मणिपुर में कुकी-नागा तनाव: चर्च नेताओं की शांति पहल, CM खेमचंद सिंह ने की सराहना

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मणिपुर में कुकी-नागा तनाव: चर्च नेताओं की शांति पहल, CM खेमचंद सिंह ने की सराहना

सारांश

13 मई की घातक फायरिंग में तीन कुकी चर्च नेताओं की मौत और 40 से अधिक लोगों के बंधक बनाए जाने के बाद, CBCNEI और MBC के प्रतिनिधियों ने CM खेमचंद सिंह से मिलकर कुकी-नागा समुदायों के बीच शांति की कोशिश शुरू की — दो टीमें, दो जिले, एक लक्ष्य।

मुख्य बातें

13 मई 2026 को कांगपोकपी जिले के जीरो प्वाइंट इलाके में अज्ञात उग्रवादियों की फायरिंग में तीन कुकी चर्च नेताओं की मौत, चार घायल ।
हिंसा के बाद 40 से अधिक लोगों को दोनों समुदायों के गुटों ने बंधक बनाया; 14-15 मई को 30 लोगों को रिहा किया गया।
CBCNEI और MBC के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने 18 मई को CM युमनाम खेमचंद सिंह और उपमुख्यमंत्री लोसी डिखो से मुलाकात की।
शांति अभियान के तहत दो टीमें — एक कांगपोकपी , दूसरी सेनापति जिले का दौरा करेंगी।
राज्य सरकार ने मृतकों के परिवारों को अनुग्रह राशि देने का आश्वासन दिया।

मणिपुर के कांगपोकपी और सेनापति जिलों में कुकी और नागा समुदायों के बीच गहराते तनाव के बीच चर्च नेताओं ने 18 मई 2026 को एक महत्वपूर्ण शांति पहल की शुरुआत की। नॉर्थ ईस्ट इंडिया के काउंसिल फॉर बैपटिस्ट चर्चेज (CBCNEI) और मणिपुर बैपटिस्ट कन्वेंशन (MBC) के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह से मुलाकात कर दोनों समुदायों के बीच संवाद की भूमिका निभाने की इच्छा जताई।

हिंसा का पृष्ठभूमि और तनाव की जड़

13 मई को कांगपोकपी जिले के कोटलेन और कोटजिम गाँवों के बीच स्थित जीरो प्वाइंट इलाके में अज्ञात उग्रवादियों ने अंधाधुंध फायरिंग की। इस हमले में कुकी समुदाय से जुड़े तीन चर्च नेताओं की मौत हो गई और चार अन्य लोग घायल हुए। इस घटना के बाद पहाड़ी जिलों में दोनों समुदायों के बीच तनाव और अधिक बढ़ गया।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हिंसा के बाद कांगपोकपी और सेनापति जिलों में दोनों समुदायों के 40 से अधिक लोगों को अलग-अलग गुटों ने बंधक बना लिया था। प्रशासन, समुदाय के नेताओं और सिविल सोसायटी संगठनों के लगातार प्रयासों के बाद 14 और 15 मई को दोनों पक्षों के 30 लोगों को रिहा कर दिया गया।

मुख्यमंत्री से मुलाकात और सरकार की प्रतिक्रिया

सोमवार को हुई इस अहम बैठक में राज्य के उपमुख्यमंत्री और प्रमुख नागा नेता लोसी डिखो भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के एक अधिकारी के मुताबिक, चर्च नेताओं ने स्पष्ट किया कि वे सभी पक्षों से बातचीत कर हालात सामान्य बनाने की कोशिश करेंगे। मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि चर्च नेताओं की सक्रिय भूमिका स्थिति को सामान्य बनाने में बेहद अहम साबित हो सकती है।

सरकार ने चर्च नेताओं को दोनों समुदायों के बीच संवाद जारी रखने और आपसी भरोसा बहाल करने के लिए प्रोत्साहित किया है। साथ ही, मृतकों के परिजनों को अनुग्रह राशि देने का आश्वासन भी दिया गया है।

दो टीमें, दो मोर्चे

CMO अधिकारी के अनुसार, शांति अभियान के तहत चर्च नेताओं की दो अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं। पहली टीम कांगपोकपी जिले का दौरा करेगी जहाँ वह मारे गए तीन चर्च नेताओं के परिवारों से मिलकर संवेदना व्यक्त करेगी और कुकी चर्च नेताओं के साथ तनाव कम करने पर बातचीत करेगी।

दूसरी टीम सेनापति जिले का दौरा करेगी और नागा चर्च नेताओं तथा नागा सिविल सोसायटी संगठनों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर मौजूदा हालात और बंधक संकट पर चर्चा करेगी। चर्च नेताओं ने यह भी कहा कि दोनों पक्षों द्वारा बंधक बनाए गए शेष लोगों को मानवीय आधार पर तत्काल रिहा किया जाना चाहिए।

आगे की राह

यह पहल ऐसे समय में आई है जब मणिपुर में जातीय हिंसा की पृष्ठभूमि पहले से ही संवेदनशील बनी हुई है। गौरतलब है कि राज्य में मई 2023 से जारी जातीय संघर्ष के बाद यह एक नई परत है जिसमें कुकी और नागा — दोनों पहाड़ी समुदाय — आमने-सामने हैं। चर्च संस्थाओं की मध्यस्थता की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि दोनों समुदायों में बंधक संकट का पूर्ण समाधान कितनी जल्दी हो पाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन बंधक संकट का अधूरा समाधान — 40 में से केवल 30 की रिहाई — यह बताता है कि ज़मीनी विश्वास अभी भी नाज़ुक है। असली परीक्षा यह है कि क्या यह धार्मिक कूटनीति राजनीतिक इच्छाशक्ति के अभाव में भी टिकाऊ परिणाम दे सकती है, जबकि केंद्र सरकार की मणिपुर नीति पर सवाल अभी भी अनुत्तरित हैं।
RashtraPress
19 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मणिपुर में कुकी-नागा तनाव की वजह क्या है?
13 मई 2026 को कांगपोकपी जिले के जीरो प्वाइंट इलाके में अज्ञात उग्रवादियों ने फायरिंग की, जिसमें तीन कुकी चर्च नेताओं की मौत हो गई और चार लोग घायल हुए। इस घटना के बाद पहाड़ी जिलों में कुकी और नागा समुदायों के बीच तनाव तेज़ी से बढ़ गया।
चर्च नेताओं की शांति पहल में क्या शामिल है?
CBCNEI और MBC के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने CM खेमचंद सिंह से मुलाकात कर दोनों समुदायों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाने की इच्छा जताई। दो अलग टीमें — एक कांगपोकपी और दूसरी सेनापति जिले का दौरा करेंगी और दोनों समुदायों के नेताओं से बातचीत करेंगी।
बंधक संकट का अब तक क्या हुआ?
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, 13 मई की हिंसा के बाद कांगपोकपी और सेनापति जिलों में 40 से अधिक लोगों को बंधक बनाया गया था। 14 और 15 मई को प्रशासन और सिविल सोसायटी के प्रयासों से 30 लोगों को रिहा किया गया, जबकि शेष लोगों की रिहाई अभी बाकी है।
राज्य सरकार ने इस मामले में क्या कदम उठाए हैं?
CM युमनाम खेमचंद सिंह ने चर्च नेताओं की पहल का समर्थन किया और उन्हें संवाद जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया। सरकार ने मारे गए तीन चर्च नेताओं के परिवारों को अनुग्रह राशि देने का आश्वासन भी दिया है।
इस शांति पहल में उपमुख्यमंत्री लोसी डिखो की क्या भूमिका है?
उपमुख्यमंत्री लोसी डिखो, जो एक प्रमुख नागा नेता हैं, 18 मई की बैठक में CM के साथ उपस्थित रहे। नागा समुदाय के प्रतिनिधि होने के नाते उनकी उपस्थिति इस पहल को दोनों पक्षों की स्वीकार्यता दिलाने में अहम मानी जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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