25 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

महाराष्ट्र में वर्चुअल ऑटोप्सी की शुरुआत, मुंबई के JJ और KEM अस्पतालों में लगेंगी हाईटेक मशीनें: CM फडणवीस

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
महाराष्ट्र में वर्चुअल ऑटोप्सी की शुरुआत, मुंबई के JJ और KEM अस्पतालों में लगेंगी हाईटेक मशीनें: CM फडणवीस

सारांश

महाराष्ट्र सरकार पोस्टमॉर्टम प्रणाली को हाईटेक बनाने जा रही है — मुंबई के JJ और KEM अस्पतालों में वर्चुअल ऑटोप्सी मशीनें लगेंगी। पेंडिंग रिपोर्टें 3 लाख से घटकर 75,000 पर आई हैं और CM फडणवीस ने अगले तीन-चार महीनों में बकाया काम सामान्य करने का वादा किया है।

मुख्य बातें

CM देवेंद्र फडणवीस ने 8 जुलाई 2026 को विधान परिषद में वर्चुअल ऑटोप्सी तकनीक शुरू करने की घोषणा की।
मुंबई के JJ और KEM अस्पतालों में हाईटेक मशीनों की टेंडर व खरीद प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
पेंडिंग पोस्टमॉर्टम रिपोर्टों की संख्या लगभग 3,00,000 से घटकर 75,000 पर आई।
राज्य में 533 पोस्टमॉर्टम केंद्र कार्यरत; मई 2026 तक 10,905 ऑटोप्सी पूरी।
सरकार का लक्ष्य अगले तीन-चार महीनों में बकाया कार्य को सामान्य स्तर पर लाना।
JJ अस्पताल के दो दोषी सोशल वर्क सुपरिटेंडेंट का 26 जून 2026 के आदेश के बाद तबादला।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 8 जुलाई 2026 को विधान परिषद में प्रश्नकाल के दौरान घोषणा की कि मुंबई में जल्द ही 'नॉन-इनवेसिव पोस्ट-मॉर्टम' यानी वर्चुअल ऑटोप्सी तकनीक शुरू की जाएगी। यह राज्य की पोस्टमॉर्टम प्रणाली को आधुनिक बनाने की दिशा में महाराष्ट्र सरकार का अब तक का सबसे बड़ा कदम है।

वर्चुअल ऑटोप्सी तकनीक क्या है और इसके फायदे

मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि नॉन-इनवेसिव तकनीक के ज़रिए शरीर को बिना चीर-फाड़ किए उसकी विस्तृत जाँच की जा सकती है। इस पद्धति से न केवल समय की बचत होती है, बल्कि कम मानव-संसाधन की आवश्यकता पड़ती है, मानवीय त्रुटियाँ कम होती हैं और शरीर में होने वाले सूक्ष्म बदलावों का भी सटीक पता लगाया जा सकता है।

मुंबई के सर जेजे अस्पताल और केईएम अस्पताल में इन हाईटेक मशीनों की खरीद के लिए टेंडर और क्रय प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। यह सुविधा फोरेंसिक जाँच की गुणवत्ता और गति दोनों में उल्लेखनीय सुधार लाएगी।

पेंडिंग रिपोर्टों में भारी कमी, लेकिन काम अभी बाकी

फडणवीस ने स्वीकार किया कि पहले पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मिलने में छह महीने से एक साल तक का समय लग जाता था। हालाँकि, पिछले दो-तीन वर्षों में फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी में कार्यगति बढ़ाकर पेंडिंग रिपोर्टों की संख्या को लगभग 3,00,000 से घटाकर 75,000 तक लाने में सफलता मिली है।

सरकार का लक्ष्य अगले तीन-चार महीनों में इस बकाया कार्य को सामान्य स्तर पर लाना है। इसके लिए मेडिको-लीगल मामलों और विसरा (सुरक्षित अंगों) से जुड़े मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

राज्य में पोस्टमॉर्टम केंद्रों की स्थिति

वर्तमान में महाराष्ट्र में 533 पोस्टमॉर्टम केंद्र कार्यरत हैं, जहाँ इस वर्ष मई तक 10,905 ऑटोप्सी की जा चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने माना कि दुर्घटना-प्रवण क्षेत्रों के केंद्रों पर कार्यभार अत्यधिक है, जबकि कुछ ग्रामीण केंद्रों पर शव कम आते हैं।

फडणवीस ने आश्वासन दिया कि जहाँ आवश्यकता है, वहाँ कोल्ड स्टोरेज की सुविधा उपलब्ध है और सभी केंद्रों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए एक व्यापक ऑडिट कराया जाएगा। स्टाफ, इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य संसाधनों की कमी को दूर करने के लिए तय समय-सीमा में समीक्षा का वादा भी किया गया।

गोपनीयता उल्लंघन पर कड़ी चेतावनी

मुख्यमंत्री ने पोस्टमॉर्टम प्रक्रिया के दौरान गोपनीयता बनाए रखने पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस को आधिकारिक रिपोर्ट सौंपने से पहले किसी भी जानकारी का लीक होना कानूनी रूप से अपराध है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

JJ अस्पताल में अनुशासनात्मक कार्रवाई

इसी सत्र में चिकित्सा शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ ने विधानसभा को बताया कि सर जेजे ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स के सोशल वर्क डिपार्टमेंट के दोषी कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। विधायक विलास भुमरे के सवाल के जवाब में मुश्रीफ ने पुष्टि की कि सुपरिटेंडेंट के खिलाफ शिकायतों की जाँच के लिए एक समिति गठित की गई थी।

जाँच रिपोर्ट के आधार पर डीन ने आरोपी कर्मचारियों को कड़ी चेतावनी जारी की है। 26 जून 2026 के मेडिकल एजुकेशन डायरेक्टरेट के आदेश के बाद दो दोषी सोशल वर्क सुपरिटेंडेंट का तबादला कर दिया गया है। बिना अनुमति अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों की 'नो वर्क, नो पे' नीति के तहत वेतन काटी गई है और सभी कर्मचारियों के लिए बायोमेट्रिक अटेंडेंस अनिवार्य कर दी गई है।

आगे की राह में, महाराष्ट्र सरकार की यह पहल फोरेंसिक न्याय प्रणाली को न केवल तेज़ बल्कि अधिक पारदर्शी और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने का संकेत देती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 तक आना निश्चित रूप से प्रशासनिक सुधार का संकेत है, लेकिन असली सवाल यह है कि 533 केंद्रों में से कितनों में बुनियादी सुविधाएँ अभी भी अपर्याप्त हैं। वर्चुअल ऑटोप्सी तकनीक का लाभ फिलहाल केवल मुंबई के दो बड़े अस्पतालों तक सीमित है — ग्रामीण और दुर्घटना-प्रवण ज़िलों तक यह कब और कैसे पहुँचेगी, इसका कोई स्पष्ट रोडमैप सामने नहीं आया है। JJ अस्पताल में अनुशासनात्मक कार्रवाई स्वागतयोग्य है, लेकिन तबादला और चेतावनी दीर्घकालिक जवाबदेही के पर्याप्त उपाय नहीं हैं।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाराष्ट्र में वर्चुअल ऑटोप्सी तकनीक क्या है?
वर्चुअल ऑटोप्सी (नॉन-इनवेसिव पोस्ट-मॉर्टम) एक हाईटेक फोरेंसिक पद्धति है जिसमें शरीर को बिना चीर-फाड़ किए उन्नत स्कैनिंग तकनीक से जाँच की जाती है। इससे समय की बचत होती है, मानवीय त्रुटियाँ कम होती हैं और सूक्ष्म शारीरिक बदलावों का भी सटीक पता चलता है।
मुंबई में वर्चुअल ऑटोप्सी सुविधा कब और कहाँ शुरू होगी?
CM देवेंद्र फडणवीस के अनुसार मुंबई के सर JJ अस्पताल और KEM अस्पताल में इन मशीनों की टेंडर और खरीद प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। शुरुआत इन्हीं दो अस्पतालों से होगी, हालाँकि सटीक तारीख की घोषणा अभी नहीं की गई है।
महाराष्ट्र में पोस्टमॉर्टम रिपोर्टों की पेंडिंग संख्या कितनी कम हुई है?
CM फडणवीस के अनुसार, पिछले दो-तीन वर्षों में फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी में कार्यगति बढ़ाने से पेंडिंग रिपोर्टें लगभग 3,00,000 से घटकर 75,000 पर आ गई हैं। सरकार का लक्ष्य अगले तीन-चार महीनों में इसे सामान्य स्तर पर लाना है।
JJ अस्पताल के कर्मचारियों पर क्या कार्रवाई की गई?
चिकित्सा शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ ने बताया कि जाँच समिति की रिपोर्ट के आधार पर दो दोषी सोशल वर्क सुपरिटेंडेंट का 26 जून 2026 के आदेश के बाद तबादला कर दिया गया है। बिना अनुमति अनुपस्थित कर्मचारियों की 'नो वर्क, नो पे' नीति के तहत वेतन काटी गई और सभी के लिए बायोमेट्रिक अटेंडेंस अनिवार्य की गई है।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट लीक करने पर क्या कानूनी प्रावधान है?
CM फडणवीस ने स्पष्ट किया कि पुलिस को आधिकारिक रिपोर्ट सौंपने से पहले पोस्टमॉर्टम से जुड़ी कोई भी जानकारी लीक करना कानूनी रूप से अपराध है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 1 साल पहले