8 जुलाई 2026
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मुंबई-पुणे 'मिसिंग लिंक' विवाद: फडणवीस का विपक्ष पर पलटवार — 'महाराष्ट्र बदनाम किया तो नहीं बख्शूंगा'

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मुंबई-पुणे 'मिसिंग लिंक' विवाद: फडणवीस का विपक्ष पर पलटवार — 'महाराष्ट्र बदनाम किया तो नहीं बख्शूंगा'

सारांश

मुंबई-पुणे 'मिसिंग लिंक' पर भूस्खलन को विपक्ष ने भ्रष्टाचार का प्रमाण बताया, तो CM फडणवीस ने विधानसभा में पलटवार करते हुए परियोजना को वैश्विक इंजीनियरिंग नमूना करार दिया और चेतावनी दी — महाराष्ट्र को बदनाम करने वालों को नहीं बख्शूंगा।

मुख्य बातें

CM देवेंद्र फडणवीस ने 8 जुलाई 2026 को महाराष्ट्र विधानसभा में मुंबई-पुणे 'मिसिंग लिंक' परियोजना का बचाव किया और विपक्ष के भ्रष्टाचार आरोपों को खारिज किया।
भारी बारिश से बाहरी आर्च टूटी, मुख्य ढाँचे में कोई क्षति नहीं; 18 घंटे में यातायात बहाल हुआ।
₹7,000 करोड़ की इस परियोजना में भारत का सबसे ऊँचा केबल-स्टेयड ब्रिज और दुनिया की सबसे चौड़ी ट्विन टनल शामिल है।
फडणवीस ने बताया कि पूर्व MVA सरकार ने 14 कारण गिनाकर यह परियोजना बंद कर दी थी।
वसई-विरार में 72 घंटों में 772 मिमी बारिश; कोंकण के प्रभावित जिलों में आपातकालीन फंड जारी।
BMC को GEM पोर्टल पर स्थानांतरित करने से ₹1,032 करोड़ के बढ़े टेंडर रद्द, सरकारी खजाने की बचत।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 8 जुलाई 2026 को महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष पर कड़ा पलटवार करते हुए मुंबई-पुणे 'मिसिंग लिंक' एक्सप्रेसवे परियोजना को इंजीनियरिंग का वैश्विक नमूना करार दिया। नियम 293 के तहत मुंबई और आसपास के शहरों के विकास पर हुई बहस के जवाब में फडणवीस ने विपक्ष के भ्रष्टाचार और संरचनात्मक खामी के आरोपों को सिरे से खारिज किया।

भूस्खलन की असलियत क्या थी

₹7,000 करोड़ की लागत से निर्मित इस परियोजना पर हाल ही में भारी बारिश के कारण भूस्खलन हुआ, जिससे लगभग 18 घंटे तक यातायात बाधित रहा। मुख्यमंत्री ने सदन को स्पष्ट किया कि 'पहाड़ का मलबा बाहरी आर्च (मेहराब) पर गिरा, जो उस दबाव से टूट गया। मुख्य ढाँचे में कोई दरार नहीं है।' उन्होंने बताया कि सुरंग के एकीकृत सुरक्षा तंत्र ने बेहतरीन काम किया और आपातकालीन बटन दबाते ही तीन मिनट के भीतर भारी क्रेनें मौके पर पहुँच गईं।

विपक्ष पर सीधा हमला

सोशल मीडिया पर चल रही ट्रोलिंग और भ्रष्टाचार के आरोपों का जिक्र करते हुए फडणवीस ने खुद को 'एब्यूज़ प्रूफ' बताया। उन्होंने विपक्षी नेताओं पर 'घोर झूठ' बोलने का आरोप लगाते हुए कहा, 'भारी बारिश की वजह से पुणे-मुंबई कनेक्टिंग लिंक का मुद्दा उठाया गया। ऐसे घोर झूठे लोग पैदा हुए हैं।' उन्होंने 'पेड ट्रोलर्स' द्वारा लक्षित अभियान चलाने का भी आरोप लगाया।

पिछली सरकार पर निशाना

मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि पूर्व महा विकास अघाड़ी (MVA) सरकार ने इस परियोजना को लगभग ठंडे बस्ते में डाल दिया था। उन्होंने कहा, 'पिछली सरकार के मुख्यमंत्री ने दो पेज का नोट लिखकर 14 कारण बताए थे कि मिसिंग लिंक क्यों नहीं बनाया जा सकता और फाइल बंद कर दी थी। महायुति सरकार में हिम्मत थी, इसीलिए हमने इसे बनाया।' गौरतलब है कि यह परियोजना भारत के सबसे ऊँचे केबल-स्टेयड ब्रिज और दुनिया की सबसे चौड़ी ट्विन टनल को समेटे हुए है, जो पुराने खतरनाक घाट सेक्शन का सुरक्षित विकल्प है।

कोंकण रेलवे से तुलना — इतिहास का सबक

फडणवीस ने समाजवादी नेता मधु दंडवते की विरासत और कोंकण रेलवे का उदाहरण देते हुए कहा, 'जब कोंकण रेलवे की योजना बनाई जा रही थी, तो लोगों ने कहा था कि बार-बार होने वाले भूस्खलन के कारण यह असंभव है। इसके खुलने के बाद 15 सालों तक हर साल भूस्खलन होता रहा। लेकिन हमने सीखा, तकनीकी समाधान निकाले और इसे ठीक किया।' यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष बुनियादी ढाँचे की हर चुनौती को राजनीतिक हथियार बना रहा है।

आपदा प्रबंधन और वित्तीय उपलब्धि

मुख्यमंत्री ने बताया कि वसई-विरार में 72 घंटों के भीतर 772 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे बिजली ग्रिड और मोबाइल नेटवर्क ठप हो गए। आपदा प्रबंधन टीमें टेलीकॉम और बिजली प्रदाताओं के साथ मिलकर सेवाएँ बहाल कर रही हैं और कोंकण के सबसे प्रभावित जिलों में आपातकालीन फंड के साथ मुफ्त भोजन वितरण की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा, बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) को केंद्रीय GEM (गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस) पोर्टल पर स्थानांतरित करने से ₹1,032 करोड़ के बढ़े हुए टेंडर सफलतापूर्वक रद्द हुए, जो सरकारी खजाने की बड़ी बचत है। फडणवीस ने अंत में स्पष्ट किया, 'देवेंद्र फडणवीस को बुरा-भला कहना ठीक है, मुझे इसकी आदत है। लेकिन अगर आप महाराष्ट्र को बदनाम करेंगे, तो मैं किसी को नहीं बख्शूंगा।' आने वाले दिनों में यह राजनीतिक तकरार और तेज होने के आसार हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि महायुति सरकार की राजनीतिक ब्रांडिंग की कोशिश है — हर बुनियादी ढाँचे की विफलता को विपक्ष की 'नकारात्मकता' बनाम सरकार की 'हिम्मत' के रूप में पेश करना। लेकिन यह सवाल बना रहता है कि ₹7,000 करोड़ की परियोजना में बाहरी आर्च की भेद्यता का आकलन पहले क्यों नहीं हुआ, खासकर जब कोंकण का भूस्खलन-इतिहास सर्वविदित है। कोंकण रेलवे की तुलना भावनात्मक रूप से प्रभावशाली है, परंतु वह उदाहरण यह भी बताता है कि 15 साल की बार-बार की विफलताओं के बाद समाधान मिला — जो जनता के लिए आश्वस्त करने वाला नहीं है। BMC टेंडर में ₹1,032 करोड़ की बचत एक ठोस उपलब्धि है, जो इस बहस में दब गई।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुंबई-पुणे 'मिसिंग लिंक' पर भूस्खलन क्यों हुआ?
भारी बारिश के कारण पहाड़ का मलबा परियोजना की बाहरी आर्च (मेहराब) पर गिरा, जिससे वह टूट गई। CM फडणवीस के अनुसार मुख्य ढाँचे में कोई दरार नहीं आई और 18 घंटे के भीतर यातायात बहाल कर दिया गया।
मुंबई-पुणे 'मिसिंग लिंक' परियोजना क्या है और इसकी लागत कितनी है?
यह ₹7,000 करोड़ की लागत से बना एक्सप्रेसवे कॉरिडोर है जो पुराने खतरनाक घाट सेक्शन का सुरक्षित विकल्प प्रदान करता है। इसमें भारत का सबसे ऊँचा केबल-स्टेयड ब्रिज और दुनिया की सबसे चौड़ी ट्विन टनल शामिल है।
विपक्ष ने 'मिसिंग लिंक' पर क्या आरोप लगाए हैं?
विपक्ष ने भूस्खलन के बाद महायुति सरकार पर भ्रष्टाचार और संरचनात्मक खामियों का आरोप लगाया तथा सोशल मीडिया पर अभियान चलाया। CM फडणवीस ने इन आरोपों को 'घोर झूठ' बताकर खारिज किया।
पूर्व MVA सरकार का इस परियोजना से क्या संबंध था?
CM फडणवीस के अनुसार पूर्व MVA सरकार के मुख्यमंत्री ने दो पेज का नोट लिखकर 14 कारण गिनाए थे कि यह परियोजना क्यों नहीं बन सकती और फाइल बंद कर दी थी। महायुति सरकार ने इसे आगे बढ़ाया और पूरा किया।
BMC के GEM पोर्टल पर स्थानांतरण से क्या फायदा हुआ?
बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) को केंद्रीय GEM (गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस) पोर्टल पर स्थानांतरित करने से ₹1,032 करोड़ के बढ़े हुए टेंडर रद्द हुए, जिससे सरकारी खजाने की भारी बचत हुई।
राष्ट्र प्रेस
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