मुख्यमंत्री फडणवीस ने अवैध धर्मांतरण पर रोक लगाने के लिए विधेयक का समर्थन किया

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मुख्यमंत्री फडणवीस ने अवैध धर्मांतरण पर रोक लगाने के लिए विधेयक का समर्थन किया

सारांश

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को अवैध धर्मांतरण पर अंकुश लगाने के लिए पेश किए गए विधेयक का समर्थन किया। उन्होंने इसे महिलाओं की सुरक्षा के लिए आवश्यक बताया और विपक्ष पर राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया।

Key Takeaways

  • मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अवैध धर्मांतरण पर रोक लगाने के लिए विधेयक पेश किया।
  • यह विधेयक महिलाओं की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
  • विपक्ष पर विधेयक का राजनीतिकरण करने का आरोप।
  • महाराष्ट्र पहला राज्य नहीं, अन्य राज्यों में भी ऐसे कानून हैं।
  • राज्य सरकार का लक्ष्य अवैध धर्मांतरण पर रोक लगाना है।

मुंबई, 16 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को राज्य सरकार द्वारा पेश किए गए महाराष्ट्र फ्रीडम ऑफ रिलिजन बिल का पक्ष लिया, जिसका लक्ष्य राज्य में अवैध धर्मांतरण पर रोक लगाना है।

उन्होंने बताया कि यह विधेयक उन मामलों की पृष्ठभूमि में लाया गया है, जिनमें कई महिलाओं को कथित तौर पर झूठे रिश्तों में फंसाया गया, शादी कराई गई और फिर उन्हें छोड़ दिया गया।

मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं से कहा कि ऐसे मामले सामने आए हैं जहाँ महिलाओं को बहला-फुसलाकर ले जाया गया, और विवाह के बाद उन्हें छोड़ देना उनके बच्चों के भविष्य को अनिश्चितता में डाल देता है। यह विधेयक इस प्रकार की समस्याओं के समाधान का प्रयास करता है।

हालांकि, उन्होंने अपने दावों के समर्थन में आंकड़े प्रस्तुत नहीं किए।

उन्होंने कहा कि यदि विपक्षी दलों ने विधेयक को गहराई से पढ़ा होता, तो उन्हें यह समझ में आ जाता कि यह किसी विशेष समुदाय को लक्षित नहीं करता, बल्कि प्रलोभन, दबाव या प्रलोभन के माध्यम से होने वाले जबरन धर्मांतरण को रोकने के लिए बनाया गया है।

उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष केवल अपने वोट बैंक के लिए इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहा है। मैं यह आश्वासन देता हूं कि विधेयक का गंभीरता से अध्ययन करने पर विपक्ष इस पर आपत्ति नहीं करेगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि महाराष्ट्र ऐसा कानून लाने वाला पहला राज्य नहीं है; कई अन्य राज्यों ने पहले ही अवैध धर्मांतरण को रोकने के लिए इसी तरह के कानून बनाए हैं।

राज्य सरकार ने 13 मार्च को महाराष्ट्र धर्म स्वतंत्रता विधेयक, 2026 विधानसभा में पेश किया, जिसका उद्देश्य बल, दबाव, प्रलोभन, गलतबयानी या अन्य कपटपूर्ण तरीकों से किए गए अवैध धर्मांतरण पर रोक लगाना है।

महाराष्ट्र के गृह राज्य मंत्री पंकज भोयर ने 13 मार्च को यह विधेयक प्रस्तुत किया, जिसका उद्देश्य धर्म की स्वतंत्रता के अधिकार की रक्षा करना, धर्मांतरण को विनियमित करना और अवैध धर्मांतरण के मामलों में दंड का प्रावधान करना है।

Point of View

इसे राजनीतिक रंग देने की कोशिशें चिंताजनक हैं। यह आवश्यक है कि हम इस मुद्दे को सही परिप्रेक्ष्य में समझें और समाज की भलाई के लिए सकारात्मक सहयोग करें।
NationPress
17/03/2026

Frequently Asked Questions

महाराष्ट्र फ्रीडम ऑफ रिलिजन बिल का उद्देश्य क्या है?
इस विधेयक का उद्देश्य बल, दबाव या प्रलोभन के माध्यम से किए गए अवैध धर्मांतरण पर रोक लगाना है।
क्या यह विधेयक किसी विशेष समुदाय को लक्षित करता है?
नहीं, मुख्यमंत्री फडणवीस ने स्पष्ट किया है कि यह विधेयक किसी विशेष समुदाय को नहीं बल्कि अवैध धर्मांतरण को रोकने के लिए है।
इस विधेयक का समर्थन क्यों किया गया?
यह विधेयक महिलाओं की सुरक्षा और उनके भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक बताया गया है।
कब पेश किया गया यह विधेयक?
यह विधेयक 13 मार्च को महाराष्ट्र विधानसभा में प्रस्तुत किया गया।
क्या अन्य राज्य भी इसी तरह के कानून बना चुके हैं?
जी हां, महाराष्ट्र ऐसा पहला राज्य नहीं है, कई अन्य राज्यों ने भी इसी तरह के कानून बनाए हैं।
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