28 अगस्त 2026
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गणेशोत्सव 2026: CM फडणवीस ने मंडलों को दिए प्रसाद शुद्धता और कानून-व्यवस्था के सख्त निर्देश

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गणेशोत्सव 2026: CM फडणवीस ने मंडलों को दिए प्रसाद शुद्धता और कानून-व्यवस्था के सख्त निर्देश

सारांश

गणेशोत्सव 2026 से पहले CM फडणवीस ने मुंबई में बड़ी समीक्षा बैठक बुलाई — प्रसाद की FDA-अनुरूप शुद्धता, विसर्जन मार्गों पर गड्ढामुक्त सड़कें, पटाखों पर सख्ती और सोशल मीडिया अफवाहों से सतर्कता — ये रहे मुख्य एजेंडे। उपमुख्यमंत्री शिंदे ने मंडलों को पाँच वर्षीय अनुमति का भी ऐलान किया।

मुख्य बातें

CM देवेंद्र फडणवीस ने 27 अगस्त 2026 को सह्याद्री गेस्ट हाउस, मुंबई में गणेशोत्सव-2026 की कानून-व्यवस्था समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
गणेश मंडलों को खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के मानकों के अनुसार प्रसाद की शुद्धता सुनिश्चित करने और प्रशिक्षण लेने के निर्देश दिए गए।
मुंबई में 1,850 किलोमीटर कंक्रीट सड़कों के बावजूद विसर्जन मार्गों पर गड्ढामुक्त और रात्रि-प्रकाशित रास्तों की व्यवस्था सुनिश्चित करने का आदेश।
BMC अधिनियम धारा 143 के तहत ट्रस्ट-पंजीकृत कार्यालयों को संपत्ति कर छूट; नगर आयुक्त ने मंजूरी दी।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने गणेश मंडलों को पाँच वर्ष की अनुमति देने की प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी दी।
उच्च न्यायालय ने गणेशोत्सव संबंधी पिछले वर्ष का फैसला बरकरार रखा, जिससे मंडलों की कई परेशानियाँ कम हुईं।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 27 अगस्त 2026 को सह्याद्री गेस्ट हाउस, मुंबई में आयोजित गणेशोत्सव-2026 की कानून-व्यवस्था समीक्षा बैठक में गणेश मंडलों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे भक्तों को वितरित किए जाने वाले प्रसाद की शुद्धता सुनिश्चित करें और खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के न्यूनतम मानकों का पालन अनिवार्य रूप से करें। उन्होंने कहा कि मंडलों को इस संबंध में मार्गदर्शन और प्रशिक्षण प्राप्त करने की पहल करनी चाहिए, ताकि भक्तों को मिलावट-रहित प्रसाद मिल सके। राज्य-स्तरीय त्योहार का दर्जा पाने के बाद यह पहली बार है जब सरकार ने प्रसाद गुणवत्ता को इतनी प्राथमिकता दी है।

मुख्य निर्देश और प्रशासनिक निर्णय

फडणवीस ने कहा कि लोकमान्य तिलक द्वारा गणेशोत्सव के माध्यम से स्थापित सामाजिक एकता और जागरूकता की परंपरा को पूरे महाराष्ट्र में आगे बढ़ाना आवश्यक है। उन्होंने प्रशासन, मंडलों और समन्वय समितियों को परस्पर समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया। गणेश मंडलों के लंबित परमिट मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने का आदेश भी दिया गया — विशेष रूप से पुराने मंडलों के नियमित परमिट, जिन्हें प्रशासन को स्वयं सक्रिय होकर जारी करना होगा।

बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) अधिनियम की धारा 143 के अंतर्गत ट्रस्ट के नाम पर पंजीकृत कार्यालयों को संपत्ति कर में छूट के लिए संबंधित बोर्डों को आवश्यक दस्तावेजों सहित आवेदन करना होगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि नगर आयुक्त ने इस प्रावधान को मंजूरी दे दी है।

सुरक्षा और यातायात व्यवस्था

मुंबई में लगभग 1,850 किलोमीटर सड़कें कंक्रीट की बनाई गई हैं। इसके बावजूद, गणेश प्रतिमाओं के आगमन और विसर्जन मार्गों पर गड्ढों की अनुपस्थिति और रात्रि में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम को विशेष ध्यान देने को कहा गया। बड़ी प्रतिमाओं के जुलूस के दौरान प्रतिमा के ढाँचे, नट-बोल्ट, वेल्डिंग और अन्य जोड़ों की सुरक्षा जाँच अनिवार्य की गई है।

पुलिस को पटाखों और लाउडस्पीकर के अनधिकृत उपयोग पर कड़ी नजर रखने और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलाने की किसी भी कोशिश की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील मंडल पदाधिकारियों से की गई।

उपमुख्यमंत्री शिंदे की अपील

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि पुलिस, नगर निगम और संबंधित विभागों ने आगमन व विसर्जन के लिए सुरक्षित और अनुशासित योजना तैयार की है, जिसमें मंडलों के सुझावों को भी शामिल किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि गणेश मंडलों को पाँच वर्ष की अनुमति देने की प्रक्रिया शुरू की गई है। आगमन और विसर्जन के दौरान छोटे बच्चों और भक्तों को प्रतिमा से सुरक्षित दूरी पर रखने की विशेष अपील की गई।

न्यायालय और प्रशासनिक राहत

गौरतलब है कि उच्च न्यायालय ने गणेशोत्सव से संबंधित पिछले वर्ष के फैसले को बरकरार रखा है, जिससे मंडलों की कई परेशानियाँ काफी हद तक कम हो गई हैं। सरकार ने बताया कि यह मामला उच्च न्यायालय के संज्ञान में भी लाया गया है।

बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी

बैठक में कौशल, रोजगार, उद्यमिता और नवाचार मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा, सांस्कृतिक मामलों के मंत्री अधिवक्ता आशीष शेलार (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से), गृह राज्य मंत्री योगेश कदम, मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल, महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष सिद्धेश कदम, पुलिस महानिदेशक सदानंद दाते तथा मंत्रालय, BMC और जिला परिषद के वरिष्ठ अधिकारी एवं गणेशोत्सव मंडलों के पदाधिकारी उपस्थित थे। आगे, राज्य सरकार ने भरोसा दिलाया है कि मंडलों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन प्रसाद शुद्धता के FDA मानकों को लेकर मंडलों को 'प्रशिक्षण लेने की अपील' करना पर्याप्त नहीं है — यह स्पष्ट नहीं है कि अनुपालन की जाँच कौन करेगा और उल्लंघन पर क्या दंड होगा। परमिट प्रक्रिया में देरी की समस्या हर वर्ष उठती है, फिर भी समाधान अभी भी 'सक्रिय पहल' के स्तर पर है, न कि संस्थागत सुधार के। पाँच वर्षीय अनुमति की घोषणा सकारात्मक कदम है, पर इसका क्रियान्वयन-ढाँचा सार्वजनिक नहीं किया गया। जब तक FDA निरीक्षण, परमिट स्वचालन और सुरक्षा ऑडिट को कानूनी बाध्यता नहीं दी जाती, ये निर्देश अगले वर्ष फिर दोहराए जाने की संभावना है।
RashtraPress
28 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CM फडणवीस ने गणेश मंडलों को प्रसाद के बारे में क्या निर्देश दिए?
मुख्यमंत्री फडणवीस ने निर्देश दिया कि गणेश मंडल खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के न्यूनतम मानकों का पालन करें और भक्तों को शुद्ध, मिलावट-रहित प्रसाद वितरित करें। इसके लिए मंडलों को संबंधित प्रशिक्षण और मार्गदर्शन प्राप्त करने की पहल करने को कहा गया है।
गणेशोत्सव 2026 के लिए परमिट प्रक्रिया में क्या बदलाव हुआ है?
मुख्यमंत्री फडणवीस ने निर्देश दिया कि पुराने मंडलों के नियमित परमिट प्रशासन द्वारा स्वयं सक्रिय होकर शीघ्र जारी किए जाएँ और कोई भी परमिट मामला लंबित न रहे। इसके अतिरिक्त, उपमुख्यमंत्री शिंदे ने बताया कि मंडलों को पाँच वर्ष की अनुमति देने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।
गणेश विसर्जन मार्गों पर सुरक्षा के लिए क्या व्यवस्था की गई है?
विसर्जन और आगमन मार्गों पर गड्ढे न हों और रात में पर्याप्त रोशनी हो, यह सुनिश्चित करने के निर्देश नगर निगम को दिए गए हैं। बड़ी प्रतिमाओं के ढाँचे, नट-बोल्ट और वेल्डिंग की सुरक्षा जाँच भी अनिवार्य की गई है।
BMC अधिनियम की धारा 143 से गणेश मंडलों को क्या फायदा मिलेगा?
बृहन्मुंबई नगर निगम अधिनियम की धारा 143 के तहत ट्रस्ट के नाम पर पंजीकृत कार्यालयों को संपत्ति कर में छूट मिलती है। नगर आयुक्त ने इस प्रावधान को मंजूरी दे दी है और संबंधित बोर्डों को आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन करना होगा।
उच्च न्यायालय के फैसले से गणेश मंडलों को कैसे राहत मिली?
उच्च न्यायालय ने गणेशोत्सव से संबंधित पिछले वर्ष के अपने फैसले को बरकरार रखा है, जिससे मंडलों की कई कानूनी और प्रशासनिक परेशानियाँ काफी हद तक कम हो गई हैं। सरकार ने इस मामले को न्यायालय के संज्ञान में भी लाया है।
राष्ट्र प्रेस
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