28 जून 2026
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कराची हमले में भारत पर आरोप: विदेश मंत्रालय ने किया खंडन, पाकिस्तान से कहा — खुद के आतंकी ढांचे पर करे कार्रवाई

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कराची हमले में भारत पर आरोप: विदेश मंत्रालय ने किया खंडन, पाकिस्तान से कहा — खुद के आतंकी ढांचे पर करे कार्रवाई

सारांश

कराची में पाकिस्तान रेंजर्स कैंप पर हुए हमले के बाद पाकिस्तान ने भारत पर आरोप लगाए — भारत ने तीखे शब्दों में खंडन किया। ISPR के अनुसार हमला जमात-उल-अहरार ने किया, जो TTP का ही एक गुट है। भारत का संदेश साफ: पहले अपनी जमीन पर पनप रहे आतंकवाद को खत्म करे पाकिस्तान।

मुख्य बातें

भारत के विदेश मंत्रालय ने 28 जून 2025 को कराची हमले में भारत की संलिप्तता के पाकिस्तान के आरोपों को पूरी तरह खारिज किया।
प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पाकिस्तान से कहा — अपनी जमीन पर मौजूद आतंकी ढांचे के खिलाफ ठोस कार्रवाई करे।
हमले में तीन पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मी मारे गए; तीन हमलावर ढेर, एक घायल गिरफ्तार।
ISPR के अनुसार हमला जमात-उल-अहरार ने किया — जो प्रतिबंधित TTP का एक अलग गुट है।
हमलावरों ने गुलिस्तान-ए-जौहर कैंप के मुख्य द्वार पर विस्फोट कर परिसर में घुसने की कोशिश की, जिसे रेंजर्स ने नाकाम किया।

भारत के विदेश मंत्रालय ने 28 जून 2025 को कराची में पाकिस्तान रेंजर्स के कैंप पर हुए आतंकी हमले को लेकर पाकिस्तान द्वारा लगाए गए आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया। मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पाकिस्तान को दूसरों पर उंगली उठाने के बजाय अपनी जमीन पर पनप रहे आतंकी ढांचे के खिलाफ ठोस कार्रवाई करनी चाहिए।

मुख्य घटनाक्रम

कराची के गुलिस्तान-ए-जौहर इलाके में स्थित पाकिस्तान रेंजर्स (सिंध) के कैंप पर हुए इस आतंकी हमले में तीन सुरक्षाकर्मी मारे गए। जवाबी कार्रवाई में तीन हथियारबंद हमलावर भी ढेर हो गए, जबकि एक घायल हमलावर को हिरासत में ले लिया गया। पाकिस्तानी सेना की मीडिया शाखा इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) ने रविवार को जारी बयान में दावा किया कि हमलावरों ने पहले कैंप के मुख्य द्वार पर विस्फोट किया और फिर परिसर में घुसने की कोशिश की।

भारत की प्रतिक्रिया

मीडिया के सवालों के जवाब में प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, 'हमने कराची में हाल ही में हुई घटना को लेकर भारत के खिलाफ लगाए गए पाकिस्तान के आरोपों वाली रिपोर्टें देखी हैं। हम इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हैं।' उन्होंने आगे कहा कि पाकिस्तान को 'अपनी जमीन पर मौजूद आतंकवादी ढांचे के खिलाफ ठोस और विश्वसनीय कार्रवाई करनी चाहिए और आतंकवाद को राज्य की नीति के एक साधन के रूप में इस्तेमाल करने की अपनी प्रवृत्ति को समाप्त करना चाहिए।'

हमले के पीछे कौन

ISPR के अनुसार, यह हमला जमात-उल-अहरार से जुड़े आतंकियों ने किया। जमात-उल-अहरार, प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) से अलग हुआ एक गुट है, जो पाकिस्तान के सुरक्षाबलों पर अनेक हमलों की जिम्मेदारी ले चुका है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान पहले से ही अपने उत्तर-पश्चिमी सीमावर्ती क्षेत्रों में TTP की बढ़ती गतिविधियों से जूझ रहा है।

भारत-पाकिस्तान तनाव का संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय संबंध पहले से ही तनावपूर्ण हैं। आलोचकों का कहना है कि पाकिस्तान की यह रणनीति — घरेलू आतंकी हमलों के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराना — नई नहीं है और इसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय ध्यान भटकाना है। भारत ने अब तक ऐसे हर आरोप को सिरे से नकारा है।

आगे क्या

भारत के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट कर दिया है कि वह इस मुद्दे पर अपना पक्ष अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी रखेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक पाकिस्तान अपनी जमीन से संचालित आतंकी नेटवर्क के खिलाफ सत्यापन-योग्य कदम नहीं उठाता, दोनों देशों के बीच राजनयिक तनाव बना रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक परिचित पटकथा है जो हर बड़े हमले के बाद दोहराई जाती है। विडंबना यह है कि ISPR खुद स्वीकार करता है कि हमला जमात-उल-अहरार ने किया — एक ऐसा संगठन जो पाकिस्तान की अपनी धरती पर पला-बढ़ा है। जब तक पाकिस्तान TTP और उसके सहयोगी गुटों के खिलाफ सत्यापन-योग्य और निरंतर कार्रवाई नहीं करता, अंतरराष्ट्रीय समुदाय में उसकी विश्वसनीयता संदिग्ध बनी रहेगी। भारत का खंडन इस बार केवल रक्षात्मक नहीं, बल्कि आक्रामक कूटनीतिक संदेश है।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कराची आतंकी हमले में भारत पर क्या आरोप लगे?
पाकिस्तान से आई कुछ रिपोर्टों में कराची के गुलिस्तान-ए-जौहर स्थित पाकिस्तान रेंजर्स कैंप पर हुए हमले के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराया गया। भारत के विदेश मंत्रालय ने इन आरोपों को 28 जून 2025 को पूरी तरह बेबुनियाद करार देते हुए खारिज कर दिया।
भारत के विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करता है और पाकिस्तान को दूसरों पर उंगली उठाने के बजाय अपनी जमीन पर मौजूद आतंकी ढांचे के खिलाफ ठोस और विश्वसनीय कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान को आतंकवाद को राज्य नीति के साधन के रूप में इस्तेमाल करने की प्रवृत्ति समाप्त करनी चाहिए।
कराची हमले में कितने लोग मारे गए और हमलावर कौन थे?
ISPR के अनुसार हमले में तीन पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मी शहीद हुए। जवाबी कार्रवाई में तीन हमलावर मारे गए और एक घायल हमलावर को गिरफ्तार किया गया। ISPR ने दावा किया कि हमला जमात-उल-अहरार से जुड़े आतंकियों ने किया।
जमात-उल-अहरार कौन सा संगठन है?
जमात-उल-अहरार, प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) से अलग हुआ एक गुट है जो पाकिस्तान में सक्रिय है। यह संगठन पाकिस्तान के सुरक्षाबलों और नागरिक प्रतिष्ठानों पर कई हमलों की जिम्मेदारी ले चुका है।
क्या भारत-पाकिस्तान के बीच इस तरह के आरोप-प्रत्यारोप पहले भी हुए हैं?
हाँ, पाकिस्तान में होने वाले आतंकी हमलों के बाद भारत पर आरोप लगाना पाकिस्तान की पुरानी रणनीति रही है। भारत हर बार ऐसे आरोपों को खारिज करता आया है और पाकिस्तान से अपनी धरती पर सक्रिय आतंकी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई की माँग करता रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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