महाराष्ट्र में रेड अलर्ट: मंत्री अदिति तटकरे ने रायगढ़-रत्नागिरी में बाढ़ की समीक्षा की, 145 बचावकर्मी तैनात
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र की महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने सोमवार, 6 जुलाई को राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र से रायगढ़, रत्नागिरी और अन्य प्रभावित तटीय जिलों में बाढ़ की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। यह बैठक राज्य आपदा प्रबंधन निदेशक भालचंद्र चव्हाण के साथ मंत्रालय स्थित केंद्र में हुई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सोमवार और मंगलवार को इन दोनों जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा की आशंका जताते हुए 'रेड अलर्ट' जारी किया है।
अगले 48 घंटे सबसे अहम
मंत्री तटकरे ने स्पष्ट किया कि रायगढ़ और रत्नागिरी के लिए अगले 48 घंटे अत्यंत संवेदनशील हैं। उन्होंने स्थानीय प्रशासन को सभी आवश्यक एहतियाती उपाय तत्काल प्रभाव से लागू करने के कड़े निर्देश दिए हैं। राज्य का पूरा आपदा-प्रबंधन तंत्र हाई अलर्ट पर है और सभी सुरक्षा एवं बचाव एजेंसियाँ किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार बताई जा रही हैं।
बचाव बल की तैनाती
संभावित आपात स्थितियों से निपटने के लिए नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) की एक टीम को महाड में तैनात किया गया है। इसके अतिरिक्त, सुधागढ़ और रोहा क्षेत्रों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए 145 अतिरिक्त बचाव कर्मियों की तैनाती का औपचारिक अनुरोध किया गया है। मंत्री तटकरे ने बताया कि वे कर्जत और खोपोली में जमीनी स्तर पर काम कर रहे स्वयंसेवी संगठनों के साथ निरंतर संपर्क में हैं।
नागरिकों को राहत संसाधन
राज्य सरकार ने आश्वासन दिया है कि राहत कार्यों में जुटे इन संगठनों को सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। आवश्यकता पड़ने पर इन्हें जिले के अन्य प्रभावित क्षेत्रों में भी भेजा जाएगा। मंत्री ने राज्य के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अत्यावश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें और गैर-जरूरी यात्रा से परहेज करें।
परिवहन व्यवस्था पर असर
लगातार बारिश और तेज़ हवाओं के कारण रायगढ़ राज्य के सर्वाधिक प्रभावित जिलों में शामिल है। मॉनसून की मार से महत्वपूर्ण मुंबई-गोवा राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात 32 घंटे से अधिक समय तक बाधित रहा। रायगढ़ जिले से गुजरने वाले इस राजमार्ग पर हजारों यात्री फंसे रहे, जिससे आपूर्ति श्रृंखला और आवागमन दोनों पर गंभीर असर पड़ा।
आगे क्या होगा
राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र से स्थिति पर चौबीसों घंटे नज़र रखी जा रही है। मौसम विभाग की चेतावनियों को देखते हुए प्रशासन ने निचले इलाकों के निवासियों को सतर्क रहने और स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है। आने वाले दिनों में स्थिति में सुधार की उम्मीद मौसम के रुख पर निर्भर करेगी।