गणेशोत्सव 2025: CM फडणवीस ने 45 हजार मंडलों के प्रतिनिधियों संग की बैठक, वन विंडो सिस्टम पर जोर
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 27 अगस्त को मुंबई में गणेशोत्सव मंडलों के प्रतिनिधियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की, जिसमें मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र में सार्वजनिक गणेशोत्सव के सुचारु आयोजन को लेकर व्यापक चर्चा हुई। बैठक में अनुमति प्रक्रिया, प्रतिमा आगमन-विसर्जन जुलूस, यातायात प्रबंधन, सड़कों की दशा और सुरक्षा व्यवस्था जैसे अहम मुद्दे केंद्र में रहे।
बैठक में कौन-कौन शामिल हुए
अखिल सार्वजनिक गणेशोत्सव महासंघ के सचिव सुरेश भिकाजी सरनोबत ने बताया कि बैठक में मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती, मुंबई महानगरपालिका (BMC) के आयुक्त और महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों एवं महानगरपालिकाओं के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। जिला स्तर के अधिकारियों को भी तैयारियों के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
सरनोबत ने बताया कि आशीष शेलार के सहयोग से स्थापित यह महासंघ राज्य के करीब 45 हजार गणेशोत्सव मंडलों से जुड़े मुद्दों की पैरवी करता है। वे स्वयं लगभग 40 वर्षों से सार्वजनिक गणेशोत्सव आंदोलन से जुड़े हैं।
वन विंडो सिस्टम की माँग
बैठक में सबसे प्रमुख माँग यह रही कि मंडलों को उत्सव आयोजन, प्रतिमा आगमन और विसर्जन जुलूस के लिए विभिन्न विभागों से अनुमतियाँ लेने की प्रक्रिया को सरल बनाया जाए। इसके लिए वन विंडो सिस्टम लागू करने पर जोर दिया गया, ताकि मंडलों को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें और वे समय पर अपनी तैयारियाँ पूरी कर सकें।
सरनोबत ने कहा कि मुंबई महानगरपालिका, पुलिस और ट्रैफिक पुलिस के साथ मंडलों का समन्वय सुदृढ़ होना आवश्यक है, ताकि उत्सव के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
कोंकण यातायात और सड़कों की समस्या
बैठक में गणेशोत्सव के दौरान कोंकण जाने वाले श्रद्धालुओं की यातायात और सड़क संबंधी समस्याओं पर भी विस्तृत चर्चा हुई। सरनोबत के अनुसार, हर वर्ष करीब 40 हजार लोग एसटी महामंडल की बसों से कोंकण की ओर प्रस्थान करते हैं और लगभग 10 हजार एसटी बसों की बुकिंग होती है।
गोवा मार्ग और संबंधित सड़कों की जर्जर हालत का मुद्दा भी उठाया गया। लोक निर्माण विभाग (PWD) के इंजीनियरों से आग्रह किया गया कि त्योहार से पहले सड़क संबंधी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए।
सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाओं से आगाह
बैठक में इस बात पर भी ध्यान दिलाया गया कि गणेश मंडलों के व्हाट्सऐप ग्रुप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अनेक प्रकार की सूचनाएँ तेज़ी से प्रसारित होती हैं। मंडलों को सलाह दी गई कि केवल सत्यापित और उपयोगी जानकारी ही साझा करें, तथा भ्रामक अफवाहों से सतर्क रहें।
भुलेश्वर हादसे से सबक और सुरक्षा की अपील
बैठक में हाल ही में भुलेश्वर के 'राजा' सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल की प्रतिमा से जुड़ी दुखद घटना का भी उल्लेख हुआ, जिसमें दो लोगों की मौत की बात सामने आई थी। सरनोबत ने बताया कि इस घटना के सटीक कारणों को लेकर अभी तक पुलिस की आधिकारिक रिपोर्ट सामने नहीं आई है। कथित तौर पर प्रतिमा प्रवेश के दौरान किसी तकनीकी समस्या और सड़क पर गड्ढे की भूमिका हो सकती है, लेकिन इसकी पुष्टि जाँच के बाद ही होगी।
उन्होंने सभी गणेशोत्सव मंडलों से अपील की कि बड़ी प्रतिमाओं के परिवहन के दौरान पर्याप्त सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएँ और इस हादसे से सबक लिया जाए।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने बैठक में स्पष्ट किया कि सार्वजनिक गणेशोत्सव को महाराष्ट्र के राज्योत्सव का दर्जा प्राप्त है और इस गरिमा को बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने मंडलों और नागरिकों से उत्साह के साथ-साथ अनुशासन और जिम्मेदारी के भाव से उत्सव मनाने की अपील की। आगामी दिनों में प्रशासन और मंडलों के बीच समन्वय की यह कड़ी और मज़बूत होने की उम्मीद है।