मुंबई-पुणे 'मिसिंग लिंक' भूस्खलन: CM फडणवीस का पलटवार — 'विपक्ष के दिमाग से बुद्धि गायब'
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 7 जुलाई 2026 को मुंबई-पुणे 'मिसिंग लिंक' सुरंग परियोजना के पास हुए भूस्खलन को लेकर विपक्ष की आलोचना पर कड़ा पलटवार किया। उन्होंने फेसबुक पर एक पोस्ट के ज़रिए स्पष्ट किया कि यह एक प्राकृतिक भूवैज्ञानिक घटना थी और परियोजना की मुख्य संरचना को कोई नुकसान नहीं पहुँचा है। विपक्षी दलों पर तीखा प्रहार करते हुए फडणवीस ने कहा कि 'विपक्ष के दिमाग से बुद्धि गायब' सी लगती है।
मुख्य घटनाक्रम
मुंबई में हाल ही में हुई मूसलाधार बारिश के बाद मुंबई-पुणे मिसिंग लिंक परियोजना के सुरंग प्रवेश द्वार के निकट पहाड़ की बाहरी ढलान पर भूस्खलन हुआ। इस घटना को लेकर महा विकास अघाड़ी (MVA) के कुछ नेताओं ने बिना तकनीकी जानकारी के भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। इसी के जवाब में मुख्यमंत्री फडणवीस ने सोमवार को फेसबुक पर अपना पक्ष रखा।
सरकार का स्पष्टीकरण
मुख्यमंत्री फडणवीस ने तीन अहम बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट की — सुरंग ढही नहीं है, सुरंग में पानी नहीं घुसा है, और परियोजना की मुख्य संरचना को कोई क्षति नहीं पहुँची है। उन्होंने बताया कि भूस्खलन पहाड़ की बाहरी ढलान पर सुरंग के बाहर हुआ, जो पूरी तरह एक प्राकृतिक भूवैज्ञानिक प्रक्रिया है।
फडणवीस ने यह भी कहा कि ऐसी प्राकृतिक घटनाएँ दुनिया की सबसे आधुनिक सड़क और सुरंग परियोजनाओं में भी होती हैं और इसका अर्थ खराब निर्माण गुणवत्ता या भ्रष्टाचार नहीं होता।
विपक्ष पर तीखा प्रहार
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि MVA के कुछ नेता 'भ्रष्टाचार के इतने आदी हो चुके हैं कि उन्हें हर प्राकृतिक घटना में अपना अतीत नज़र आता है।' उन्होंने कहा कि तथ्यों की पुष्टि किए बिना अफवाहें फैलाना और जनता में भय पैदा करना इन नेताओं का राजनीतिक एजेंडा बन गया है। बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं के तथ्यों के बजाय अफवाहों पर आधारित राजनीति को उन्होंने 'अस्वीकार्य' बताया।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि मुंबई में भारी बारिश के बाद विपक्ष ने पहले नगर प्रशासन को आकस्मिक मौतों के लिए ज़िम्मेदार ठहराया था। अब 'मिसिंग लिंक' भूस्खलन को लेकर एक नया मोर्चा खुल गया है। यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में महायुति सरकार और MVA के बीच राजनीतिक तनाव पहले से ही ऊँचे स्तर पर है।
आगे की स्थिति
फिलहाल परियोजना स्थल का तकनीकी मूल्यांकन जारी है। मुख्यमंत्री फडणवीस ने संकेत दिया है कि महाराष्ट्र की इस महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजना पर राजनीति की जगह तथ्य-आधारित चर्चा होनी चाहिए। परियोजना का भविष्य और निर्माण कार्य की समयसीमा अगले कुछ दिनों में स्पष्ट होने की उम्मीद है।