27 अगस्त 2026
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गणेशोत्सव 2025: CM फडणवीस ने 45 हजार मंडलों के प्रतिनिधियों संग की बैठक, वन विंडो सिस्टम पर जोर

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गणेशोत्सव 2025: CM फडणवीस ने 45 हजार मंडलों के प्रतिनिधियों संग की बैठक, वन विंडो सिस्टम पर जोर

सारांश

गणेशोत्सव से पहले CM फडणवीस ने राज्य के 45 हजार मंडलों के प्रतिनिधियों को एक मेज पर बुलाया। वन विंडो सिस्टम, कोंकण सड़कों की दुर्दशा और भुलेश्वर में दो जानें लेने वाले हादसे की छाया — इस बैठक ने महोत्सव की तैयारियों को प्रशासनिक गंभीरता दी।

मुख्य बातें

CM देवेंद्र फडणवीस ने 27 अगस्त को गणेशोत्सव मंडलों के प्रतिनिधियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की।
राज्य के करीब 45 हजार गणेशोत्सव मंडलों के लिए वन विंडो सिस्टम लागू करने पर जोर दिया गया।
गणेशोत्सव के दौरान करीब 40 हजार श्रद्धालु एसटी बसों से कोंकण जाते हैं; गोवा मार्ग की सड़कों की मरम्मत का आग्रह किया गया।
भुलेश्वर के 'राजा' मंडल की प्रतिमा से जुड़े हादसे में दो लोगों की मौत ; पुलिस जाँच जारी।
सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाओं से बचने की सलाह; मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती और BMC आयुक्त भी बैठक में उपस्थित।
CM फडणवीस ने सार्वजनिक गणेशोत्सव को महाराष्ट्र के राज्योत्सव का दर्जा बताते हुए अनुशासन के साथ उत्सव मनाने की अपील की।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 27 अगस्त को मुंबई में गणेशोत्सव मंडलों के प्रतिनिधियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की, जिसमें मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र में सार्वजनिक गणेशोत्सव के सुचारु आयोजन को लेकर व्यापक चर्चा हुई। बैठक में अनुमति प्रक्रिया, प्रतिमा आगमन-विसर्जन जुलूस, यातायात प्रबंधन, सड़कों की दशा और सुरक्षा व्यवस्था जैसे अहम मुद्दे केंद्र में रहे।

बैठक में कौन-कौन शामिल हुए

अखिल सार्वजनिक गणेशोत्सव महासंघ के सचिव सुरेश भिकाजी सरनोबत ने बताया कि बैठक में मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती, मुंबई महानगरपालिका (BMC) के आयुक्त और महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों एवं महानगरपालिकाओं के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। जिला स्तर के अधिकारियों को भी तैयारियों के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

सरनोबत ने बताया कि आशीष शेलार के सहयोग से स्थापित यह महासंघ राज्य के करीब 45 हजार गणेशोत्सव मंडलों से जुड़े मुद्दों की पैरवी करता है। वे स्वयं लगभग 40 वर्षों से सार्वजनिक गणेशोत्सव आंदोलन से जुड़े हैं।

वन विंडो सिस्टम की माँग

बैठक में सबसे प्रमुख माँग यह रही कि मंडलों को उत्सव आयोजन, प्रतिमा आगमन और विसर्जन जुलूस के लिए विभिन्न विभागों से अनुमतियाँ लेने की प्रक्रिया को सरल बनाया जाए। इसके लिए वन विंडो सिस्टम लागू करने पर जोर दिया गया, ताकि मंडलों को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें और वे समय पर अपनी तैयारियाँ पूरी कर सकें।

सरनोबत ने कहा कि मुंबई महानगरपालिका, पुलिस और ट्रैफिक पुलिस के साथ मंडलों का समन्वय सुदृढ़ होना आवश्यक है, ताकि उत्सव के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।

कोंकण यातायात और सड़कों की समस्या

बैठक में गणेशोत्सव के दौरान कोंकण जाने वाले श्रद्धालुओं की यातायात और सड़क संबंधी समस्याओं पर भी विस्तृत चर्चा हुई। सरनोबत के अनुसार, हर वर्ष करीब 40 हजार लोग एसटी महामंडल की बसों से कोंकण की ओर प्रस्थान करते हैं और लगभग 10 हजार एसटी बसों की बुकिंग होती है।

गोवा मार्ग और संबंधित सड़कों की जर्जर हालत का मुद्दा भी उठाया गया। लोक निर्माण विभाग (PWD) के इंजीनियरों से आग्रह किया गया कि त्योहार से पहले सड़क संबंधी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए।

सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाओं से आगाह

बैठक में इस बात पर भी ध्यान दिलाया गया कि गणेश मंडलों के व्हाट्सऐप ग्रुप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अनेक प्रकार की सूचनाएँ तेज़ी से प्रसारित होती हैं। मंडलों को सलाह दी गई कि केवल सत्यापित और उपयोगी जानकारी ही साझा करें, तथा भ्रामक अफवाहों से सतर्क रहें।

भुलेश्वर हादसे से सबक और सुरक्षा की अपील

बैठक में हाल ही में भुलेश्वर के 'राजा' सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल की प्रतिमा से जुड़ी दुखद घटना का भी उल्लेख हुआ, जिसमें दो लोगों की मौत की बात सामने आई थी। सरनोबत ने बताया कि इस घटना के सटीक कारणों को लेकर अभी तक पुलिस की आधिकारिक रिपोर्ट सामने नहीं आई है। कथित तौर पर प्रतिमा प्रवेश के दौरान किसी तकनीकी समस्या और सड़क पर गड्ढे की भूमिका हो सकती है, लेकिन इसकी पुष्टि जाँच के बाद ही होगी।

उन्होंने सभी गणेशोत्सव मंडलों से अपील की कि बड़ी प्रतिमाओं के परिवहन के दौरान पर्याप्त सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएँ और इस हादसे से सबक लिया जाए।

मुख्यमंत्री फडणवीस ने बैठक में स्पष्ट किया कि सार्वजनिक गणेशोत्सव को महाराष्ट्र के राज्योत्सव का दर्जा प्राप्त है और इस गरिमा को बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने मंडलों और नागरिकों से उत्साह के साथ-साथ अनुशासन और जिम्मेदारी के भाव से उत्सव मनाने की अपील की। आगामी दिनों में प्रशासन और मंडलों के बीच समन्वय की यह कड़ी और मज़बूत होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस बार भुलेश्वर हादसे ने एजेंडे को एक नई गंभीरता दी है — दो मौतें महज प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि बड़ी प्रतिमाओं के परिवहन को लेकर दशकों से चली आ रही अनदेखी का नतीजा हैं। वन विंडो सिस्टम की माँग नई नहीं है; यह हर साल उठती है और हर साल अगले साल पर टल जाती है। असली परीक्षा यह है कि क्या इस बार यह सिस्टम उत्सव से पहले ज़मीन पर उतरेगा या महज बैठक के मिनट्स में दर्ज रहेगा। 45 हजार मंडलों की ज़िम्मेदारी और करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षा — यह केवल धार्मिक आयोजन नहीं, एक विशाल लॉजिस्टिक चुनौती है जिसे राजनीतिक इच्छाशक्ति के बिना नहीं सँभाला जा सकता।
RashtraPress
27 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CM फडणवीस ने गणेशोत्सव मंडलों के साथ बैठक में क्या मुख्य फैसले हुए?
बैठक में मंडलों के लिए वन विंडो अनुमति प्रणाली लागू करने, कोंकण मार्ग की सड़कें दुरुस्त करने और सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाओं से बचने पर जोर दिया गया। जिला स्तरीय अधिकारियों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
वन विंडो सिस्टम से गणेश मंडलों को क्या फायदा होगा?
वन विंडो सिस्टम के तहत मंडलों को उत्सव आयोजन, प्रतिमा आगमन और विसर्जन जुलूस के लिए एक ही खिड़की से सभी अनुमतियाँ मिल सकेंगी। इससे अलग-अलग विभागों के चक्कर लगाने की परेशानी समाप्त होगी और समय पर तैयारियाँ पूरी हो सकेंगी।
भुलेश्वर के 'राजा' मंडल से जुड़ा हादसा क्या था?
हाल ही में मुंबई के भुलेश्वर स्थित 'राजा' सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल की प्रतिमा से जुड़ी एक दुखद घटना में दो लोगों की मौत की बात सामने आई। कथित तौर पर प्रतिमा प्रवेश के दौरान किसी तकनीकी समस्या और सड़क पर गड्ढे की भूमिका हो सकती है, हालाँकि पुलिस की आधिकारिक जाँच रिपोर्ट अभी आनी बाकी है।
गणेशोत्सव के दौरान कोंकण जाने वाले श्रद्धालुओं की क्या व्यवस्था है?
हर साल गणेशोत्सव के दौरान करीब 40 हजार लोग एसटी महामंडल की बसों से कोंकण की ओर जाते हैं और लगभग 10 हजार एसटी बसों की बुकिंग होती है। बैठक में गोवा मार्ग की सड़कों की स्थिति सुधारने के लिए PWD इंजीनियरों से त्वरित कार्रवाई का आग्रह किया गया।
महाराष्ट्र में कितने सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल हैं?
अखिल सार्वजनिक गणेशोत्सव महासंघ के अनुसार, महाराष्ट्र में करीब 45 हजार सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल हैं। यह महासंघ आशीष शेलार के सहयोग से स्थापित हुआ है और पिछले लगभग 40 वर्षों से इन मंडलों के मुद्दों की पैरवी करता आ रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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