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महाराष्ट्र में AI आधारित कमांड-कंट्रोल सिस्टम से होगा आपदा प्रबंधन, CM फडणवीस ने दिए निर्देश

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महाराष्ट्र में AI आधारित कमांड-कंट्रोल सिस्टम से होगा आपदा प्रबंधन, CM फडणवीस ने दिए निर्देश

सारांश

मानसून से पहले महाराष्ट्र ने बड़ा कदम उठाया — CM फडणवीस ने AI आधारित इंटीग्रेटेड कमांड-कंट्रोल सिस्टम विकसित करने के निर्देश दिए, 15 दिन में विभागीय समीक्षा अनिवार्य की, और 1.06 लाख किसानों को ₹16,224 करोड़ DBT से पहले ही दिए जा चुके हैं।

मुख्य बातें

CM देवेंद्र फडणवीस ने 22 मई 2026 को महाराष्ट्र में AI आधारित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम विकसित करने के निर्देश दिए।
सभी विभागों को 15 दिनों के भीतर तैयारियों की समीक्षा और परिचालन कमियाँ दूर करने का आदेश।
राज्य सरकार 1.06 लाख किसानों के खातों में DBT के ज़रिए ₹16,224 करोड़ जमा कर चुकी है।
खरीफ फसल नुकसान पर ₹10,000 प्रति हेक्टेयर , बाढ़ में ज़मीन बहने पर ₹47,000 मुआवज़ा।
पहली बार क्षतिग्रस्त कुओं के लिए ₹30,000 प्रति कुआँ मुआवज़ा; करीब 11,000 कुओं को लाभ।
राहत पात्रता सीमा 2 हेक्टेयर से बढ़ाकर 3 हेक्टेयर की गई।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 22 मई 2026 को मुंबई में प्री-मानसून तैयारी समीक्षा बैठक में महाराष्ट्र के लिए AI आधारित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम विकसित करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए। यह प्रणाली पूरे राज्य में आपदा प्रबंधन और इमरजेंसी रिस्पॉन्स को एकीकृत करेगी। मानसून से पहले की इस तैयारी को राज्य सरकार ने सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।

मुख्य निर्देश और समयसीमा

फडणवीस ने सभी विभागों को अगले 15 दिनों के भीतर अपनी तैयारियों की समीक्षा कर परिचालन संबंधी कमियाँ दूर करने का आदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का सख्ती से पालन हो, समय पर चेतावनी जारी की जाए और राहत में किसी भी स्तर पर देरी स्वीकार्य नहीं होगी।

मंत्रालय, पुलिस, नगर निगमों और विभिन्न कंट्रोल रूम को एकीकृत रिस्पॉन्स सिस्टम से जोड़ने के भी निर्देश दिए गए, ताकि मानसून के दौरान समन्वय बेहतर हो और नागरिकों को तेज़ी से राहत मिल सके।

बाढ़ और बुनियादी ढाँचे पर ध्यान

आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन ने बताया कि बाँधों से पानी छोड़े जाने के दौरान निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनना एक बार-बार आने वाली समस्या है। उन्होंने कमज़ोर पुलों का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराने और असुरक्षित पाए जाने पर तत्काल यातायात रोकने के निर्देश दिए।

राहत पैकेज और मुआवज़ा

राहत एवं पुनर्वास मंत्री मकरंद पाटिल ने बताया कि राज्य सरकार ने फसल नुकसान, घरों की क्षति, पशुधन की मौत और जनहानि के लिए विशेष राहत पैकेज मंजूर किया है। इसके तहत:

खरीफ फसल नुकसान पर प्रति हेक्टेयर ₹10,000, बाढ़ में जमीन बह जाने पर ₹47,000 मुआवज़ा और रोज़गार गारंटी योजना के तहत ₹5,000 तक की सहायता दी जाएगी। राज्य सरकार 1.06 लाख किसानों के खातों में DBT के ज़रिए ₹16,224 करोड़ पहले ही जमा कर चुकी है।

इस बार पहली बार क्षतिग्रस्त कुओं के लिए प्रति कुआँ ₹30,000 मुआवज़ा मंजूर किया गया है, जिससे करीब 11,000 कुओं को लाभ मिलेगा। साथ ही राहत पात्रता सीमा 2 हेक्टेयर से बढ़ाकर 3 हेक्टेयर कर दी गई है।

बहु-एजेंसी समन्वय

बैठक में भारतीय सेना, नौसेना, वायुसेना, तटरक्षक बल, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), NDRF, SDRF, रेलवे, दूरसंचार विभाग, बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) और मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) समेत दर्जनों एजेंसियों की तैयारियों की समीक्षा की गई। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र पिछले कई वर्षों से मानसून में बाढ़, भूस्खलन और शहरी जलभराव की गंभीर समस्याओं से जूझता रहा है।

आगे की राह

AI आधारित कमांड-कंट्रोल सिस्टम की विकास प्रक्रिया शुरू होने के साथ, राज्य का लक्ष्य है कि आने वाले मानसून सीज़न तक कम से कम एकीकृत निगरानी का ढाँचा तैयार हो जाए। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह प्रणाली समय पर क्रियान्वित हुई, तो यह महाराष्ट्र के आपदा प्रबंधन को राष्ट्रीय स्तर पर एक मॉडल बना सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन की गति होगी — महाराष्ट्र में हर साल मानसून से पहले ऐसी बैठकें होती हैं, फिर भी कोंकण और विदर्भ में बाढ़ की त्रासदी दोहराती है। ₹16,224 करोड़ का DBT ट्रांसफर ज़मीनी राहत का संकेत है, लेकिन कुओं के लिए पहली बार मुआवज़ा और पात्रता सीमा में बदलाव दर्शाते हैं कि नीतिगत सुधार अभी भी प्रतिक्रियाशील हैं, न कि पूर्व-निवारक। जब तक AI सिस्टम वास्तव में चालू नहीं होता और एजेंसियों के बीच रियल-टाइम डेटा साझेदारी नहीं होती, यह घोषणा अगले मानसून में भी परीक्षण के दौर में ही रहेगी।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाराष्ट्र का AI आधारित कमांड-कंट्रोल सिस्टम क्या है?
यह एक इंटीग्रेटेड डिजिटल प्रणाली है जिसे CM फडणवीस के निर्देश पर विकसित किया जाएगा, ताकि मंत्रालय, पुलिस, नगर निगम और विभिन्न कंट्रोल रूम एक ही प्लेटफॉर्म पर जुड़ सकें। इसका उद्देश्य मानसून के दौरान आपदा प्रबंधन और इमरजेंसी रिस्पॉन्स को तेज़ और समन्वित बनाना है।
महाराष्ट्र सरकार ने किसानों को राहत के लिए क्या किया है?
राज्य सरकार 1.06 लाख किसानों के खातों में DBT के ज़रिए ₹16,224 करोड़ पहले ही जमा कर चुकी है। खरीफ फसल नुकसान पर ₹10,000 प्रति हेक्टेयर, बाढ़ में ज़मीन बहने पर ₹47,000 और रोज़गार गारंटी योजना के तहत ₹5,000 तक की सहायता का प्रावधान है।
कुओं के लिए नया मुआवज़ा क्या है और किसे मिलेगा?
पहली बार क्षतिग्रस्त कुओं के लिए प्रति कुआँ ₹30,000 मुआवज़ा मंजूर किया गया है। करीब 11,000 कुओं को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।
15 दिनों की समीक्षा का क्या मतलब है?
CM फडणवीस ने सभी सरकारी विभागों को निर्देश दिया है कि वे 15 दिनों के भीतर अपनी मानसून-पूर्व तैयारियों की आंतरिक समीक्षा करें और जहाँ भी परिचालन संबंधी कमियाँ हों, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दूर करें। इसका लक्ष्य मानसून शुरू होने से पहले सभी एजेंसियों को तैयार रखना है।
बैठक में कौन-कौन सी एजेंसियाँ शामिल थीं?
बैठक में भारतीय सेना, नौसेना, वायुसेना, तटरक्षक बल, IMD, NDRF, SDRF, रेलवे, दूरसंचार विभाग, BMC और MMRDA समेत दर्जनों केंद्रीय व राज्य एजेंसियों की मानसून तैयारियों की समीक्षा की गई।
राष्ट्र प्रेस
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