवक की हुई हत्या, ग्रामीणों ने किया सड़क जाम

सारांश

कोडरमा में जंगली हाथियों के आतंक से लोग परेशान हैं। एक युवक की मौत के बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया है और मुआवजे की मांग की है। क्या वन विभाग की लापरवाही इस स्थिति का कारण है?

मुख्य बातें

हाथियों का आतंक: कोडरमा में हाथियों ने ग्रामीणों को परेशान किया है।
एक युवक की हत्या: 30 वर्षीय मोहित कुमार की जान चली गई।
सड़क जाम: ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर सड़क जाम किया।
वन विभाग की कार्रवाई: उचित मुआवजे का आश्वासन दिया गया है।
सुरक्षा के उपाय: हाथियों को आबादी से दूर करने के निर्देश दिए गए हैं।

कोडरमा, १९ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड के कोडरमा जिले के सतगावां प्रखंड में जंगली हाथियों के आतंक से परेशान ग्रामीण रविवार को सड़क पर उतर आए हैं। उन्होंने गया-देवघर मुख्य मार्ग को कटैया मोड़ के निकट जाम कर दिया है। ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुआवजे और सुरक्षा की मांग की है।

ग्रामीणों के अनुसार, हाथी लगातार क्षेत्र में आतंक फैला रहे हैं। शनिवार रात को हाथियों के झुंड ने कटैया गांव के पास 30 वर्षीय युवक मोहित कुमार को बेरहमी से जान से मार दिया। मोहित कुमार (पिता शिवनंदन यादव) अपने परिवार का एकमात्र कमाऊ सदस्य था। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले तीन दिनों से हाथियों का झुंड इसी इलाके में घूम रहा है, लेकिन वन विभाग ने उन्हें खदेड़ने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए।

इससे पहले शुक्रवार रात लगभग 11 बजे तीन हाथियों के झुंड ने गजहर गांव में भारी उत्पात मचाया। हाथियों ने संजू देवी नामक महिला के घर का दरवाजा तोड़कर वहां रखा लगभग 10 क्विंटल अनाज चट कर दिया और घर के बर्तन व कपड़े भी बर्बाद कर दिए। परिवार के लोग उस समय दूसरे मकान में सो रहे थे, जिससे कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ। इससे पहले भी कोडरमा के सतगावां, डोमचांच और मरकच्चो के सीमावर्ती इलाकों में पिछले दो महीनों में हाथियों के हमले में पांच से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं।

हाल की घटना के बाद पूरे सतगावां प्रखंड में दहशत का माहौल है और ग्रामीण रात भर जागने को मजबूर हैं। सड़क जाम की सूचना मिलने पर वन विभाग और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि विभाग केवल 'सतर्क रहने' की सलाह देकर अपनी जिम्मेदारी से बच निकलता है। अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को तुरंत सहायता और सरकारी प्रावधानों के तहत उचित मुआवजा देने का आश्वासन दिया है। साथ ही वनरक्षियों को हाथियों को आबादी वाले क्षेत्रों से दूर खदेड़ने के विशेष निर्देश दिए गए हैं। समाचार लिखे जाने तक जाम जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह हमें यह भी सोचने पर मजबूर करती है कि ग्रामीण समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में हमारी जिम्मेदारी कितनी महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या हाथियों ने गांव में नुकसान पहुंचाया है?
हाँ, हाथियों ने कई घरों को नुकसान पहुँचाया है और अनाज को भी बर्बाद किया है।
ग्रामीणों ने क्या कदम उठाए हैं?
ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया है और मुआवजे की मांग की है।
वन विभाग ने क्या कार्रवाई की है?
वन विभाग ने पीड़ित परिवार को सहायता और उचित मुआवजा देने का आश्वासन दिया है।
क्या इस क्षेत्र में पहले भी हाथियों ने हमला किया है?
हाँ, पिछले दो महीनों में हाथियों के हमले में कई लोग मारे जा चुके हैं।
ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
वनरक्षियों को हाथियों को आबादी वाले क्षेत्रों से दूर खदेड़ने के निर्देश दिए गए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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