4 जुलाई 2026
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एकनाथ शिंदे ठाणे अस्पताल में भर्ती, अत्यधिक थकान और बुखार के बाद हालत स्थिर

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एकनाथ शिंदे ठाणे अस्पताल में भर्ती, अत्यधिक थकान और बुखार के बाद हालत स्थिर

सारांश

लगातार राजनीतिक अभियानों और 'ऑपरेशन टाइगर' की थकान ने महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे को ठाणे के अस्पताल तक पहुँचा दिया। हालत स्थिर है, लेकिन उनकी अनुपस्थिति में बेटे डॉ. श्रीकांत शिंदे को रात 2 बजे पार्टी की कमान संभालनी पड़ी।

मुख्य बातें

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को 4 जुलाई 2026 को अत्यधिक थकान और तेज बुखार के बाद ठाणे के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम निगरानी कर रही है; पार्टी सूत्रों के अनुसार हालत पूरी तरह स्थिर है।
' ऑपरेशन टाइगर ' के तहत उद्धव ठाकरे गुट के छह सांसदों और एमएलसी सचिन अहीर के शिंदे शिवसेना में शामिल होने की प्रक्रिया के दौरान भारी कार्यभार रहा।
धुले नेता शुभांगी पाटील का शिंदे शिवसेना में शामिल होने का कार्यक्रम टला; देर रात रात 1:15 बजे संपन्न हुआ।
डिप्टी सीएम की अनुपस्थिति में सांसद डॉ.
श्रीकांत शिंदे ने रात 2 बजे शुभांगी पाटील को पार्टी सदस्यता दिलाई।

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे को 4 जुलाई 2026 को अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद ठाणे के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। पार्टी सूत्रों के अनुसार, विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम उनकी निरंतर निगरानी कर रही है और फिलहाल उनकी हालत पूरी तरह स्थिर बताई जा रही है।

तबीयत कैसे बिगड़ी

शिवसेना सूत्रों के मुताबिक, बीते कुछ दिनों से लगातार राजनीतिक कार्यक्रमों, भारी कार्यभार और अत्यधिक शारीरिक थकान के चलते शिंदे की सेहत प्रभावित हुई। शुक्रवार को महाराष्ट्र विधानसभा का सत्र चल रहा था, तभी उन्हें तेज बुखार और गंभीर कमज़ोरी महसूस हुई। शुरुआत में उन्होंने काम जारी रखा, लेकिन स्थिति और बिगड़ने पर उन्हें तत्काल ठाणे के अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

'ऑपरेशन टाइगर' और लगातार राजनीतिक सक्रियता

हाल के दिनों में एकनाथ शिंदे अपने 'ऑपरेशन टाइगर' अभियान के तहत बेहद सक्रिय थे। इसी अभियान के दौरान उद्धव ठाकरे गुट के छह सांसदों और एमएलसी सचिन अहीर ने शिंदे की शिवसेना का दामन थामा। इस अभियान को सफल बनाने के लिए उन्हें लगातार काम करना पड़ा और कई बार नई दिल्ली की यात्राएँ भी करनी पड़ीं। यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र की राजनीति में दलबदल की गतिविधियाँ तेज़ हो रही हैं।

राजनीतिक कार्यक्रम पर असर

शुक्रवार शाम 4 बजे ठाणे के गंगूबाई शिंदे हॉल में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक कार्यक्रम निर्धारित था, जिसमें उद्धव ठाकरे गुट की धुले की प्रमुख नेता और उपनेता शुभांगी पाटील को आधिकारिक रूप से शिंदे की शिवसेना में शामिल होना था। अस्पताल में भर्ती होने के कारण यह कार्यक्रम टालना पड़ा। गौरतलब है कि शुभांगी पाटील इससे पहले महा विकास अघाड़ी (MVA) की उम्मीदवार के रूप में नासिक स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव लड़ चुकी हैं।

देर रात हुआ कार्यक्रम

बाद में यह कार्यक्रम देर रात आयोजित किया गया और करीब रात 1:15 बजे इसका समापन हुआ। डिप्टी सीएम की अनुपस्थिति में उनके पुत्र और सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे ने रात 2 बजे वरिष्ठ पार्टी पदाधिकारियों की मौजूदगी में शुभांगी पाटील को पार्टी की सदस्यता दिलाई।

आगे क्या

पार्टी सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि एकनाथ शिंदे की सेहत को लेकर किसी गंभीर चिंता की स्थिति नहीं है और वे डॉक्टरों की निगरानी में हैं। उनके जल्द स्वस्थ होकर राजनीतिक गतिविधियों में लौटने की उम्मीद जताई जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो संगठनात्मक निर्भरता की सीमा को उजागर करता है। शिंदे की सेहत की खबर ऐसे समय में आई है जब महायुति सरकार में उनकी भूमिका और 'ऑपरेशन टाइगर' की गति दोनों पर नज़रें टिकी हैं।
RashtraPress
4 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एकनाथ शिंदे को अस्पताल में क्यों भर्ती किया गया?
शिवसेना सूत्रों के अनुसार, लगातार राजनीतिक कार्यक्रमों, 'ऑपरेशन टाइगर' अभियान और नई दिल्ली की यात्राओं से अत्यधिक थकान और तेज बुखार के कारण उनकी तबीयत बिगड़ी। शुक्रवार को महाराष्ट्र विधानसभा सत्र के दौरान स्थिति बिगड़ने पर उन्हें तत्काल ठाणे के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
एकनाथ शिंदे की हालत अभी कैसी है?
पार्टी सूत्रों के मुताबिक उनकी हालत पूरी तरह स्थिर है और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनकी निगरानी कर रही है। किसी गंभीर चिंता की बात नहीं बताई गई है।
'ऑपरेशन टाइगर' क्या है?
'ऑपरेशन टाइगर' एकनाथ शिंदे की शिवसेना का वह राजनीतिक अभियान है जिसके तहत उद्धव ठाकरे गुट के नेताओं को अपनी पार्टी में शामिल कराया जा रहा है। इसी अभियान के दौरान उद्धव गुट के छह सांसदों और एमएलसी सचिन अहीर ने शिंदे की शिवसेना का दामन थामा।
शुभांगी पाटील कौन हैं और वे क्यों चर्चा में हैं?
शुभांगी पाटील धुले की प्रमुख नेता और उपनेता हैं, जो पहले महा विकास अघाड़ी (MVA) की उम्मीदवार के रूप में नासिक स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव लड़ चुकी हैं। 4 जुलाई को उन्हें शिंदे की शिवसेना में शामिल होना था, लेकिन डिप्टी सीएम के अस्पताल में भर्ती होने के कारण कार्यक्रम टल गया और अंततः रात 2 बजे डॉ. श्रीकांत शिंदे ने उन्हें पार्टी सदस्यता दिलाई।
एकनाथ शिंदे की अनुपस्थिति में पार्टी का कार्यक्रम कैसे संपन्न हुआ?
डिप्टी सीएम की अनुपस्थिति में उनके पुत्र और सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे ने वरिष्ठ पार्टी पदाधिकारियों की मौजूदगी में रात 2 बजे शुभांगी पाटील को पार्टी की सदस्यता दिलाई। यह कार्यक्रम रात 1:15 बजे समाप्त हुआ।
राष्ट्र प्रेस
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