महाराष्ट्र एआई क्रांति में बनेगा वैश्विक अगुआ, फडणवीस का ₹10,000 करोड़ निवेश और 1.5 लाख नौकरियों का लक्ष्य
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 29 मई 2026 को मुंबई टेक वीक 2026 के उद्घाटन अवसर पर घोषणा की कि महाराष्ट्र कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के क्षेत्र में न केवल भारत, बल्कि पूरे विश्व में नेतृत्व करने की स्थिति में है। उन्होंने राज्य में ₹10,000 करोड़ के निवेश, 1.5 लाख रोज़गार सृजन और 6 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने के लक्ष्य की विस्तार से जानकारी दी।
महाराष्ट्र की एआई रणनीति: मुख्य घटनाक्रम
फडणवीस ने कहा कि मुंबई की वित्तीय ताकत, तकनीकी विशेषज्ञता, सक्रिय स्टार्टअप इकोसिस्टम और नई तकनीकों को तेज़ी से अपनाने की क्षमता राज्य को एआई क्षेत्र में स्वाभाविक अग्रणी बनाती है। उन्होंने यह भी बताया कि निवेश और स्टार्टअप्स की संख्या के मामले में महाराष्ट्र लगातार तीन वर्षों से देश का शीर्ष राज्य बना हुआ है।
राज्य सरकार विशेष एआई इनोवेशन ज़ोन विकसित करने की भी योजना बना रही है। इसके अतिरिक्त, एआई अनुसंधान को गति देने के लिए 'कंप्यूट-एज-ए-सर्विस' अवसंरचना तैयार की जा रही है, जिसके तहत स्टार्टअप्स और शोधकर्ताओं को 2,000 जीपीयू उपलब्ध कराए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा, 'जब उच्च क्षमता वाली कंप्यूटिंग सुविधाएं महंगी होती हैं तो नवाचार की रफ्तार धीमी पड़ जाती है। इसलिए महाराष्ट्र सरकार आवश्यक तकनीकी अवसंरचना सीधे उपलब्ध करा रही है।'
सरकारी विभागों में एआई का व्यापक उपयोग
फडणवीस ने बताया कि राज्य के विभिन्न विभागों में पहले से ही एआई लागू किया जा रहा है। किसानों के लिए विकसित 'महा-विस्तार' ऐप को केंद्र सरकार ने इंडिया एआई समिट में देश का सर्वश्रेष्ठ कृषि तकनीक समाधान माना था। इसकी सफलता के बाद राष्ट्रीय स्तर पर 'इंडिया-विस्तार' ढाँचा विकसित किया जा रहा है।
अपराध जाँच के क्षेत्र में 'क्राइम ओएस' प्लेटफॉर्म के ज़रिये आरोपपत्र दाखिल करने की प्रक्रिया में क्रांतिकारी बदलाव आया है। मुख्यमंत्री ने बताया, 'पहले 15 हज़ार पन्नों का आरोपपत्र तैयार करने में तीन से चार महीने लगते थे, लेकिन एआई की मदद से यह काम अब 10 से 12 दिनों में पूरा किया जा सकता है।' इसके अलावा भवन निर्माण अनुमति, चिकित्सा बीमा में धोखाधड़ी की पहचान, यातायात नियंत्रण और आपदा प्रबंधन में भी एआई का उपयोग हो रहा है। राज्य सरकार ने विभिन्न विभागों के लिए 50 विशेष एआई इंजन विकसित करने का लक्ष्य तय किया है।
स्टार्टअप्स और निवेशकों को खुला निमंत्रण
फडणवीस ने देश-विदेश से मुंबई टेक वीक में शामिल स्टार्टअप्स और तकनीकी कंपनियों को महाराष्ट्र में निवेश का खुला आमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि सरकार केवल नीतिगत ढाँचा तैयार करने तक सीमित नहीं है — 'फंड ऑफ फंड्स' के माध्यम से निवेश सहायता भी दी जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वास्तविक इकोसिस्टम उद्यमियों और नवाचारकर्ताओं के प्रयासों से बनता है, और सरकार की भूमिका उनकी साझेदार की है।
गौरतलब है कि तकनीकी उद्यमियों के संगठन की परिकल्पना दिसंबर 2022 में की गई थी, और आज बड़ी संख्या में स्टार्टअप, निवेशक तथा वैश्विक कंपनियाँ महाराष्ट्र से जुड़ रही हैं।
एथिकल एआई और एमएसएमई पर ज़ोर
डेटा सुरक्षा, भरोसे और डीपफेक जैसी चुनौतियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की एआई नीति का मूल आधार 'एथिकल एआई' है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि एआई केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रहना चाहिए — सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को भी इसका लाभ मिलना चाहिए। एआई के विकास में मानवीय हस्तक्षेप और मूल मानवीय मूल्यों को केंद्र में रखने पर उन्होंने विशेष बल दिया।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब देश के कई राज्य एआई निवेश आकर्षित करने की होड़ में हैं। महाराष्ट्र की घोषणाएँ — विशेषकर 2,000 जीपीयू की सार्वजनिक कंप्यूटिंग सुविधा और 6 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस — इस प्रतिस्पर्धा में राज्य की स्थिति को मज़बूत करने की कोशिश हैं। ₹10,000 करोड़ के निवेश लक्ष्य की समयसीमा और क्रियान्वयन की विस्तृत रूपरेखा अभी सामने आनी बाकी है।