लालबागचा राजा: पहले दिन ₹48.50 लाख का दान, FDA ने मंडलों को दी खाद्य सुरक्षा की ट्रेनिंग
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई के विश्वविख्यात लालबागचा राजा गणेशोत्सव मंडल में 15 सितंबर 2026 को उत्सव के पहले ही दिन श्रद्धालुओं ने कुल ₹48 लाख 50 हजार का दान अर्पित किया — जो पिछले वर्ष के पहले दिन के ₹46 लाख के दान से उल्लेखनीय रूप से अधिक है। इस वर्ष गणेश चतुर्थी पर आस्था की यह बाढ़ मुंबई की धार्मिक परंपरा की गहरी जड़ों को एक बार फिर रेखांकित करती है।
दान का विवरण
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुल ₹48 लाख 50 हजार के दान में से स्टेज बॉक्स में ₹27 लाख 50 हजार और कलर बॉक्स में ₹21 लाख की राशि चढ़ाई गई। तुलनात्मक रूप से, 2025 के गणेश उत्सव के पहले दिन यह आंकड़ा ₹46 लाख था, अर्थात इस वर्ष करीब ₹2 लाख 50 हजार की वृद्धि दर्ज की गई है।
यह ऐसे समय में आया है जब पूरे देश में गणेशोत्सव की रौनक छाई हुई है और मुंबई के प्रमुख मंडलों में दर्शनार्थियों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं।
FDA की जागरूकता वर्कशॉप
ग्रेटर मुंबई खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने उत्सव के मद्देनज़र मुंबई में अलग-अलग स्थानों पर कुल 5 जागरूकता वर्कशॉप आयोजित कीं, जिनमें विभिन्न गणेश मंडलों के 320 पदाधिकारियों और संबंधित संगठनों के सदस्यों ने भाग लिया।
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के साथ मिलकर FDA ने 110 स्वयं सहायता समूहों (SHG) के लिए 'मोदक की मिठास, खाद्य सुरक्षा का भरोसा' शीर्षक से एक विशेष सत्र आयोजित किया। यह सत्र मोदक निर्माण में लगे प्रतिनिधियों को स्वच्छता और गुणवत्ता के मानक सिखाने के उद्देश्य से रखा गया था।
खाद्य सुरक्षा के क्या निर्देश दिए गए
वर्कशॉप में आयुक्त (खाद्य) और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने उपस्थित प्रतिनिधियों को 'खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006' के शेड्यूल 4 के प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। अच्छी स्वच्छता प्रथाओं (GHP) और अच्छी निर्माण प्रथाओं (GMP) पर विशेष ज़ोर दिया गया।
गौरतलब है कि सभी गणेश मंडलों को निर्देश दिया गया कि भंडारा, महाप्रसाद और अन्य खाद्य सामग्री वितरित करने से पहले संबंधित आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध फॉर्म/अपेंडिक्स-सी भरकर कार्यालय में जमा करें। साथ ही, खाद्य सामग्री की खरीद केवल लाइसेंसप्राप्त या पंजीकृत प्रतिष्ठानों से ही करें और उचित बिल अनिवार्य रूप से प्राप्त करें।
आम जनता पर असर
इन वर्कशॉप का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि गणेशोत्सव के दौरान लाखों भक्तों को सुरक्षित, पौष्टिक और बिना मिलावट वाला प्रसाद एवं भोजन मिले। महाराष्ट्र का FDA 'फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006' के तहत इस दिशा में सतत प्रयास कर रहा है।
आने वाले दिनों में उत्सव के बढ़ते दिनों के साथ दान की राशि और श्रद्धालुओं की संख्या में और वृद्धि होने की संभावना है, जबकि FDA की टीमें मंडलों में निरीक्षण जारी रखेंगी।