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तमिलनाडु कांग्रेस का मेकेदातु बांध विरोध तेज करने का संकल्प, राम मंदिर चंदे की SC जांच की मांग

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तमिलनाडु कांग्रेस का मेकेदातु बांध विरोध तेज करने का संकल्प, राम मंदिर चंदे की SC जांच की मांग

सारांश

तमिलनाडु कांग्रेस की राज्य कार्यकारी समिति ने एक बैठक में सात प्रस्ताव पारित किए — मेकेदातु बांध का विरोध, राम मंदिर चंदे की SC जांच की माँग, और जोसेफ विजय सरकार को समर्थन की औपचारिक मंजूरी। नए प्रदेश अध्यक्ष मणिकम टैगोर की अध्यक्षता में हुई यह बैठक पार्टी के संगठनात्मक पुनर्गठन की दिशा में अहम कदम है।

मुख्य बातें

तमिलनाडु कांग्रेस ने 6 जुलाई को सत्यमूर्ति भवन, चेन्नई में राज्य कार्यकारी समिति की बैठक में 7 प्रस्ताव पारित किए।
बैठक की अध्यक्षता नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद बी.
कर्नाटक की मेकेदातु बांध परियोजना के विरोध को और तेज करने का संकल्प लिया गया।
अयोध्या राम मंदिर में चंदे के कथित दुरुपयोग की सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में जांच की माँग की गई।
जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली टीवीके सरकार को समर्थन देने के निर्णय को औपचारिक मंजूरी दी गई।
पूर्व मुख्यमंत्री के.
कामराज की जयंती 15 जुलाई को सप्ताह भर के कार्यक्रमों से मनाई जाएगी।

तमिलनाडु कांग्रेस इकाई ने सोमवार, 6 जुलाई को चेन्नई के सत्यमूर्ति भवन में आयोजित राज्य कार्यकारी समिति की बैठक में कर्नाटक की प्रस्तावित मेकेदातु बांध परियोजना के विरोध को और तेज करने का संकल्प लिया। साथ ही, अयोध्या राम मंदिर में चंदे के कथित दुरुपयोग की सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में जांच की माँग की गई। नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद बी. मणिकम टैगोर की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सात महत्वपूर्ण राजनीतिक प्रस्ताव पारित किए गए।

मुख्य प्रस्ताव और संकल्प

बैठक में पारित प्रमुख प्रस्तावों में राजनीतिक रणनीति, संगठनात्मक पुनर्गठन, शासन, भ्रष्टाचार, ईंधन की कीमतों और अंतरराज्यीय जल विवादों से जुड़े मुद्दे शामिल रहे। एक प्रस्ताव में टीवीके अध्यक्ष सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली राज्य सरकार के समर्थन के निर्णय को औपचारिक मंजूरी दी गई। प्रस्ताव के अनुसार, कांग्रेस की राजनीतिक मामलों की समिति ने 5 मई को यह निर्णय लिया था ताकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा राज्यपाल के माध्यम से सरकार स्थापित करने के कथित प्रयासों को रोका जा सके।

समिति ने विजय सरकार में पर्यटन मंत्री के रूप में पदभार ग्रहण करने पर राजेशकुमार और उच्च शिक्षा मंत्री बनने पर पी. विश्वनाथन को बधाई भी दी।

मेकेदातु बांध विवाद: तमिलनाडु की आपत्ति

मेकेदातु बांध परियोजना लंबे समय से तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच अंतरराज्यीय जल विवाद का केंद्र रही है। तमिलनाडु का तर्क है कि कावेरी नदी पर कर्नाटक द्वारा प्रस्तावित यह बांध राज्य को मिलने वाले जल के हिस्से को प्रभावित करेगा। कांग्रेस ने इस बैठक में इस विरोध को और मुखर करने का संकल्प लेकर स्पष्ट किया कि वह इस मुद्दे पर तमिलनाडु के हितों के साथ खड़ी है। गौरतलब है कि यह विवाद दशकों पुराना है और समय-समय पर राजनीतिक तनाव का कारण बनता रहा है।

राम मंदिर चंदे की जांच की माँग

बैठक में पारित एक अन्य प्रस्ताव में अयोध्या राम मंदिर में एकत्र चंदे के कथित दुरुपयोग की सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में जांच कराने की माँग की गई। यह माँग ऐसे समय में आई है जब राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े वित्तीय प्रबंधन को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों ने सवाल उठाए हैं। कांग्रेस ने इसे पारदर्शिता और जवाबदेही का मुद्दा बताया।

कामराज जयंती और संगठन मजबूती

कार्यकारी समिति ने पूर्व मुख्यमंत्री के. कामराज की जयंती 15 जुलाई को तमिलनाडु भर में सप्ताह भर के कार्यक्रमों के साथ मनाने का निर्णय लिया। जिला, शहर, कस्बा, पंचायत और ग्राम कांग्रेस इकाइयों को कल्याणकारी गतिविधियों के आयोजन, पार्टी ध्वज फहराने और कामराज को पुष्पांजलि अर्पित करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही, आगामी चुनावों से पहले पार्टी की जमीनी संगठनात्मक संरचना को मजबूत करने का संकल्प भी लिया गया।

बैठक में उपस्थित प्रमुख नेता

इस बैठक में पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदंबरम, कांग्रेस विधायक दल के नेता एवं पर्यटन मंत्री एस. राजेशकुमार, पूर्व राज्य इकाई प्रमुख केवी थंगाबालू, एम. कृष्णासामी, सेल्वपेरुंथगई, केएस अलागिरी, कांग्रेस राज्य प्रभारी निवेदिता अल्वा, पूर्व केंद्रीय मंत्री थिरुनावुक्करसर, सांसद विजय वसंत, प्रवीण चक्रवर्ती, विष्णु प्रसाद, सुधा रामकृष्णन, गोपीनाथ और क्रिस्टोफर तिलक, एआईसीसी के स्थायी सदस्य डॉ. चेल्लाकुमार तथा एआईसीसी के राष्ट्रीय सचिव अरवाझी, मयूरा जयकुमार और मोहन कुमारमंगलम सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।

यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब तमिलनाडु में नई सरकार के गठन के बाद कांग्रेस अपनी भूमिका को पुनर्परिभाषित करने में जुटी है। आने वाले हफ्तों में पार्टी के जमीनी स्तर पर पुनर्गठन की गतिविधियाँ तेज होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दोनों मोर्चों पर विपक्षी स्वर बनाए रखना चाहती है। असली परीक्षा यह होगी कि क्या ये प्रस्ताव जमीनी आंदोलन में बदल पाते हैं, या बैठक की कार्यवाही तक ही सीमित रहते हैं।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मेकेदातु बांध परियोजना क्या है और तमिलनाडु इसका विरोध क्यों करता है?
मेकेदातु बांध कर्नाटक द्वारा कावेरी नदी पर प्रस्तावित एक जलाशय परियोजना है। तमिलनाडु का तर्क है कि यह बांध राज्य को मिलने वाले कावेरी जल के हिस्से को प्रभावित करेगा, इसलिए वह लंबे समय से इसका विरोध करता आ रहा है।
तमिलनाडु कांग्रेस ने राम मंदिर चंदे की जांच की माँग क्यों की?
कांग्रेस ने अयोध्या राम मंदिर में एकत्र चंदे के कथित दुरुपयोग को लेकर सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में जांच की माँग की है। पार्टी ने इसे पारदर्शिता और जवाबदेही का मुद्दा बताया है।
टीवीके सरकार को कांग्रेस ने समर्थन क्यों दिया?
कांग्रेस की राजनीतिक मामलों की समिति ने 5 मई को सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली टीवीके सरकार को समर्थन देने का निर्णय लिया था। प्रस्ताव के अनुसार, यह कदम BJP द्वारा राज्यपाल के माध्यम से सरकार स्थापित करने के कथित प्रयासों को रोकने के लिए उठाया गया।
बी. मणिकम टैगोर तमिलनाडु कांग्रेस के नए अध्यक्ष कब बने?
बी. मणिकम टैगोर को तमिलनाडु कांग्रेस का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। 6 जुलाई की राज्य कार्यकारी समिति की बैठक उनकी अध्यक्षता में आयोजित पहली प्रमुख बैठक थी।
कामराज जयंती पर कांग्रेस क्या कार्यक्रम आयोजित करेगी?
पूर्व मुख्यमंत्री के. कामराज की जयंती 15 जुलाई को तमिलनाडु भर में सप्ताह भर चलने वाले कार्यक्रमों के साथ मनाई जाएगी। जिला से लेकर ग्राम स्तर तक की कांग्रेस इकाइयाँ कल्याणकारी गतिविधियाँ आयोजित करेंगी, पार्टी ध्वज फहराएंगी और कामराज को पुष्पांजलि अर्पित करेंगी।
राष्ट्र प्रेस
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