महाराष्ट्र स्वास्थ्य सेवाएं: CM फडणवीस ने आयुष्मान मंदिर, क्रिटिकल केयर ब्लॉक की समयबद्ध पूर्णता के दिए निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 19 मई 2025 को मुंबई में स्वास्थ्य विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्यभर में आयुष्मान आरोग्य मंदिर, क्रिटिकल केयर ब्लॉक और एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं का निर्माण तय समयसीमा में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करना अब सर्वोच्च प्राथमिकता है, ताकि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के लोगों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं सुलभ हो सकें।
मुख्य घटनाक्रम
यह बैठक मुख्यमंत्री वॉर रूम की निगरानी व्यवस्था के तहत आयोजित की गई, जिसे सामाजिक क्षेत्र की योजनाओं की समीक्षा के लिए विशेष रूप से स्थापित किया गया है। बैठक में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत स्वास्थ्य अवसंरचना सुदृढ़ीकरण, प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन, नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना और एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान से जुड़े लंबित कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।
फडणवीस ने कहा, 'केंद्र सरकार से मिलने वाली राशि का समय पर उपयोग होना जरूरी है। इसलिए सभी जिलाधिकारियों को इन निर्माण कार्यों की व्यक्तिगत निगरानी करनी चाहिए। शुरुआत में देरी हुई थी, लेकिन अब जिलों का प्रदर्शन संतोषजनक है।'
सरकार की प्राथमिकताएं
मुख्यमंत्री ने बताया कि तमिलनाडु समेत कई राज्यों की स्वास्थ्य व्यवस्था का गहन अध्ययन करने के बाद महाराष्ट्र के लिए एक विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है। उन्होंने अधिकारियों को मॉड्यूलर तकनीक अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया, जिससे बेहतर गुणवत्ता के साथ समयबद्ध निर्माण सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने पुणे के एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में हुए सफल बदलाव का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे नवाचार राज्य के अन्य हिस्सों में भी अपनाए जाने चाहिए। फडणवीस ने कहा, 'लंबित परियोजनाओं में विभागों के बीच समन्वय की कमी नहीं होनी चाहिए। सकारात्मक प्रशासनिक सोच के साथ काम पूरा किया जाए।'
जवाबदेही और निगरानी तंत्र
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बैठक में तय समयसीमाएं आधिकारिक रूप से दर्ज की गई हैं और अगली वॉर रूम बैठक में प्रगति की समीक्षा होगी। उन्होंने कहा, 'हर अधिकारी को अपने काम की जिम्मेदारी लेनी होगी। अगर किसी स्तर पर समस्या हल नहीं हो रही है तो उसे तुरंत विभागाध्यक्ष, सचिव, मुख्य सचिव, मंत्री या मुख्यमंत्री तक पहुंचाया जाए — देरी नहीं होनी चाहिए।'
उन्होंने यह भी जोर दिया कि सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं में गुणवत्ता, स्वच्छता और बेहतर ब्रांडिंग दिखनी चाहिए, और अधिकारियों को यह धारणा बदलनी होगी कि सरकारी अस्पतालों में सेवाओं का स्तर निम्न होता है।
उपमुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बैठक में कहा कि आयुष्मान आरोग्य मंदिर और मेडिकल कॉलेजों से जुड़ी परियोजनाओं को तेज गति से आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा, 'प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के उन्नयन से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। मेडिकल कॉलेज परियोजनाओं से स्वास्थ्य क्षेत्र में मानव संसाधन भी बढ़ेगा।'
आगे क्या होगा
मेडिकल कॉलेजों की स्थापना में आ रही बाधाओं को तुरंत दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। वॉर रूम की अगली बैठक में सभी जिलों की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा की जाएगी। यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र सरकार पर राज्य के ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी को लेकर लगातार दबाव बना हुआ है।