महाराष्ट्र में अवैध अप्रवासियों और ड्रग्स के खिलाफ एआई तकनीक का उपयोग: सीएम फडणवीस की नई पहल
सारांश
Key Takeaways
- मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एआई तकनीक का उपयोग करने की घोषणा की।
- अवैध बांग्लादेशी अप्रवासियों का पता लगाने की योजना।
- मादक पदार्थों के खिलाफ 'मेजर वॉर' की शुरुआत।
- पुलिस व्यवस्था में एआई का समावेश।
- दोषसिद्धि दर को 95 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य।
मुंबई, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को अवैध बांग्लादेशी अप्रवासियों की पहचान के लिए डेटा-आधारित उपकरणों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) तकनीक का उपयोग करने की योजना का ऐलान किया।
उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) जैसे संस्थानों के साथ मिलकर एक एआई उपकरण विकसित करने की बात कही, जिससे अधिकारियों को वैध निवासियों और बिना वैध दस्तावेजों के रह रहे लोगों के बीच अंतर करने में मदद मिलेगी। इन उपकरणों को परीक्षण के बाद तैनात किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने मादक पदार्थों के खिलाफ एक 'मेजर वॉर' की घोषणा की, जिसमें विशेष रूप से शिक्षण संस्थानों का ध्यान रखा जाएगा। राज्य के पुलिस महानिदेशक अवैध पदार्थों से मुक्त रखने के लिए नई रणनीतियाँ विकसित कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने मुंबई में आयोजित द्विवार्षिक राज्य पुलिस अधिकारियों के सम्मेलन में पत्रकारों से बात करते हुए राज्य की सुरक्षा के लिए एक व्यापक कार्यसूची प्रस्तुत की, जिसमें नक्सलवाद का खात्मा, पुलिस व्यवस्था में एआई का समावेश और मादक पदार्थों की तस्करी पर कड़ी कार्रवाई पर जोर दिया गया है।
उन्होंने पूर्णतः डिजिटल कानूनी प्रक्रिया के लिए सरकार के प्रयासों की घोषणा की और पुलिस महानिदेशक को प्रथम सूचना रिपोर्ट से लेकर आरोप पत्र दाखिल करने तक की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल करने के लिए छह महीने का समय दिया। ब्लॉकचेन तकनीक का उपयोग साक्ष्यों की सत्यता सुनिश्चित करने के लिए किया जाएगा।
आपराधिक जांच विभाग को पिछले चार से पांच वर्षों के उन मामलों का विश्लेषण करने का कार्य सौंपा गया है जिनमें दोषसिद्धि नहीं हुई है। उनका लक्ष्य वर्तमान 50 प्रतिशत की दोषसिद्धि दर को बढ़ाकर 95 प्रतिशत करना है।
मुख्यमंत्री ने राज्य से नक्सलवाद को लगभग समाप्त करने में महाराष्ट्र पुलिस के निरंतर प्रयासों की सराहना की और इस संघर्ष में जान गंवाने वाले 244 पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की।