15 सितंबर 2026
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मसूद अजहर पर पाकिस्तानी इनाम को भारत ने 'खोखला ढोंग' बताया, MEA बोला — कार्रवाई करो, दिखावा नहीं

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मसूद अजहर पर पाकिस्तानी इनाम को भारत ने 'खोखला ढोंग' बताया, MEA बोला — कार्रवाई करो, दिखावा नहीं

सारांश

पाकिस्तान ने मसूद अजहर पर इनाम बढ़ाकर 70 लाख रुपए किया — भारत ने इसे 'खोखला ढोंग' बताया। 2021 में भी 50 लाख का ऐलान हुआ था, नतीजा शून्य रहा। विशेषज्ञों का कहना है यह FATF को गुमराह करने की कोशिश है, असली कार्रवाई का इरादा नहीं।

मुख्य बातें

MEA प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 15 सितंबर 2026 को पाकिस्तान के इनाम ऐलान को 'खोखला ढोंग' बताते हुए कार्रवाई की माँग की।
पाकिस्तान की FIA ने मसूद अजहर पर इनाम बढ़ाकर 70 लाख पाकिस्तानी रुपए किया; 2021 में यह 50 लाख था — तब भी कोई नतीजा नहीं निकला।
FIA की नई 'रेड बुक' में 26/11 मुंबई हमलों से जुड़े 19 अन्य आतंकवादियों के नाम भी शामिल।
विशेषज्ञों के अनुसार यह घोषणा FATF की नज़र से बचने की कोशिश है; अफगान तालिबान ने FIA के 'अजहर अफगानिस्तान में है' के दावे को नकारा।
JeM ने PAFF जैसे प्रॉक्सी संगठनों के ज़रिए पुंछ और राजौरी में हमले जारी रखे हैं।

विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 15 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित मीडिया ब्रीफिंग में पाकिस्तान के उस कदम को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के सरगना और संयुक्त राष्ट्र-घोषित वैश्विक आतंकवादी मसूद अजहर की गिरफ्तारी में सहायक जानकारी के बदले इनाम की राशि बढ़ाकर 70 लाख पाकिस्तानी रुपए की गई है। भारत ने इस घोषणा को एक और 'खोखला ढोंग' करार दिया और साफ कहा कि इस्लामाबाद को बयानों की जगह ठोस कार्रवाई करनी चाहिए।

भारत की सीधी और कड़ी प्रतिक्रिया

प्रवक्ता जायसवाल ने कहा, 'पाकिस्तान की ऐसी चालें और लोगों को गुमराह करने की कोशिश कोई नई बात नहीं हैं। हमने पहले भी ऐसी चालें देखी हैं। हम सब जानते हैं कि इसमें कोई दम नहीं है। उन्हें कार्रवाई करनी चाहिए, न कि ऐसे झूठे ऐलान करने चाहिए, जिनका कोई मतलब नहीं है।'

यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत-पाकिस्तान संबंध पहले से ही गहरे तनाव में हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस्लामाबाद पर आतंकी वित्तपोषण के मामले में नज़र बनाए हुए है।

पाकिस्तान का दावा और उसका खंडन

पाकिस्तान की फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (FIA) ने अपनी नई 'रेड बुक' में मसूद अजहर के साथ-साथ 26/11 मुंबई हमलों से जुड़े 19 अन्य आतंकवादियों के नाम भी दर्ज किए हैं। FIA का दावा है कि अजहर अफगानिस्तान में छिपा हुआ है।

हालाँकि, अफगान तालिबान इस दावे को कई बार नकार चुका है। भारतीय खुफिया अधिकारियों का लगातार यह कहना रहा है कि अजहर पाकिस्तान की ज़मीन पर ही मौजूद है। विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बिगड़े संबंधों के बीच ISI अजहर को अफगान क्षेत्र में स्थानांतरित करने का जोखिम नहीं उठाएगी।

FATF की नज़र से बचाव की कोशिश

सुरक्षा विश्लेषकों और जानकारों के अनुसार, इनाम की राशि बढ़ाने का असली मकसद फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) को यह दिखाना है कि पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ कदम उठा रहा है। आलोचकों का कहना है कि यह एक सुनियोजित 'परफॉर्मेटिव' कदम है जिसका ज़मीनी असर शून्य रहेगा।

गौरतलब है कि 2021 में भी FIA ने अजहर पर 50 लाख पाकिस्तानी रुपए के इनाम की घोषणा की थी, तब भी पाकिस्तान का यही रुख था कि वह उसकी ज़मीन पर नहीं है। उस घोषणा के बाद JeM या अजहर के विरुद्ध कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

जैश की बदलती रणनीति और भारत पर असर

पुलवामा आतंकी हमले का मास्टरमाइंड माने जाने वाले अजहर की निगरानी में JeM ने जम्मू-कश्मीर में अपनी रणनीति बदली है। संगठन ने अब हाइब्रिड वारफेयर और प्रॉक्सी फ्रंट का सहारा लेना शुरू किया है।

FATF की नज़र से बचने के लिए JeM ने 'पीपल्स एंटी-फासिस्ट फ्रंट (PAFF)' जैसे प्रॉक्सी संगठन खड़े किए हैं, जिन्होंने पुंछ और राजौरी के घने जंगलों में भारतीय सुरक्षा बलों पर घातक हमलों की जिम्मेदारी ली है।

आगे क्या होगा

भारतीय अधिकारियों का मानना है कि पाकिस्तान का फोकस अजहर को सुरक्षित रखना और उसे अंतरराष्ट्रीय जाँच से दूर रखना है। जब तक इस्लामाबाद जैश-ए-मोहम्मद के नेटवर्क के खिलाफ सत्यापन-योग्य कार्रवाई नहीं करता, भारत ऐसी हर घोषणा को 'दिखावे की राजनीति' के रूप में खारिज करता रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कि ज़मीन पर बदलाव के लिए। 2021 का 50 लाख रुपए का इनाम बेनतीजा रहा; अब 70 लाख का ऐलान भी उसी लीक पर चलता दिखता है। असली सवाल यह है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय — खासकर FATF — इस बार इस नाटक को किस हद तक स्वीकार करेगा। जब तक पाकिस्तान पर सत्यापन-योग्य परिणामों की माँग नहीं होगी, ऐसे 'रेड बुक' अभियान केवल राजनयिक आवरण बने रहेंगे।
RashtraPress
15 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पाकिस्तान ने मसूद अजहर पर इनाम क्यों बढ़ाया?
पाकिस्तान की FIA ने मसूद अजहर पर इनाम बढ़ाकर 70 लाख पाकिस्तानी रुपए किया है। विशेषज्ञों के अनुसार यह कदम FATF की निगरानी से बचने और आतंकवाद-विरोधी कार्रवाई का दिखावा करने के लिए उठाया गया है, न कि अजहर को वास्तव में पकड़ने के इरादे से।
भारत ने पाकिस्तान के इस फैसले पर क्या प्रतिक्रिया दी?
MEA प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 15 सितंबर 2026 को इस घोषणा को 'खोखला ढोंग' और 'झूठा ऐलान' करार दिया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को बयानबाज़ी की जगह ठोस कार्रवाई करनी चाहिए।
मसूद अजहर इस समय कहाँ है?
FIA का दावा है कि अजहर अफगानिस्तान में छिपा है, लेकिन अफगान तालिबान इस दावे को कई बार नकार चुका है। भारतीय खुफिया अधिकारियों का लगातार कहना है कि वह पाकिस्तान की ज़मीन पर ही मौजूद है।
क्या पाकिस्तान ने पहले भी अजहर पर इनाम घोषित किया था?
हाँ, 2021 में FIA ने मसूद अजहर पर 50 लाख पाकिस्तानी रुपए के इनाम की घोषणा की थी। उस समय भी पाकिस्तान ने दावा किया था कि अजहर उसकी ज़मीन पर नहीं है, और घोषणा के बावजूद जैश या अजहर के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
जैश-ए-मोहम्मद ने भारत में अपनी रणनीति कैसे बदली है?
अधिकारियों के अनुसार, JeM ने FATF की नज़र से बचने के लिए 'पीपल्स एंटी-फासिस्ट फ्रंट (PAFF)' जैसे प्रॉक्सी संगठनों के ज़रिए काम करना शुरू किया है। इस संगठन ने पुंछ और राजौरी में भारतीय सुरक्षा बलों पर घातक हमलों की जिम्मेदारी ली है।
राष्ट्र प्रेस
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