क्या शिरडी में गणेशोत्सव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता है?

सारांश
Key Takeaways
- गणेशोत्सव की तैयारी जोरों पर है।
- पुलिस ने सुरक्षा को प्राथमिकता दी है।
- ध्वनि प्रदूषण पर सख्त निगरानी रखी जाएगी।
- श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध हैं।
- प्रशासन का उद्देश्य शांति और सुरक्षा बनाए रखना है।
शिरडी, 26 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। साईं बाबा की नगरी शिरडी में गणेशोत्सव की तैयारियां जोरों पर हैं। 27 अगस्त से आरंभ होने वाले इस पावन पर्व को शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से मनाने के लिए पुलिस प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा उपाय किए हैं।
उप पुलिस अधीक्षक (डीवाईएसपी) अमोल भारती ने बताया कि गणेशोत्सव के दौरान किसी भी अनुचित घटना को सहन नहीं किया जाएगा। इसके लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, जो भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और शांति-सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हमेशा तैयार रहेगा। प्रशासन ने उत्सव के दौरान शिरडी में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। शहर के प्रमुख मंदिरों, सार्वजनिक स्थानों और गणेश मंडलों के आसपास विशेष निगरानी रखी जाएगी।
उन्होंने कहा कि गणेशोत्सव शिरडी की सांस्कृतिक और धार्मिक एकता का प्रतीक है। इसे ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने हर स्तर पर पुख्ता इंतजाम किए हैं, ताकि उत्सव के दौरान किसी भी प्रकार की बाधा न हो। इस बार ध्वनि प्रदूषण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। यदि कोई गणेश मंडल या आयोजक निर्धारित सीमा से अधिक ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले डीजे या साउंड सिस्टम का उपयोग करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने आयोजकों से अपील की है कि वे ध्वनि प्रदूषण के नियमों का सख्ती से पालन करें, ताकि श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। पुलिस ने यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए विशेष योजना बनाई है।
शहर के प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, जो यातायात को नियंत्रित करेंगे। साथ ही, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पार्किंग स्थलों और अन्य आवश्यक सुविधाओं का भी इंतजाम किया गया है।
पुलिस प्रशासन ने श्रद्धालुओं और नागरिकों से अपील की है कि वे गणेशोत्सव के दौरान शांति बनाए रखें और प्रशासन को पूरा सहयोग दें।
अधिकारी ने कहा, “हमारा उद्देश्य है कि यह उत्सव आनंदमय और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो। सभी से अनुरोध है कि वे नियमों का पालन करें और उत्सव की गरिमा बनाए रखें।”