महाराष्ट्र एआई नीति 2025: 1.5 लाख नौकरियाँ, ₹500 करोड़ का वेंचर फंड और 6 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

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महाराष्ट्र एआई नीति 2025: 1.5 लाख नौकरियाँ, ₹500 करोड़ का वेंचर फंड और 6 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

सारांश

महाराष्ट्र ने एआई नीति को मंजूरी देकर तकनीकी दौड़ में बड़ा दाँव खेला है — 1.5 लाख नौकरियाँ, ₹500 करोड़ का वेंचर फंड और देश का पहला 'एथिकल एआई' ढाँचा। असली परीक्षा अब क्रियान्वयन की होगी, जहाँ 5,000 एमएसएमई और 2 लाख युवाओं तक पहुँचना सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती है।

Key Takeaways

  • महाराष्ट्र कैबिनेट ने 29 अप्रैल 2025 को राज्य की एआई नीति को औपचारिक मंजूरी दी।
  • नीति का लक्ष्य 1.5 लाख एआई-आधारित नौकरियाँ और 2 लाख युवाओं को एआई प्रशिक्षण देना है।
  • ₹500 करोड़ का वेंचर कैपिटल फंड बनेगा, जिसमें ₹250 करोड़ राज्य सरकार देगी।
  • 5,000 एमएसएमई को एआई अपनाने के लिए आर्थिक सहायता और 6 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित होंगे।
  • राज्य में 2,000 जीपीयू उपलब्ध कराए जाएंगे और 'एप्लाइड एआई एक्सेलरेटर' पहल शुरू होगी।
  • महाराष्ट्र देश का पहला राज्य बनेगा जो एथिकल एआई के लिए अलग ढाँचा तैयार करेगा।

महाराष्ट्र कैबिनेट ने बुधवार, 29 अप्रैल 2025 को राज्य की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) नीति को औपचारिक मंजूरी दे दी। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री आशीष शेलार ने मुंबई में बताया कि इस नीति का मुख्य लक्ष्य राज्य में 1.5 लाख एआई-आधारित नौकरियाँ पैदा करना और 2 लाख युवाओं को एआई प्रशिक्षण देना है। महाराष्ट्र सरकार का दावा है कि यह नीति राज्य को देश के डिजिटल और तकनीकी परिदृश्य में अग्रणी स्थान पर ले जाएगी।

नीति में क्या शामिल है

सरकारी जानकारी के अनुसार, एआई नीति के तहत उद्योग और कारोबार में एआई अपनाने को प्रोत्साहित करने के लिए 50 एआई टूल और उपयोग मॉडल विकसित किए जाएंगे। राज्य में 6 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे, जो अनुसंधान और नवाचार का केंद्र बनेंगे। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में एआई के विस्तार के लिए 'एप्लाइड एआई एक्सेलरेटर' पहल शुरू की जाएगी, जिसके लिए राज्य में 2,000 जीपीयू उपलब्ध कराए जाएंगे।

एमएसएमई और स्टार्टअप को विशेष सहायता

नीति के तहत 5,000 सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को एआई अपनाने के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी, जिससे उनकी उत्पादकता और मुनाफे में वृद्धि का लक्ष्य है। एआई-आधारित स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन देने और यूनिकॉर्न कंपनियाँ तैयार करने के लिए ₹500 करोड़ का वेंचर कैपिटल फंड बनाया जाएगा, जिसमें ₹250 करोड़ राज्य सरकार की ओर से दिए जाएंगे। इसके अलावा एआई-आधारित उद्योगों को मशीनरी खरीद पर सब्सिडी भी मिलेगी।

रियायतें और प्रोत्साहन

मंत्री शेलार ने बताया कि शिक्षा, रोज़गार, नवाचार और उद्योग में एआई के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार कई रियायतें देगी। इनमें बिजली दरों में छूट, बिजली सब्सिडी और स्टांप ड्यूटी में राहत शामिल है। निवेश आकर्षित करने के लिए विशेष निवेश क्षेत्र भी तैयार किए जाएंगे।

भाषाई समावेश और नैतिक एआई

सरकार ने घोषणा की है कि मराठी और अन्य स्थानीय भाषाओं में डेटा सिस्टम विकसित करने के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि मंत्री शेलार के अनुसार महाराष्ट्र देश का पहला राज्य बनेगा जो एआई के नैतिक उपयोग (एथिकल एआई) के लिए एक अलग ढाँचा तैयार करेगा। स्वदेशी एआई अनुसंधान को प्रोत्साहन देने के लिए भी आर्थिक मदद का प्रावधान किया गया है। यह ऐसे समय में आया है जब देश के कई राज्य तकनीकी निवेश को आकर्षित करने की होड़ में हैं और कर्नाटक, तेलंगाना जैसे राज्य पहले से ही एआई नीतियाँ घोषित कर चुके हैं।

आगे की राह

नागरिकों और प्रशासन के बीच बेहतर संवाद के लिए एआई-आधारित डिजिटल सिस्टम विकसित करने की भी योजना है। विशेषज्ञों का मानना है कि नीति के क्रियान्वयन की गति और एमएसएमई तक सहायता की पहुँच यह तय करेगी कि रोज़गार लक्ष्य वास्तव में हासिल होते हैं या नहीं। सरकार की ओर से विस्तृत क्रियान्वयन दिशानिर्देश और समयसीमा अभी घोषित की जानी बाकी है।

Point of View

लेकिन सवाल यह है कि क्या ये लक्ष्य सत्यापन-योग्य समयसीमा और जवाबदेही ढाँचे से जुड़े हैं। 1.5 लाख नौकरियों का लक्ष्य तभी अर्थपूर्ण होगा जब रोज़गार सृजन को स्वतंत्र रूप से मापा जाए, न कि केवल प्रशिक्षण संख्याओं को गिना जाए। यह भी ध्यान देने योग्य है कि कर्नाटक और तेलंगाना पहले से एआई नीतियाँ लागू कर चुके हैं — महाराष्ट्र की असली बढ़त 'एथिकल एआई' ढाँचे और मराठी भाषा डेटा सिस्टम जैसे विशिष्ट प्रावधानों में है। ₹500 करोड़ के वेंचर फंड में सरकारी हिस्सेदारी ₹250 करोड़ है, जो बाकी निजी निवेश की उपलब्धता पर निर्भर करती है — और यही वह कड़ी है जिसकी निगरानी ज़रूरी है।
NationPress
29/04/2026

Frequently Asked Questions

महाराष्ट्र एआई नीति क्या है?
महाराष्ट्र कैबिनेट द्वारा 29 अप्रैल 2025 को मंजूर यह नीति राज्य में 1.5 लाख एआई-आधारित नौकरियाँ पैदा करने, 2 लाख युवाओं को प्रशिक्षण देने और 6 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की योजना है। इसमें ₹500 करोड़ का वेंचर कैपिटल फंड और 5,000 एमएसएमई को सहायता भी शामिल है।
महाराष्ट्र एआई नीति से कौन प्रभावित होगा?
यह नीति मुख्य रूप से एआई स्टार्टअप, 5,000 एमएसएमई, युवा नौकरी तलाशने वाले और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को प्रभावित करेगी। बिजली सब्सिडी और स्टांप ड्यूटी राहत जैसे प्रोत्साहन उन उद्योगों के लिए हैं जो एआई तकनीक अपनाना चाहते हैं।
₹500 करोड़ का वेंचर कैपिटल फंड कैसे काम करेगा?
इस फंड में ₹250 करोड़ राज्य सरकार देगी और शेष निजी निवेश से जुटाने की योजना है। इसका उद्देश्य एआई-आधारित स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता देकर यूनिकॉर्न कंपनियाँ तैयार करना है।
महाराष्ट्र एथिकल एआई ढाँचे में क्या खास है?
सरकार के अनुसार महाराष्ट्र देश का पहला राज्य बनेगा जो एआई के नैतिक उपयोग के लिए एक अलग नियामक ढाँचा तैयार करेगा। इसमें स्वदेशी एआई अनुसंधान को प्रोत्साहन और मराठी तथा अन्य स्थानीय भाषाओं में डेटा सिस्टम विकसित करना भी शामिल है।
महाराष्ट्र एआई नीति कब लागू होगी?
कैबिनेट ने 29 अप्रैल 2025 को नीति को मंजूरी दी है, लेकिन विस्तृत क्रियान्वयन दिशानिर्देश और समयसीमा अभी घोषित की जानी बाकी है। 'एप्लाइड एआई एक्सेलरेटर' और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की तारीखें सरकार द्वारा अलग से बताई जाएंगी।
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