महिलाओं का आरक्षण 2029 के चुनावों से लागू होगा: मुख्यमंत्री फडणवीस
सारांश
Key Takeaways
- महिला आरक्षण 2029 के चुनावों से लागू होगा।
- जनगणना में देरी के कारण परिसीमन प्रभावित हुआ।
- सीएम ने राजनीतिक इच्छाशक्ति की आवश्यकता बताई।
- महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ने की संभावना।
- विपक्षी दलों का विवादित रुख।
मुंबई, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को बताया कि महिला आरक्षण बिल में संशोधन आवश्यक था ताकि इसे समय पर लागू किया जा सके। जनगणना में हुई देरी के कारण परिसीमन का कार्यक्रम प्रभावित हुआ था।
सीएम ने कहा, "सभी को पता है कि जनगणना प्रक्रिया में देरी हुई है, जिससे परिसीमन के कार्यक्रम में भी विघटन आया। इस स्थिति में महिलाएं आरक्षण 2034 या 2039 तक टल सकता था। अगर राजनीतिक इच्छाशक्ति नहीं होती, तो कोविड-19 महामारी का बहाना बनाकर इसे अनिश्चित काल के लिए टाला जा सकता था।" वे यहां 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' पर चर्चा करते हुए बोल रहे थे।
उन्होंने आगे बताया कि परिसीमन का कार्य एक साल के भीतर पूरा कर लिया जाएगा और इसके लिए 2011 की जनगणना के आंकड़ों का उपयोग किया जाएगा ताकि वर्तमान जनगणना के परिणामों का इंतजार न करना पड़े। इन परिवर्तनों के कारण, महिलाओं के लिए आरक्षण 2029 के आम चुनावों से लागू होगा और इसे आगे नहीं टाला जाएगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कुछ विपक्षी दल आरक्षण कानून का समर्थन करने का दावा करते हुए परिसीमन का विरोध कर रहे हैं। "वे कहते हैं कि वे महिला आरक्षण बिल का विरोध नहीं कर रहे हैं, बल्कि परिसीमन का विरोध कर रहे हैं। उन्हें पता है कि अगर परिसीमन लागू नहीं हुआ, तो महिलाओं के लिए आरक्षण भी लागू नहीं हो सकेगा। ऐसे लोग असल में महिलाओं के प्रतिनिधित्व का विरोध कर रहे हैं।"
फडणवीस ने विश्वास जताया कि इन बदलावों से संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ेगा। उन्होंने कहा, "हालांकि आरक्षण बिल में 33 प्रतिशत का कोटा दिया गया है, पर मेरी बात याद रखना, अगली लोकसभा में लगभग 40 प्रतिशत सदस्य महिलाएं होंगी। उनकी आवाज को और अधिक ताकत मिलेगी।"