4 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या देवेंद्र फडणवीस सरकार ने विधानसभा में प्रस्तुत किया महाराष्ट्र विशेष जन सुरक्षा विधेयक?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या देवेंद्र फडणवीस सरकार ने विधानसभा में प्रस्तुत किया महाराष्ट्र विशेष जन सुरक्षा विधेयक?

सारांश

महाराष्ट्र सरकार ने विधानसभा में 'महाराष्ट्र विशेष जन सुरक्षा विधेयक 2024' पेश किया। इस विधेयक का उद्देश्य शहरी नक्सलवाद और वामपंथी उग्रवाद से जुड़ी गतिविधियों पर नियंत्रण पाना है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जनता के सुझावों के आधार पर इसे और पारदर्शी बनाया है।

मुख्य बातें

विधेयक का उद्देश्य शहरी नक्सलवाद और वामपंथी उग्रवाद पर नियंत्रण रखना है।
यह विधेयक पारदर्शिता और लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप है।
संशोधन के तहत सलाहकार बोर्ड की सहमति अनिवार्य होगी।
मुख्य विधायकों की संयुक्त समिति ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
सुरक्षा और नागरिक अधिकारों का संतुलन बनाए रखना आवश्यक है।

मुंबई, 10 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र सरकार ने गुरुवार को विधानसभा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 'महाराष्ट्र विशेष जन सुरक्षा विधेयक 2024' को प्रस्तुत किया। यह विधेयक मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा पेश किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य राज्य में शहरी नक्सलवाद और वामपंथी उग्रवाद से जुड़ी गैरकानूनी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है।

सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि बड़े पैमाने पर जनता से मिले सुझावों के आधार पर विधेयक को अधिक पारदर्शी और लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप बनाया गया है। संशोधित महाराष्ट्र विशेष जन सुरक्षा विधेयक एक ऐसा कदम है, जो राज्य की सुरक्षा को मजबूती देने के साथ ही नागरिक अधिकारों का संतुलन भी बनाए रखने का प्रयास करता है।

इससे पहले राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने बुधवार को सदन में इस विधेयक पर गठित संयुक्त समिति की रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि समिति ने कुल 5 बैठकें कीं और 12,500 से अधिक जनता के सुझावों को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण संशोधन प्रस्तावित किए।

विधेयक में किए गए संशोधन के अनुसार, विधेयक का उद्देश्य अब उग्र वामपंथी विचारधारा से जुड़ी गैरकानूनी गतिविधियों को रोकने तक सीमित कर दिया गया है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि किसी भी राजनीतिक या सामाजिक संगठन पर इसका दुरुपयोग न हो। अब किसी संगठन को अवैध घोषित करने से पहले एक सलाहकार बोर्ड की सहमति अनिवार्य होगी। इसमें उच्च न्यायालय के वर्तमान या सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में जिला न्यायाधीश और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी महानिरीक्षक (जीपी रैंक) शामिल होंगे। पहले यह जिम्मेदारी पुलिस सब इंस्पेक्टर के पास थी, जिसे अब समिति की सिफारिश पर उप पुलिस अधीक्षक (डिप्टी एसपी) स्तर के अधिकारी को सौंपा गया है।

संयुक्त समिति में जयंत पाटील, नाना पटोले, भास्कर जाधव, जितेंद्र आव्हाड और अंबादास दानवे जैसे प्रमुख विधायक शामिल थे। इन सदस्यों ने विधेयक की संभावित भ्रांतियों को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

संपादकीय दृष्टिकोण

इसे लागू करने में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक होगा।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाराष्ट्र विशेष जन सुरक्षा विधेयक क्या है?
यह विधेयक शहरी नक्सलवाद और वामपंथी उग्रवाद से जुड़ी गैरकानूनी गतिविधियों पर नियंत्रण स्थापित करने के लिए है।
सीएम देवेंद्र फडणवीस ने इस विधेयक को क्यों पेश किया?
उन्होंने इसे जनता के सुझावों के आधार पर अधिक पारदर्शी बनाने के लिए पेश किया है।
संशोधन में क्या महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं?
संशोधन में अब सलाहकार बोर्ड की सहमति अनिवार्य होगी, जिससे दुरुपयोग की संभावना कम होगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 महीने पहले
  2. 4 महीने पहले
  3. 1 साल पहले
  4. 1 साल पहले
  5. 1 साल पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले