महाराष्ट्र में ड्रग्स तस्करी के खिलाफ नाबालिगों के इस्तेमाल पर सख्त कानून में बदलाव
सारांश
Key Takeaways
- नाबालिगों के ड्रग्स तस्करी में इस्तेमाल पर सख्त कानून में बदलाव की तैयारी।
- विशेष टास्क फोर्स का गठन।
- केंद्र सरकार को भेजा गया 16 वर्ष की उम्र सीमा का प्रस्ताव।
- पुलिस विभाग को निर्देशित किया गया है कि लापरवाही पर कार्रवाई की जाएगी।
- नशे के खिलाफ राज्य में महत्वपूर्ण कदम।
मुंबई, 17 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र में मादक पदार्थों के बढ़ते संकट को ध्यान में रखते हुए सरकार ने एक सख्त कार्रवाई का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में बताया कि राज्य में ड्रग्स के खिलाफ एक विशेष टास्क फोर्स का गठन किया गया है, जिसका उद्देश्य इस अवैध धंधे पर पूर्ण रूप से नियंत्रण पाना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री के मामलों में अक्सर नाबालिगों का उपयोग किया जा रहा है। इस स्थिति को देखते हुए, राज्य सरकार ने केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा है कि अपराध की उम्र सीमा को 18 वर्ष से घटाकर 16 वर्ष किया जाए, ताकि ऐसे मामलों में कठोर कानूनन कार्रवाई की जा सके।
यह मुद्दा विधानसभा में विधायक प्रवीण दटके द्वारा उठाया गया था, जिस पर मुख्यमंत्री ने विस्तार से उत्तर दिया।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने स्पष्ट किया कि मादक पदार्थों के इस नेटवर्क का संबंध केवल महाराष्ट्र तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अन्य राज्यों और विदेशों से भी जुड़ा हुआ है। जांच एजेंसियां और पुलिस ऐसे मामलों में गहराई से जांच कर रही हैं और आरोपियों को पकड़ने की कार्रवाई कर रही हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार के अपराधों से निपटने के लिए एक मजबूत तंत्र स्थापित किया है, जिसका मुख्य लक्ष्य ड्रग्स के नेटवर्क को समाप्त करना है।
मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि यदि किसी पुलिस अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही या इस प्रकार के अपराधों में संलिप्तता पाई जाती है, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर सीधे बर्खास्तगी की कार्रवाई की जा सकती है।
सरकार के इस कदम को राज्य में नशे के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है, जिसका लक्ष्य युवाओं को इस खतरे से बचाना और समाज को सुरक्षित बनाना है।