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क्या महाराष्ट्र डीजीपी सदानंद दाते ने मुख्यमंत्री फडणवीस से मुलाकात की?

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क्या महाराष्ट्र डीजीपी सदानंद दाते ने मुख्यमंत्री फडणवीस से मुलाकात की?

सारांश

महाराष्ट्र के नए डीजीपी सदानंद दाते की मुख्यमंत्री फडणवीस से मुलाकात प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस मुलाकात में कानून-व्यवस्था और पुलिस प्रशासन के मुद्दों पर चर्चा हुई। जानिए इस मुलाकात के पीछे की कहानी।

मुख्य बातें

सदानंद दाते की मुख्यमंत्री फडणवीस से मुलाकात हुई।
कानून-व्यवस्था पर चर्चा की गई।
दाते ने 26/11 हमलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
उन्होंने एटीएस में भी सेवा दी है।
दाते का जन्म साधारण परिवार में हुआ था।

मुंबई, ३ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र के नए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सदानंद दाते ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। यह बैठक मुंबई में स्थित मुख्यमंत्री के आवास पर आयोजित की गई थी, जिसे एक गुडविल विजिट के रूप में देखा जा रहा है। महाराष्ट्र मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने इस मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की हैं।

सीएमओ की ओर से किए गए एक्स पोस्ट में लिखा गया है, "मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस से आज मुंबई स्थित वर्षा निवास में महाराष्ट्र के नवनियुक्त पुलिस महानिदेशक सदानंद दाते ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री फड़णवीस ने उन्हें नियुक्ति पर बधाई दी एवं आगामी कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं।"

मुख्यमंत्री और नए डीजीपी के बीच यह पहली औपचारिक मुलाकात मानी जा रही है, जिसे प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कहा जा रहा है कि इस मुलाकात के दौरान राज्य की कानून-व्यवस्था, पुलिस प्रशासन की प्राथमिकताओं और भविष्य की चुनौतियों पर अनौपचारिक चर्चा हुई। नए डीजीपी के रूप में सदानंद दाते से राज्य में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने, अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाने की उम्मीदें जुड़ी हैं।

सदानंद दाते मार्च २०२४ तक महाराष्ट्र एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (एटीएस) के प्रमुख रहे, जब उन्होंने भारत की आतंकवाद विरोधी एजेंसी एनआईए का नेतृत्व करने के लिए नई दिल्ली का रुख किया। दाते को २६/११ मुंबई आतंकी हमलों के नायकों में से एक माना जाता है। २६ नवंबर, २००८ को मुंबई आतंकी हमलों के दौरान, दाते २००८ में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (मध्य क्षेत्र) के रूप में कार्यरत थे। उन्होंने एक पुलिस टीम का नेतृत्व किया जिसने कामा अस्पताल की छत पर लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादियों अजमल कसाब और अबू इस्माइल को घेर लिया था और ग्रेनेड के टुकड़ों से गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद, उन्होंने आतंकवादियों का सामना जारी रखा। बाद में उन्हें वीरता के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया गया।

दाते ने महाराष्ट्र एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (एटीएस) में सेवा दी थी और मीरा-भयंदर, वसई-विरार के पहले पुलिस आयुक्त रहे। उन्होंने मुंबई पुलिस में संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून और व्यवस्था) और अपराध, केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) में डीआईजी और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) में आईडी (ऑपरेशंस) के रूप में भी कार्य किया।

दाते का जन्म एक साधारण परिवार में हुआ था और उन्होंने अपना बचपन घर चलाने के लिए अखबार बेचकर बिताया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उनकी मां घरेलू सहायिका के रूप में काम करती थीं। उन्होंने यूपीएससी परीक्षा पास की और आईपीएस में शामिल हो गए। उन्होंने आर्थिक और संगठित अपराधों में विशेषज्ञता हासिल की, और पुणे यूनिवर्सिटी से आर्थिक अपराधों में डॉक्टरेट की डिग्री प्राप्त की।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह राज्य के सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है। नए डीजीपी सदानंद दाते के अनुभव और विशेषज्ञता से राज्य की कानून-व्यवस्था में सुधार की उम्मीदें हैं।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सदानंद दाते कौन हैं?
सदानंद दाते महाराष्ट्र के नए पुलिस महानिदेशक हैं, जिन्हें पुलिस सेवा में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य करने का अनुभव है।
मुख्यमंत्री फडणवीस के साथ उनकी मुलाकात का क्या महत्व है?
यह मुलाकात प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है और इसमें कानून-व्यवस्था पर चर्चा की गई।
सदानंद दाते के पूर्व अनुभव क्या हैं?
उन्होंने महाराष्ट्र एंटी-टेररिज्म स्क्वाड के प्रमुख के रूप में कार्य किया और 26/11 हमलों के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
राष्ट्र प्रेस
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