तमिलनाडु कांग्रेस का मेकेदातु बांध विरोध तेज करने का संकल्प, राम मंदिर चंदे की SC जांच की मांग
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु कांग्रेस इकाई ने सोमवार, 6 जुलाई को चेन्नई के सत्यमूर्ति भवन में आयोजित राज्य कार्यकारी समिति की बैठक में कर्नाटक की प्रस्तावित मेकेदातु बांध परियोजना के विरोध को और तेज करने का संकल्प लिया। साथ ही, अयोध्या राम मंदिर में चंदे के कथित दुरुपयोग की सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में जांच की माँग की गई। नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद बी. मणिकम टैगोर की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सात महत्वपूर्ण राजनीतिक प्रस्ताव पारित किए गए।
मुख्य प्रस्ताव और संकल्प
बैठक में पारित प्रमुख प्रस्तावों में राजनीतिक रणनीति, संगठनात्मक पुनर्गठन, शासन, भ्रष्टाचार, ईंधन की कीमतों और अंतरराज्यीय जल विवादों से जुड़े मुद्दे शामिल रहे। एक प्रस्ताव में टीवीके अध्यक्ष सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली राज्य सरकार के समर्थन के निर्णय को औपचारिक मंजूरी दी गई। प्रस्ताव के अनुसार, कांग्रेस की राजनीतिक मामलों की समिति ने 5 मई को यह निर्णय लिया था ताकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा राज्यपाल के माध्यम से सरकार स्थापित करने के कथित प्रयासों को रोका जा सके।
समिति ने विजय सरकार में पर्यटन मंत्री के रूप में पदभार ग्रहण करने पर राजेशकुमार और उच्च शिक्षा मंत्री बनने पर पी. विश्वनाथन को बधाई भी दी।
मेकेदातु बांध विवाद: तमिलनाडु की आपत्ति
मेकेदातु बांध परियोजना लंबे समय से तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच अंतरराज्यीय जल विवाद का केंद्र रही है। तमिलनाडु का तर्क है कि कावेरी नदी पर कर्नाटक द्वारा प्रस्तावित यह बांध राज्य को मिलने वाले जल के हिस्से को प्रभावित करेगा। कांग्रेस ने इस बैठक में इस विरोध को और मुखर करने का संकल्प लेकर स्पष्ट किया कि वह इस मुद्दे पर तमिलनाडु के हितों के साथ खड़ी है। गौरतलब है कि यह विवाद दशकों पुराना है और समय-समय पर राजनीतिक तनाव का कारण बनता रहा है।
राम मंदिर चंदे की जांच की माँग
बैठक में पारित एक अन्य प्रस्ताव में अयोध्या राम मंदिर में एकत्र चंदे के कथित दुरुपयोग की सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में जांच कराने की माँग की गई। यह माँग ऐसे समय में आई है जब राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े वित्तीय प्रबंधन को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों ने सवाल उठाए हैं। कांग्रेस ने इसे पारदर्शिता और जवाबदेही का मुद्दा बताया।
कामराज जयंती और संगठन मजबूती
कार्यकारी समिति ने पूर्व मुख्यमंत्री के. कामराज की जयंती 15 जुलाई को तमिलनाडु भर में सप्ताह भर के कार्यक्रमों के साथ मनाने का निर्णय लिया। जिला, शहर, कस्बा, पंचायत और ग्राम कांग्रेस इकाइयों को कल्याणकारी गतिविधियों के आयोजन, पार्टी ध्वज फहराने और कामराज को पुष्पांजलि अर्पित करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही, आगामी चुनावों से पहले पार्टी की जमीनी संगठनात्मक संरचना को मजबूत करने का संकल्प भी लिया गया।
बैठक में उपस्थित प्रमुख नेता
इस बैठक में पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदंबरम, कांग्रेस विधायक दल के नेता एवं पर्यटन मंत्री एस. राजेशकुमार, पूर्व राज्य इकाई प्रमुख केवी थंगाबालू, एम. कृष्णासामी, सेल्वपेरुंथगई, केएस अलागिरी, कांग्रेस राज्य प्रभारी निवेदिता अल्वा, पूर्व केंद्रीय मंत्री थिरुनावुक्करसर, सांसद विजय वसंत, प्रवीण चक्रवर्ती, विष्णु प्रसाद, सुधा रामकृष्णन, गोपीनाथ और क्रिस्टोफर तिलक, एआईसीसी के स्थायी सदस्य डॉ. चेल्लाकुमार तथा एआईसीसी के राष्ट्रीय सचिव अरवाझी, मयूरा जयकुमार और मोहन कुमारमंगलम सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब तमिलनाडु में नई सरकार के गठन के बाद कांग्रेस अपनी भूमिका को पुनर्परिभाषित करने में जुटी है। आने वाले हफ्तों में पार्टी के जमीनी स्तर पर पुनर्गठन की गतिविधियाँ तेज होने की संभावना है।