मुंबई-पुणे 'मिसिंग लिंक' विवाद: फडणवीस का विपक्ष पर पलटवार — 'महाराष्ट्र बदनाम किया तो नहीं बख्शूंगा'
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 8 जुलाई 2026 को महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष पर कड़ा पलटवार करते हुए मुंबई-पुणे 'मिसिंग लिंक' एक्सप्रेसवे परियोजना को इंजीनियरिंग का वैश्विक नमूना करार दिया। नियम 293 के तहत मुंबई और आसपास के शहरों के विकास पर हुई बहस के जवाब में फडणवीस ने विपक्ष के भ्रष्टाचार और संरचनात्मक खामी के आरोपों को सिरे से खारिज किया।
भूस्खलन की असलियत क्या थी
₹7,000 करोड़ की लागत से निर्मित इस परियोजना पर हाल ही में भारी बारिश के कारण भूस्खलन हुआ, जिससे लगभग 18 घंटे तक यातायात बाधित रहा। मुख्यमंत्री ने सदन को स्पष्ट किया कि 'पहाड़ का मलबा बाहरी आर्च (मेहराब) पर गिरा, जो उस दबाव से टूट गया। मुख्य ढाँचे में कोई दरार नहीं है।' उन्होंने बताया कि सुरंग के एकीकृत सुरक्षा तंत्र ने बेहतरीन काम किया और आपातकालीन बटन दबाते ही तीन मिनट के भीतर भारी क्रेनें मौके पर पहुँच गईं।
विपक्ष पर सीधा हमला
सोशल मीडिया पर चल रही ट्रोलिंग और भ्रष्टाचार के आरोपों का जिक्र करते हुए फडणवीस ने खुद को 'एब्यूज़ प्रूफ' बताया। उन्होंने विपक्षी नेताओं पर 'घोर झूठ' बोलने का आरोप लगाते हुए कहा, 'भारी बारिश की वजह से पुणे-मुंबई कनेक्टिंग लिंक का मुद्दा उठाया गया। ऐसे घोर झूठे लोग पैदा हुए हैं।' उन्होंने 'पेड ट्रोलर्स' द्वारा लक्षित अभियान चलाने का भी आरोप लगाया।
पिछली सरकार पर निशाना
मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि पूर्व महा विकास अघाड़ी (MVA) सरकार ने इस परियोजना को लगभग ठंडे बस्ते में डाल दिया था। उन्होंने कहा, 'पिछली सरकार के मुख्यमंत्री ने दो पेज का नोट लिखकर 14 कारण बताए थे कि मिसिंग लिंक क्यों नहीं बनाया जा सकता और फाइल बंद कर दी थी। महायुति सरकार में हिम्मत थी, इसीलिए हमने इसे बनाया।' गौरतलब है कि यह परियोजना भारत के सबसे ऊँचे केबल-स्टेयड ब्रिज और दुनिया की सबसे चौड़ी ट्विन टनल को समेटे हुए है, जो पुराने खतरनाक घाट सेक्शन का सुरक्षित विकल्प है।
कोंकण रेलवे से तुलना — इतिहास का सबक
फडणवीस ने समाजवादी नेता मधु दंडवते की विरासत और कोंकण रेलवे का उदाहरण देते हुए कहा, 'जब कोंकण रेलवे की योजना बनाई जा रही थी, तो लोगों ने कहा था कि बार-बार होने वाले भूस्खलन के कारण यह असंभव है। इसके खुलने के बाद 15 सालों तक हर साल भूस्खलन होता रहा। लेकिन हमने सीखा, तकनीकी समाधान निकाले और इसे ठीक किया।' यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष बुनियादी ढाँचे की हर चुनौती को राजनीतिक हथियार बना रहा है।
आपदा प्रबंधन और वित्तीय उपलब्धि
मुख्यमंत्री ने बताया कि वसई-विरार में 72 घंटों के भीतर 772 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे बिजली ग्रिड और मोबाइल नेटवर्क ठप हो गए। आपदा प्रबंधन टीमें टेलीकॉम और बिजली प्रदाताओं के साथ मिलकर सेवाएँ बहाल कर रही हैं और कोंकण के सबसे प्रभावित जिलों में आपातकालीन फंड के साथ मुफ्त भोजन वितरण की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा, बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) को केंद्रीय GEM (गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस) पोर्टल पर स्थानांतरित करने से ₹1,032 करोड़ के बढ़े हुए टेंडर सफलतापूर्वक रद्द हुए, जो सरकारी खजाने की बड़ी बचत है। फडणवीस ने अंत में स्पष्ट किया, 'देवेंद्र फडणवीस को बुरा-भला कहना ठीक है, मुझे इसकी आदत है। लेकिन अगर आप महाराष्ट्र को बदनाम करेंगे, तो मैं किसी को नहीं बख्शूंगा।' आने वाले दिनों में यह राजनीतिक तकरार और तेज होने के आसार हैं।