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'ऑपरेशन टाइगर' 365 दिन, 24 घंटे जारी: मंत्री प्रताप सरनाईक का बड़ा बयान

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'ऑपरेशन टाइगर' 365 दिन, 24 घंटे जारी: मंत्री प्रताप सरनाईक का बड़ा बयान

सारांश

'ऑपरेशन टाइगर' महज़ एक राजनीतिक नारा नहीं — मंत्री प्रताप सरनाईक के बयान ने साफ़ कर दिया कि शिंदे गुट यूबीटी कार्यकर्ताओं के लिए दरवाज़े खुले रखने की रणनीति पर है। एक साल से चल रही यह चर्चा अब खुले बयानों में तब्दील हो रही है।

मुख्य बातें

महाराष्ट्र मंत्री प्रताप सरनाईक ने 16 जून 2026 को कहा कि 'ऑपरेशन टाइगर' साल के 365 दिन, 24 घंटे जारी है।
एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शिवसेना (यूबीटी) के कुछ सांसदों के शामिल होने की अटकलें तेज़ हैं।
सांसद नरेश म्हस्के ने उद्धव ठाकरे पर हिंदुत्व छोड़ने और चुनावी प्रचार से दूर रहने का आरोप लगाया।
विधायक दीपक केसरकर ने कहा कि ऐसा होने पर शिवसेना और एनडीए दोनों मज़बूत होंगे।
सपा नेता अबू आज़मी ने विचारधारा छोड़कर पार्टी बदलने वाले नेताओं की खुलकर निंदा की।
यूबीटी सांसद भाऊसाहेब वाकचौरे ने कहा — 'यह सिर्फ चर्चा है, अभी तक कुछ नहीं हुआ।'

महाराष्ट्र सरकार में मंत्री प्रताप सरनाईक ने 16 जून 2026 को मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया कि 'ऑपरेशन टाइगर' साल के 365 दिन और 24 घंटे सक्रिय रहता है। यह बयान ऐसे समय आया है जब महाराष्ट्र की राजनीति में यह चर्चा तेज़ है कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले शिवसेना (यूबीटी) गुट के कुछ सांसद डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो सकते हैं।

मंत्री सरनाईक का बयान

मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे की अगुवाई में काम करने के इच्छुक किसी भी शिवसैनिक के लिए उनके दरवाज़े हर वक्त खुले हैं। उनके शब्दों में, 'कोई भी शिव सैनिक, कॉर्पोरेटर, नगर परिषद अध्यक्ष या पार्टी कार्यकर्ता जो बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा में विश्वास रखता है और एकनाथ शिंदे की लीडरशिप पर भरोसा करता है, उसके लिए हमारे दरवाज़े हमेशा खुले हैं।'

शिवसेना नेताओं की प्रतिक्रिया

शिवसेना विधायक प्रकाश सुर्वे ने कहा कि उनके नेता ने साफ़ कहा है कि कोई भी उनके संपर्क में नहीं है। उन्होंने जोड़ा, 'अगर कोई जबरदस्ती हमारे पास लोगों को भेजना चाहता है, तो इसमें हमारी कोई गलती नहीं है।'

शिवसेना सांसद नरेश म्हस्के ने उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने हिंदुत्व की विचारधारा छोड़कर कांग्रेस से हाथ मिला लिया है। उन्होंने यह भी कहा कि जिला परिषदों, पंचायत समितियों और नगर निगमों के चुनावों में आदित्य ठाकरे और उद्धव ठाकरे ने प्रचार के लिए मुंबई नहीं छोड़ी। उनके अनुसार, 'अगर कोई कमांडर घर पर बैठकर सिर्फ निर्देश देता है, तो सैनिक उसके साथ नहीं रहेंगे।'

शिवसेना विधायक दीपक केसरकर ने कहा कि वे इस विषय पर अभी विस्तार से नहीं बोल सकते, लेकिन यदि ऐसा होता है तो यह एक सकारात्मक घटनाक्रम होगा जो शिवसेना को मज़बूत करेगा, बालासाहेब की विचारधारा को बल देगा और महाराष्ट्र में गठबंधन सरकार को अधिक स्थिर बनाएगा।

विपक्ष की आलोचना

समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता अबू आज़मी ने 'ऑपरेशन टाइगर' पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि देश के नेता लालच और डर की वजह से अपनी विचारधारा छोड़कर दूसरी पार्टियों में जा रहे हैं और ऐसे नेताओं की वे खुलकर निंदा करते हैं।

यूबीटी सांसद का अस्पष्ट जवाब

शिवसेना (यूबीटी) सांसद भाऊसाहेब वाकचौरे ने इस पूरे मामले पर कहा कि अभी तक कुछ भी नहीं हुआ है और यह केवल चर्चा है जो एक साल से चल रही है। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, 'आज तो मैं यहाँ हूँ, कल का क्या — कल मैं ज़िंदा रहूँगा या नहीं, यह भी पता नहीं।' यह बयान महाराष्ट्र की राजनीतिक अनिश्चितता को रेखांकित करता है।

गौरतलब है कि 'ऑपरेशन टाइगर' की चर्चा पिछले एक वर्ष से महाराष्ट्र की राजनीति में बनी हुई है। यह ऐसे समय में और तेज़ हुई है जब राज्य में स्थानीय निकाय चुनावों के बाद सियासी समीकरण तेज़ी से बदल रहे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि यह 'ऑपरेशन' केवल बयानबाज़ी तक सीमित रहता है या कोई ठोस राजनीतिक बदलाव सामने आता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन अब मंत्री स्तर पर खुले बयान आना यह संकेत देता है कि शिंदे गुट दबाव बनाने की रणनीति पर है। विडंबना यह है कि यूबीटी सांसद वाकचौरे का जवाब — 'कल का क्या पता' — न इनकार है, न स्वीकृति, जो खुद में एक राजनीतिक संदेश है। महाराष्ट्र में 2022 की टूट के बाद यह तीसरी बड़ी 'ऑपरेशन' की आँधी है; असली सवाल यह है कि क्या बयानबाज़ी से आगे कोई ठोस बदलाव होगा, या यह केवल सियासी दबाव की रणनीति बनकर रह जाएगा।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'ऑपरेशन टाइगर' क्या है?
'ऑपरेशन टाइगर' वह कथित राजनीतिक अभियान है जिसके तहत एकनाथ शिंदे की शिवसेना, उद्धव ठाकरे के यूबीटी गुट के सांसदों और कार्यकर्ताओं को अपने पाले में लाने की कोशिश कर रही है। मंत्री प्रताप सरनाईक के अनुसार यह अभियान साल के 365 दिन, 24 घंटे चलता है।
प्रताप सरनाईक ने 'ऑपरेशन टाइगर' पर क्या कहा?
मंत्री प्रताप सरनाईक ने 16 जून 2026 को मीडिया से बातचीत में कहा कि बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा में विश्वास रखने वाले और एकनाथ शिंदे की लीडरशिप पर भरोसा करने वाले किसी भी शिवसैनिक के लिए उनके दरवाज़े हमेशा खुले हैं।
शिवसेना (यूबीटी) ने 'ऑपरेशन टाइगर' पर क्या प्रतिक्रिया दी?
यूबीटी सांसद भाऊसाहेब वाकचौरे ने कहा कि अभी तक कुछ नहीं हुआ है और यह एक साल से चल रही महज़ चर्चा है। उनका बयान न स्पष्ट इनकार था, न स्वीकृति।
विपक्ष ने 'ऑपरेशन टाइगर' की आलोचना क्यों की?
सपा नेता अबू आज़मी ने कहा कि नेता लालच और डर की वजह से अपनी विचारधारा छोड़कर दूसरी पार्टियों में जा रहे हैं, जो लोकतंत्र के लिए हानिकारक है। उन्होंने ऐसे नेताओं की खुलकर निंदा की।
क्या शिवसेना (यूबीटी) के सांसद वास्तव में शिंदे गुट में शामिल होंगे?
अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। शिवसेना विधायक प्रकाश सुर्वे ने कहा कि कोई भी उनके संपर्क में नहीं है। यह मामला अटकलों और बयानबाज़ी के स्तर पर बना हुआ है।
राष्ट्र प्रेस
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