अस्पताल में सलाइन पर एकनाथ शिंदे ने की हाई-लेवल बैठक, महाराष्ट्र बाढ़ पर तीन मंत्रियों को दिए कड़े निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने 7 जुलाई 2025 को अस्पताल के बिस्तर से — दोनों हाथों में सलाइन आईवी लाइन लगी होने के बावजूद — राज्य में बाढ़ की गंभीर स्थिति की निगरानी की। मुंबई, कोंकण और रायगढ़ में चार दिनों से जारी मूसलाधार बारिश के बीच उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए हाई-लेवल बैठक कर मंत्रियों और प्रशासनिक अधिकारियों को राहत-बचाव कार्यों में तेज़ी लाने के निर्देश दिए।
मुख्य घटनाक्रम
थकान और गले के संक्रमण के कारण शिंदे पिछले तीन दिनों से अस्पताल में भर्ती हैं। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि उनकी स्थिति अब स्थिर है और सुधार हो रहा है। इसके बावजूद उन्होंने सोमवार को दो अलग-अलग वीडियो कॉन्फ्रेंस आयोजित कीं — एक जिलेवार बाढ़ की स्थिति के आकलन के लिए और दूसरी मुंबई के नागरिक अधिकारियों के साथ मॉनसून तैयारियों की समीक्षा के लिए।
टीवी चैनलों पर प्रसारित तस्वीरों में डिप्टी सीएम दोनों हाथों में सलाइन लगाए हुए बैठक करते नज़र आए — जो उनकी कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक बना, लेकिन साथ ही उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता भी जताई जा रही है।
तीन मंत्रियों को विशेष निर्देश
शिंदे ने रायगढ़ और रत्नागिरी से जुड़े मंत्रियों — भरत गोगावले, योगेश कदम और उदय सामंत — को विशेष निर्देश दिए। तीनों को महाड और पूरे रायगढ़ जिले के जलभराव वाले इलाकों पर कड़ी नज़र रखने, आपदा प्रभावित क्षेत्रों का व्यक्तिगत दौरा करने और फंसे हुए नागरिकों को सुरक्षित आश्रय स्थलों तक पहुँचाने का आदेश दिया गया।
नागोठाने क्षेत्र में भूस्खलन की सूचना मिलते ही मंत्री भरत गोगावले तत्काल रायगढ़ के लिए रवाना हो गए। वे बचाव कार्यों की व्यक्तिगत निगरानी करेंगे और घटनास्थल का निरीक्षण कर शिंदे को विस्तृत रिपोर्ट सौंपेंगे।
मुंबई के लिए अलग निर्देश
मुंबई के प्रभारी मंत्री (गार्जियन मिनिस्टर) के रूप में शिंदे ने अस्पताल से ही म्युनिसिपल कमिश्नर अश्विनी भिड़े के साथ वर्चुअल बैठक की। उन्होंने सभी नागरिक अधिकारियों को फील्ड पर उतरने और स्थानीय वार्ड पार्षदों की शिकायतों को प्राथमिकता से सुलझाने का निर्देश दिया।
मुंबई में हाल के दिनों में पेड़ गिरने की घटनाओं में बढ़ोतरी का हवाला देते हुए शिंदे ने खतरनाक और झुके हुए पेड़ों को तत्काल हटाने का आदेश दिया। नगर निकाय को खुले मैनहोल सुरक्षित करने और शहर में भूस्खलन की आशंका वाले इलाकों का व्यापक ऑडिट करने का भी निर्देश दिया गया।
राज्य में बाढ़ की स्थिति
पिछले चार दिनों से मुंबई, ठाणे, पुणे और कोंकण क्षेत्र में मूसलाधार बारिश से जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त है। कोंकण में कई नदियाँ खतरे के निशान को पार कर चुकी हैं, जबकि रायगढ़ में स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है।
शिंदे ने शिवसेना के कार्यकर्ताओं, मंत्रियों, विधायकों और सांसदों को जमीनी स्तर पर नागरिकों की मदद के लिए सक्रिय किया है। उन्होंने सभी नेताओं को निर्देश दिया कि वे प्रभावित इलाकों का दौरा कर निवासियों की समस्याएं सुनें और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर तत्काल राहत पहुँचाएं।
आगे क्या
बारिश की तीव्रता को देखते हुए राहत और बचाव अभियान जारी रहने की संभावना है। शिंदे के अस्पताल से डिस्चार्ज होने की तारीख अभी तक अधिकारियों ने नहीं बताई है, लेकिन उनकी स्थिति में सुधार हो रहा है। आने वाले दिनों में मौसम विभाग की चेतावनियों के मद्देनज़र राज्य प्रशासन हाई अलर्ट पर बना रहेगा।