क्या राज ठाकरे के 'वोट चोरी' बयान पर फडणवीस ने सही जवाब दिया?

सारांश
Key Takeaways
- फडणवीस ने राज ठाकरे के बयान को खारिज किया।
- सतनावरी गांव भारत का पहला स्मार्ट गांव है।
- राज ठाकरे की मुलाकात का कोई राजनीतिक संबंध नहीं था।
- फडणवीस ने जनता का अपमान करने पर चेतावनी दी।
- राजनीति में आत्मचिंतन की आवश्यकता है।
नागपुर, २४ अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज ठाकरे के 'वोट चोरी' के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बयान केवल पार्टी कार्यकर्ताओं को दिलासा देने के लिए है।
फडणवीस ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह दिल बहलाने वाली बात है। राज ठाकरे अपने कार्यकर्ताओं को यह विश्वास दिलाने की कोशिश कर रहे हैं कि वे वास्तव में जीत रहे थे। उनकी हार के लिए साजिशों की बात करने का उद्देश्य अपने कार्यकर्ताओं को बिखरने से बचाना है। सीएम ने यह भी कहा कि जब तक वे अपनी हार पर आत्मचिंतन नहीं करेंगे, तब तक वे सफल नहीं हो पाएंगे। पीएम मोदी और मुझे लोगों ने चुना है। अगर वे जनता का अपमान करते रहेंगे और झूठ बोलते रहेंगे, तो विजय की आशा नहीं कर सकते।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि पीएम मोदी बातें ज्यादा करते हैं और काम कम। इस पर फडणवीस ने तीखी प्रतिक्रिया दी और कहा कि ये लोग गंभीरता से लेने लायक नहीं हैं।
मुख्यमंत्री ने रविवार को 'भारत के पहले स्मार्ट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) गांव (पायलट आधार पर) सतनावरी, नागपुर' का उद्घाटन किया। इस मौके पर मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
सीएमओ महाराष्ट्र ने कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि नागपुर (ग्रामीण) का सतनावरी गांव 'भारत का पहला स्मार्ट और एआई गांव' बन गया है। यहाँ विभिन्न डिजिटल पहलों को लागू किया गया है, जो कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े योजनाओं को आसान बनाएगा।
इससे पहले, राज ठाकरे ने मुख्यमंत्री से उनके आधिकारिक बंगले 'वर्षा' पर मुलाकात की थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मुलाकात नगर नियोजन और ट्रैफिक जाम से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने के लिए थी, राजनीति से इसका कोई संबंध नहीं था।